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Blog by ilma | Digital Diary

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सबसे पहले कौन सा योग करना चाहिए?

सबसे पहले कौन सा योग करना चाहिए। शरीर की अलग-अलग बीमारियों के लिए या रोजाना स्वस्थ रहने के लिए योग शुरू करने से पहले कमलासन या पद्मासन को करना चाहिए। ध्यान के लिए किया जाने वाला ये योग आपको शरीर और मन को एकाग्र करता है और योग के लिए तैयार करता है। तो चलिए जानें पद्मासन या कमलासन । Read More
सबसे पहले कौन सा योग करना चाहिए। शरीर की अलग-अलग बीमारियों के लिए या रोजाना स्वस्थ रहने के लिए योग शुरू करने से पहले कमलासन या पद्मासन को करना चाहिए। ध्यान के लिए किया जाने वाला ये योग आपको शरीर और मन को एकाग्र करता है और योग के लिए तैयार करता है। तो चलिए जानें पद्मासन या कमलासन ।
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[email protected] 18 Jan 2025 395 Views

योग का सबसे पुराना रूप क्या है?

योग का सबसे पुराना रूप क्या है? योग का सबसे पुराना रूप वैदिक योग के नाम से जाना जाता है, जिसकी शुरुआत ऋग्वेद से हुई है, जो दुनिया का सबसे पुराना लिखित संस्कृत ग्रंथ है। इसे संभवतः लगभग 10,000 साल पहले स्वर्ण युग या सत्य युग के दौरान लिखा गया था। Read More
योग का सबसे पुराना रूप क्या है? योग का सबसे पुराना रूप वैदिक योग के नाम से जाना जाता है, जिसकी शुरुआत ऋग्वेद से हुई है, जो दुनिया का सबसे पुराना लिखित संस्कृत ग्रंथ है। इसे संभवतः लगभग 10,000 साल पहले स्वर्ण युग या सत्य युग के दौरान लिखा गया था।
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[email protected] 17 Jan 2025 316 Views

वज्रासन करने का क्या तरीका है? और उसके क्या लाभ है?

वज्रासन करने का सही तरीका क्या है ?और इसके क्या फायदे हैं? वज्रासन( Vajrasana) इसे धनात्मक आसान भी कहते हैं। इस आसन को करने हेतु सर्वप्रथम दोनों टांगों को आगे की ओर फैला कर बैठिए । उसके बाद बाएं व  पैर पर शरीर का भार रखते हुए  दाहिनी टांग के घुटने को मोड कर दाएं हाथ की मदद से नितम के नीचे रखें। इसके पश्चात दाएं हाथ व मुड़े हुए घुटने पर शरीर के भार कै रखते हुए बाएं हाथ की मदद से बाएं पैर को बाय नित... Read More
वज्रासन करने का सही तरीका क्या है ?और इसके क्या फायदे हैं? वज्रासन( Vajrasana) इसे धनात्मक आसान भी कहते हैं। इस आसन को करने हेतु सर्वप्रथम दोनों टांगों को आगे की ओर फैला कर बैठिए । उसके बाद बाएं व  पैर पर शरीर का भार रखते हुए  दाहिनी टांग के घुटने को मोड कर दाएं हाथ की मदद से नितम के नीचे रखें। इसके पश्चात दाएं हाथ व मुड़े हुए घुटने पर शरीर के भार कै रखते हुए बाएं हाथ की मदद से बाएं पैर को बाय नितिन के नीचे रखिए इस अवस्था में घुटने, टाखने, और पैरों की उंगलियां फर्श से स्पर्श होनी चाहिए ।  अब अपने हाथों की हथेलियां अपने घुटनों पर रखिए । ऊपर का शरीर सीधा रहना चाहिए। इस समय श्व़ास गहरी,सम व धीमी होनी चाहिए।  लाभ( Benefits) यह एकाग्रता हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है।  यह पेट दर्द व छाती से संबंधित विकारों से बचाव पर सहायक है। यह स्मरन शक्ति को बढ़ाता है। यह राजोधर्म से संबंधित समस्याओं के बचाव में सहायक है। इस आसन के नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है। यह श्रोणी संबंधित मांसपेशियों की शक्ति में वृद्धि करता है। यह आसान संबंधी विकृति ( Postural deformities)  को दूर करने में मदद करता है यह हर्निया से बचाव करता है और बवासीर में आराम देता है।  यह आसान उन लोगों हेतु उचित ध्यानासन  है जोकटिस्नायुशूल ( Sciatical) तथा त्रिक् संक्रमक रोगों से पीड़ित है। यह नितंबों की वसा को कम करने में सहायता करता है। यह आसान पाचन तंत्र को मजबूत करता है। यह आसान मोटापा नहीं अने में मदद करता है।    
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[email protected] 16 Jan 2025 411 Views

वज्रासन कैसे करते हैं?

वज्रासन कैसे करते हैं। ज्रासन को करने की विधि बहुत ही आसान है, इस योग को करने के लिए आपको सबसे पहले अपने दोनों घुटने के बल खड़ा होना पड़ता है और उसके बाद पीछे की तरफ जाए और कूल्हों पर एड़ी रख कर बैठ जाएं। बैठने के बाद आपको सीधे देखना होता है और अपने दोनों हाथ घुटनों पर रखने होते   Read More
वज्रासन कैसे करते हैं। ज्रासन को करने की विधि बहुत ही आसान है, इस योग को करने के लिए आपको सबसे पहले अपने दोनों घुटने के बल खड़ा होना पड़ता है और उसके बाद पीछे की तरफ जाए और कूल्हों पर एड़ी रख कर बैठ जाएं। बैठने के बाद आपको सीधे देखना होता है और अपने दोनों हाथ घुटनों पर रखने होते  
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[email protected] 16 Jan 2025 319 Views

योग हमारे जीवन में कैसे उपयोगी है?

