Company Logo

Vanshika

WEFRU9450291115202
Scan to visit website

Scan QR code to visit our website

Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
Digital Diary Submit Post Vanshika

राष्ट्रवाद का अर्थ

राष्ट्रवाद का अर्थ
 राष्ट्रवाद का अर्थ  राष्ट्रवाद एक सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक भावना है जो लोगों को एकता के सूत्र में बनती है यह एक ऐसी सामूहिक भावना है जो एक भूभाग में रहने वाले विभिन्न लोगों को एक राजनीतिक संगठन का सदस्य बने रहने की प्रेरणा देती है और अपने देश से प्रेम करना भी सिखाती है  फ्रांस में नेपोलियन के पश्चात यूरोपीय राजनीतिज्ञों ने राष्ट्रवाद की अपेक्षा की किंतु इस भावना को वह पूर्ण दबा नहीं सके कालांतर... Read More
 राष्ट्रवाद का अर्थ  राष्ट्रवाद एक सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक भावना है जो लोगों को एकता के सूत्र में बनती है यह एक ऐसी सामूहिक भावना है जो एक भूभाग में रहने वाले विभिन्न लोगों को एक राजनीतिक संगठन का सदस्य बने रहने की प्रेरणा देती है और अपने देश से प्रेम करना भी सिखाती है  फ्रांस में नेपोलियन के पश्चात यूरोपीय राजनीतिज्ञों ने राष्ट्रवाद की अपेक्षा की किंतु इस भावना को वह पूर्ण दबा नहीं सके कालांतर में राष्ट्रीयता के आधार पर ही यूरोप में इटली तथा जर्मनी जैसे राष्ट्रवादी राज्यों का विकास हुआ नेपोलियन पहला व्यक्ति था जिसने इटली तथा जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशांत किया था इन दोनों देशों में एक ही राष्ट्रीयता के लोग राजनीतिक सीमाओं द्वारा विभाजित थे  धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 10 Jul 2026 10 Views

क्रिप्स मिशन(मार्च 1942)

क्रिप्स मिशन(मार्च  1942)
 क्रिप्स मिशन  युद्ध के प्रारंभिक चरण में ब्रिटेन और मित्र राष्ट्रों की स्थिति बिगड़ती जा रही थी 1942 ईस्वी में जब जापानी सीन वर्मा में भारतीय की सीमा तक आप पहुंची तो ब्रिटिश सरकार को चिंता हुई ब्रिटिश सरकार ने सोचा कि जापान के संभावित आक्रमण से भारत की रक्षा का कार्य भारत के राजनीतिक शक्तियों के सहयोग से ही संभव है अतः प्रधानमंत्री चर्चित ने राजनीतिक गतिरोध दूर करने के लिए मार्च 1942 ईस्वी में कर... Read More
 क्रिप्स मिशन  युद्ध के प्रारंभिक चरण में ब्रिटेन और मित्र राष्ट्रों की स्थिति बिगड़ती जा रही थी 1942 ईस्वी में जब जापानी सीन वर्मा में भारतीय की सीमा तक आप पहुंची तो ब्रिटिश सरकार को चिंता हुई ब्रिटिश सरकार ने सोचा कि जापान के संभावित आक्रमण से भारत की रक्षा का कार्य भारत के राजनीतिक शक्तियों के सहयोग से ही संभव है अतः प्रधानमंत्री चर्चित ने राजनीतिक गतिरोध दूर करने के लिए मार्च 1942 ईस्वी में कर स्टीफन क्रिप्स को भारत भेजो मजदूर दिल्ली नेट पर इसके फंड क्रिप्स इसके पहले सोवियत रूप के साथ संधि करने में सफल रहे थे मैं इसके पहले दो बार भारत आ चुके थे और भारत के अनेक राजनीतिक नेताओं विशेष्य पंडित नेहरू से उनका बहुत अच्छा परिचय था अतः भारतीयों को उनसे बड़ी आशा थी  धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 09 Jul 2026 30 Views

