दूध से हम सभी भलीभांति परिचित है वास्तव में हमारा जीवन ही दूध से प्रारंभ होता है दूध के बिना नवजात शिशु के जीवन की कल्पना करना भी कठिन है दूध एक संतुलित पोषक पदार्थ माना जाता है क्योंकि शारीरिक वृद्धि के लिए आवश्यक सभी पोषक पदार्थ दूध में एक संतुलित अनुपात में पाए जाते हैं यह तो रही दूध के गुना की बात लेकिन सवाल है कि दो सफेद क्यों होता है दूध का रंग सफेद ही क्यों होता है दूध का रंग काला या लाल या किसी और रंग का क्यों नहीं होता
इस रहस्य को जानने के लिए जरूरी है कि पहले हम यह समझ की कोई वस्तु हमें किसी रंग विशेष की क्यों दिखाई देती है हम जानते हैं कि प्रकाश कुल सात रंगों से मिलकर बना होता है जब प्रकाश किसी वस्तु पर पड़ता है तो इन सात रंगों में से किसी एक रंग को वह वस्तु सोख लेती है और बाकी के रंगों को परिवर्तित करके वापस भेज देती है वस्तु प्रकाश के जिस रंग को सकती है हमें वह उसी रंग की दिखाई देती है वस्तु किस रंग को सुखेगी और किस प्रवर्तित करेगी यह वस्तु की सतह और उसके पदार्थ आदि पर निर्भर करती है
अब बात दूध के सफेद रंग की दूध के अनु का विनाश इस प्रकार का होता है कि वह प्रकाश के किसी भी रंग को सोते नहीं है और सभी सातों रंगों को दूध की सतह वापस परावर्तित कर देती है इसी कारण दूध हमें सफेद दिखाई देता है एक मजेदार बात और चुकी दूध की सतह किसी भी रंग की प्रकाश को नहीं सकती है इसलिए दूध वैसा ही दिखाई देता है जिस रंग के प्रकाश में हम उसे दिखा दिखते हैं अगर हम दूध को काले रंग के प्रकाश अंधकार में देखे तो यह कल दिखाई देगा लाल या नीले रंग के प्रकाश में देखने पर दूध हमें लाल या नीला ही दिखाई देगा है ना मजेदार बात लाल नीला रंग का दूध!!!!
FAQ
+
Leave a comment
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Vanshika
@DigitalDiaryWefru