भारत की राजनीतिक एकता

भारत की राजनीतिक एकता
 भारत की राजनीतिक एकता ?  साम्राज्यवादी ब्रिटिश सरकार ने उत्तर में हिमालय से दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पूर्व में बंगाल से पश्चिम में खबर दर्रा तक संपूर्ण भारत पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया वास्तव में अंग्रेजों ने भारत में अब तक का सबसे विशाल एक छात्र राज्य स्थापित कर लिया और इस प्रकार अंग्रेजी शक्ति ने भारत पर एक राजनीतिक एकता लाडी एक सी अधिकता एक समान समस्या और एक समान कानून ने भारत को एक ऐ... Read More
 भारत की राजनीतिक एकता ?  साम्राज्यवादी ब्रिटिश सरकार ने उत्तर में हिमालय से दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पूर्व में बंगाल से पश्चिम में खबर दर्रा तक संपूर्ण भारत पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया वास्तव में अंग्रेजों ने भारत में अब तक का सबसे विशाल एक छात्र राज्य स्थापित कर लिया और इस प्रकार अंग्रेजी शक्ति ने भारत पर एक राजनीतिक एकता लाडी एक सी अधिकता एक समान समस्या और एक समान कानून ने भारत को एक ऐसे ढांचे में डालना आरंभ कर दिया जिससे भारत में अखिल भारतीय एकता की भावना पंक्ति और इस राजनीतिक एकता में मानसिक एकता को बढ़ावा दिया फल स्वरुप भारतीय में राष्ट्रीय चेतना का विकास हुआ  धन्यवाद?
Read Full Blog
[email protected] 09 Jul 2026 29 Views

पर्वतीय मिट्टी के बारे में जाने

पर्वतीय मिट्टी के बारे में जाने
 पर्वतीय मिट्टी  जिस प्रकार विषुवत रेखा से दूर चलने पर ताप और वर्षा की विभिन्नता के कारण अलग-अलग प्रकार की मिट्टी के कटिबंध मिलते हैं उसी प्रकार पर्वतों के नीचे से ऊपर जाने पर कई प्रकार की मिशन मिलती है नीचे के दल पर बुरी मिट्टी इसके ऊपर हल्की बुरी मिट्टी और पर्वतीय भाग पर भूरे रंग की मिली जुली मिट्टी मिलती है भारत में लगभग 2 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र पर पर्वतीय मिशन का विस्तार है हिमालय के पर्वतीय भ... Read More
 पर्वतीय मिट्टी  जिस प्रकार विषुवत रेखा से दूर चलने पर ताप और वर्षा की विभिन्नता के कारण अलग-अलग प्रकार की मिट्टी के कटिबंध मिलते हैं उसी प्रकार पर्वतों के नीचे से ऊपर जाने पर कई प्रकार की मिशन मिलती है नीचे के दल पर बुरी मिट्टी इसके ऊपर हल्की बुरी मिट्टी और पर्वतीय भाग पर भूरे रंग की मिली जुली मिट्टी मिलती है भारत में लगभग 2 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र पर पर्वतीय मिशन का विस्तार है हिमालय के पर्वतीय भाग में नवीन पथरीली शरद तथा चुनाव आयुक्त मिट्टियां पाई जाती है दक्षिणी भाग में कंकर पत्थर एवं मोटे कांडू वाली वायु युक्त मिट्टी तथा देहरादून नैनीताल और पौड़ी में चुनायुक्त मिट्टी पाई जाती है हिमालय के ऊंचे भागों में अग्निया चट्टानों से निर्मित मिट्टी पाई जाती है इस मिट्टी पर चाय की खेती फलों की खेती और सुख में वह की खेती अच्छी होती है सिंचाई की सुविधा मिलने पर इस मिट्टी में गेहूं चावल आदि की खेती अच्छी होती है  धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 07 Jul 2026 46 Views

विभिन्न समितियां का गठन व संविधान निर्माण

विभिन्न समितियां का गठन व संविधान निर्माण
 विभिन्न समितियां का गठन व संविधान निर्माण   पंडित जवाहरलाल नेहरू का उद्देश्य प्रस्ताव पास हो जाने के पश्चात संविधान सभा संविधान के अलग-अलग भागों पर विचार करने के लिए कई समितियां में बट गई प्रमुख समितियां इस प्रकार थी संज्ञा अधिकार समिति, संघीय संविधान समिति प्रांतीय संविधान समिति मौलिक अधिकार समिति वृत्तीय समिति आदि   किंतु संविधान को अंतिम स्वरूप देने के लिए संविधान सभा ने सा सदस्यों की एक प्रार... Read More
 विभिन्न समितियां का गठन व संविधान निर्माण   पंडित जवाहरलाल नेहरू का उद्देश्य प्रस्ताव पास हो जाने के पश्चात संविधान सभा संविधान के अलग-अलग भागों पर विचार करने के लिए कई समितियां में बट गई प्रमुख समितियां इस प्रकार थी संज्ञा अधिकार समिति, संघीय संविधान समिति प्रांतीय संविधान समिति मौलिक अधिकार समिति वृत्तीय समिति आदि   किंतु संविधान को अंतिम स्वरूप देने के लिए संविधान सभा ने सा सदस्यों की एक प्रारूप समिति डॉ भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में नियुक्त की गोपाल स्वामी आयंगर अलादीन कृष्ण स्वामी अय्यर के एम मुंशी सत्य मोहम्मद सादुल्लाह बिल भीतर और डीपी खेतान इसके सदस्य थे संविधान का प्रारूप बी एन राव ने तैयार किया और अंतिम रूप में मुखर्जी ने दिया प्रारूप समिति ने अपना प्रारूप 21 फरवरी 1948 ई को प्रस्तुत किया 15 नवंबर 1948 ई से 17 अक्टूबर 1949 ई के मध्य इस प्रारूप पर वाद विवाद हुआ 14 नवंबर 1949 ई से 25 नवंबर 1949 ई तक संविधान का तीसरा वचन हुआ और इस प्रकार 395 अनुच्छेद दो और आठ अनुसूचियां के साथ संविधान 26 नवंबर 1949 ई को पारित हो गया 24 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारत संघ का प्रथम राष्ट्रपति बनाया गया 26 जनवरी 1950 ई को यह संविधान लागू कर दिया गया संविधान निर्माण में कुल 63 लाख 96729 रुपया हुए तथा दो वर्ष 11 मा 18 दिन का समय लगा धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 06 Jul 2026 35 Views

भारत में स्वास्थ्य सेवाएं

भारत में स्वास्थ्य सेवाएं
 भारत में स्वास्थ्य सेवाएं   भारतीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अस्पतालों की व्यवस्था की गई है सितंबर 2010 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 4276 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 24, 312 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक पॉइंट 46 उपकेंद्र थे एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 80000 से 1.20,000 तक की आबादी को सेवाएं प्रदान करता है एक प्राथमि... Read More
 भारत में स्वास्थ्य सेवाएं   भारतीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अस्पतालों की व्यवस्था की गई है सितंबर 2010 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 4276 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 24, 312 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक पॉइंट 46 उपकेंद्र थे एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 80000 से 1.20,000 तक की आबादी को सेवाएं प्रदान करता है एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बिस्तर सभी सुविधाओं से युक्त एक प्रयोगशाला तथा एक सुविधा उपलब्ध रहती है भारत में मलेरिया फाइलेरिया कालाजार डेंगू बुखार से रोग टीवी कुष्ठ रोग एड्रेस कैंसर रोगों के इलाज के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं भारत में तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है  धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 05 Jul 2026 31 Views

जापान की पराजय तथा द्वितीय विश्व युद्ध का अंत

जापान की पराजय तथा द्वितीय विश्व युद्ध का अंत
 जापान की पराजय तथा द्वितीय विश्व युद्ध का अंत -  पर्ल हार्बर पर जापानी आक्रमण के प्रति शोध में अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 ई को जापान के हिरोशिमा और 9 अगस्त को नागासाकी नगरों पर परमाणु बम गिराया इस घटना से जापान में भारी भंजन की हानि हुई और विवश होकर जापान ने 14 अगस्त 1945 ई को मित्र राष्ट्र के समक्ष आत्म सम्मान कर दिया इधर मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी पर सीधा आक्रमण प्रारंभ कर दिया तब वह व्यक्ति सीन जर... Read More
 जापान की पराजय तथा द्वितीय विश्व युद्ध का अंत -  पर्ल हार्बर पर जापानी आक्रमण के प्रति शोध में अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 ई को जापान के हिरोशिमा और 9 अगस्त को नागासाकी नगरों पर परमाणु बम गिराया इस घटना से जापान में भारी भंजन की हानि हुई और विवश होकर जापान ने 14 अगस्त 1945 ई को मित्र राष्ट्र के समक्ष आत्म सम्मान कर दिया इधर मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी पर सीधा आक्रमण प्रारंभ कर दिया तब वह व्यक्ति सीन जर्मनी को पराजित करती हुई बालियान पहुंचने में सफल हुई जर्मनी के पराजय को अवश्य भाभी देखकर हिटलर ने एक में को आत्महत्या कर ली इसके बाद ऐड मेडियल डोनेट ने जर्मनी के प्रधान का पद ग्रहण किया तथा 2 में 1945 ई को मित्र राष्ट्रों के सामने घुटने टेक दिए 7 में 1945 ई को विराम संधि पर हस्ताक्षर कर दिया   जर्मनी व जापान के आत्म संपन्न के साथ द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हो गया  धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 04 Jul 2026 31 Views

भारतीय संविधान का निर्माण

 भारतीय संविधान का निर्माण  मंत्रिमंडल मिशन योजना 1946 ई के द्वारा ब्रिटिश सरकार ने भारतीय संविधान के निर्माण हेतु परोक्ष निर्वाचन के आधार पर एक संविधान सभा की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया इस संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 थी जिम 292 ब्रिटिश प्रति के प्रतिनिधि कर के कमिश्नर क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा 93 देसी रियासतों के प्रतिनिधि थे  संविधान निमर्त्री  सभा  मंत्रिमंडल कैबिनेट मिशन य... Read More
 भारतीय संविधान का निर्माण  मंत्रिमंडल मिशन योजना 1946 ई के द्वारा ब्रिटिश सरकार ने भारतीय संविधान के निर्माण हेतु परोक्ष निर्वाचन के आधार पर एक संविधान सभा की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया इस संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 थी जिम 292 ब्रिटिश प्रति के प्रतिनिधि कर के कमिश्नर क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा 93 देसी रियासतों के प्रतिनिधि थे  संविधान निमर्त्री  सभा  मंत्रिमंडल कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार जुलाई 1946 ईस्वी में संविधान सभा के चुनाव हुए संविधान सभा के कुल 389 स्थान में से प्रति के लिए 296 स्थान के लिए ही चुनाव हुए 296 स्थान में से 211 कांग्रेस को 73 स्थान मुस्लिम लिंग को चार स्थान अन्य दलों को और आठ स्थान स्वतंत्र को प्राप्त हुए संविधान सभा में गांधी तथा जिन्ना को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख नेता शामिल हुए  धन्यवाद✍️
Read Full Blog
[email protected] 04 Jul 2026 26 Views

भूमि संसाधन

भूमि संसाधन
 भूमि संसाधन  सैमसंग प्राकृतिक संसाधनों में भूमि सबसे मुख्य और अद्भुत संसाधन है अन्य सांसद संसाधनों का जन्म विकास और उपयोगी भूमि पर ही होता है भूमि संसाधन का मतलब पृथ्वी से है जिस पर संसद जीव निवास करते हैं और जीवन की संसद आवश्यकता है जैसे रोटी कपड़ा और मकान पूरी करते हैं भारत का सांसद भौगोलिक क्षेत्र फल 32.8 करोड़ हेक्टेयर है देश की कुल भूमि के उपयोग सांसदी आंकड़ों के अनुसार 92.7% भूमि के उपयोग क... Read More
 भूमि संसाधन  सैमसंग प्राकृतिक संसाधनों में भूमि सबसे मुख्य और अद्भुत संसाधन है अन्य सांसद संसाधनों का जन्म विकास और उपयोगी भूमि पर ही होता है भूमि संसाधन का मतलब पृथ्वी से है जिस पर संसद जीव निवास करते हैं और जीवन की संसद आवश्यकता है जैसे रोटी कपड़ा और मकान पूरी करते हैं भारत का सांसद भौगोलिक क्षेत्र फल 32.8 करोड़ हेक्टेयर है देश की कुल भूमि के उपयोग सांसदी आंकड़ों के अनुसार 92.7% भूमि के उपयोग की जानकारी उपलब्ध है आज से लगभग 8000 वर्ष पूर्व संभवत 30 परसेंटेज भूभाग पर कृषि कार्य होता था जो स्वतंत्रता के पश्चात बढ़कर 36% तथा बाद में 43.26% हो गया यह 1996 से 97 में बढ़कर 66% हो गया इसी प्रकार वन भूमि भी स्थल नहीं रही 1950 से 51 ईस्वी में 1983% 1983 से 84 ईस्वी में 24 पॉइंट 58% 1998 से 99 ईस्वी में घटकर 19 पॉइंट 27% ही रह गई इसी तरह से भूमि के उपयोगों के प्रारूप में समय-समय पर बदलाव आते रहे इस प्रकार वर्तमान समय में कुल क्षेत्र 51% भाग पर कृषि कार्य हो रहा है यह आश्चर्यजनक सत्य है कि किसी भी देश में इतना अधिक कृषि क्षेत्रफल नहीं है जितना भारत में है चीन संसार का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है परंतु इसके केवल 11% भूभाग पर ही खेती होती है जो जनसंख्या के हिसाब से अत्यंत कम है
Read Full Blog
[email protected] 03 Jul 2026 32 Views

भारत पर ब्रिटिश शासन का प्रभाव

भारत पर ब्रिटिश  शासन का प्रभाव
 भारत पर ब्रिटिश शासन का प्रभाव  भारत पर ब्रिटिश शासन व उनकी सभ्यता है संस्कृत का बड़ा ही व्यापक प्रभाव पड़ा अंग्रेजी शासन के फल स्वरुप भारत के राजनीतिक सामाजिक आर्थिक धार्मिक तथा सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए  इंग्लैंड ने तो संपूर्ण भारतीय समाज का ढांचा ही भंग कर दिया पूर्व के आक्रांताओं में भारतीय सामाजिक तथा आर्थिक आधार को नहीं बदला था और उनमें से अधिकांश भारतीय जीवन के अंग बन गए... Read More
 भारत पर ब्रिटिश शासन का प्रभाव  भारत पर ब्रिटिश शासन व उनकी सभ्यता है संस्कृत का बड़ा ही व्यापक प्रभाव पड़ा अंग्रेजी शासन के फल स्वरुप भारत के राजनीतिक सामाजिक आर्थिक धार्मिक तथा सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए  इंग्लैंड ने तो संपूर्ण भारतीय समाज का ढांचा ही भंग कर दिया पूर्व के आक्रांताओं में भारतीय सामाजिक तथा आर्थिक आधार को नहीं बदला था और उनमें से अधिकांश भारतीय जीवन के अंग बन गए थे अंग्रेजी विजय ने तो भारतीय सामाजिक तथा आर्थिक आधार को ही तोड़ दिया यह लोग सदैव विदेशी रहे और सदैव भारत का दोहन करते रहे  भारतीय जीवन में जो भी राजनीतिक प्रशंसा कीजिए आर्थिक सामाजिक तथा भौतिक परिवर्तन पिछले 200 वर्षों में देखने को मिले में अंग्रेजों ने परोपकार की भावना से प्रेरित होकर नहीं किया अपितु में तो समाजवादी शासको की भारत पर और भी अधिक दंड पकड़ स्थापित करने के हेतु किए गए पर्यटनों के परिणाम स्वरुप थे यह भी कहना युक्ति संगत होगा कि राजनीतिक तथा सामाजिक 
Read Full Blog
[email protected] 03 Jul 2026 27 Views