योग हमारे जीवन में कैसे उपयोगी है। योग में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास शामिल हैं और यह आत्म-चिकित्सा को बढ़ावा देता है। "योग" शब्द का अर्थ है एकजुट होना और यह मन, शरीर और आत्मा के साथ ऐसा ही करता है। ब्रह्मांड के साथ एकता प्राप्त की जा सकती है और साथ ही जिस दुनिया में हम रहते हैं, उसकी उचित समझ और प्रशंसा भी की जा सकती है। Read More
योग हमारे जीवन में कैसे उपयोगी है। योग में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास शामिल हैं और यह आत्म-चिकित्सा को बढ़ावा देता है। "योग" शब्द का अर्थ है एकजुट होना और यह मन, शरीर और आत्मा के साथ ऐसा ही करता है। ब्रह्मांड के साथ एकता प्राप्त की जा सकती है और साथ ही जिस दुनिया में हम रहते हैं, उसकी उचित समझ और प्रशंसा भी की जा सकती है।
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[email protected] 16 Jan 2025 306 Views

योग से कौन कौन सी बीमारी दूर होती है?

योग के फायदे। मांसपेशियों के लचीलेपन में सुधार शरीर के आसन और एलाइनमेंट को ठीक करता है बेहतर पाचन तंत्र प्रदान करता है आंतरिक अंग मजबूत करता है अस्थमा का इलाज करता है मधुमेह का इलाज करता है दिल संबंधी समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है त्वचा के चमकने में मदद करता है Read More
योग के फायदे। मांसपेशियों के लचीलेपन में सुधार शरीर के आसन और एलाइनमेंट को ठीक करता है बेहतर पाचन तंत्र प्रदान करता है आंतरिक अंग मजबूत करता है अस्थमा का इलाज करता है मधुमेह का इलाज करता है दिल संबंधी समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है त्वचा के चमकने में मदद करता है
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[email protected] 16 Jan 2025 301 Views

योग का राजा कोन था?

योग का राजा कोन था । राजयोग सभी योगों का राजा कहलाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है। Read More
योग का राजा कोन था । राजयोग सभी योगों का राजा कहलाता है क्योंकि इसमें प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ न कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है। राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है।
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[email protected] 13 Jan 2025 308 Views

योग के नियम कितने हैं?

योग के नियम कितने हैं। महर्षि पतंजलि ने योग को आठ भागों (नियमों) में बांटा है जिसे अष्टांग योग कहते हैं। योग को लेकर कई परिभाषाएं मौजूद हैं जिनमें से दो प्रमुख हैं। पहली परिभाषा के अनुसार गीता में लिखा है 'योग: कर्मसु कौशलम्' अर्थात् फल की इच्छा के बिना कर्म की कुशलता ही योग है। Read More
योग के नियम कितने हैं। महर्षि पतंजलि ने योग को आठ भागों (नियमों) में बांटा है जिसे अष्टांग योग कहते हैं। योग को लेकर कई परिभाषाएं मौजूद हैं जिनमें से दो प्रमुख हैं। पहली परिभाषा के अनुसार गीता में लिखा है 'योग: कर्मसु कौशलम्' अर्थात् फल की इच्छा के बिना कर्म की कुशलता ही योग है।
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[email protected] 12 Jan 2025 313 Views

Yoga करने के क्या लाभ है।

Yoga करने के क्या लाभ हैं? योग से शक्ति, संतुलन और लचीलापन बढ़ता है। धीमी गति से चलने और गहरी सांस लेने से रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियां गर्म होती हैं, जबकि एक ही मुद्रा में रहने से ताकत बढ़ती है। एक पैर पर संतुलन बनाए रखें, जबकि दूसरे पैर को अपनी पिंडली पर या घुटने के ऊपर (लेकिन घुटने पर कभी न रखें) समकोण पर रखें। Read More
Yoga करने के क्या लाभ हैं? योग से शक्ति, संतुलन और लचीलापन बढ़ता है। धीमी गति से चलने और गहरी सांस लेने से रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियां गर्म होती हैं, जबकि एक ही मुद्रा में रहने से ताकत बढ़ती है। एक पैर पर संतुलन बनाए रखें, जबकि दूसरे पैर को अपनी पिंडली पर या घुटने के ऊपर (लेकिन घुटने पर कभी न रखें) समकोण पर रखें।
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[email protected] 11 Jan 2025 292 Views

योगासन से आंख की रोशनी बढ़ाने के लिए यह रही सबसे आसान एक्सरसाइज।

आंखोंकी रोशन बढ़ाने के लिए योगासन की सबसे आसान एक्सरसाइज यह रही।  Yoga For Eyes: कई बार दिन भर लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन के सामने बैठे रहने से आंखों पर प्रभाव पड़ता है। जिस वजह से आंखों में दर्द खुजली आदि समस्या होने लगती है। इसे आसान एक्सरसाइज को कोई भी कर सकते हैं। जिसे कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है. आप को इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले आंखों को तेजी से 10 सेकंड के लिए झपकाएं और फिर... Read More
आंखोंकी रोशन बढ़ाने के लिए योगासन की सबसे आसान एक्सरसाइज यह रही।  Yoga For Eyes: कई बार दिन भर लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन के सामने बैठे रहने से आंखों पर प्रभाव पड़ता है। जिस वजह से आंखों में दर्द खुजली आदि समस्या होने लगती है। इसे आसान एक्सरसाइज को कोई भी कर सकते हैं। जिसे कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है. आप को इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले आंखों को तेजी से 10 सेकंड के लिए झपकाएं और फिर 20 सेकंड तक आंखे बंद करके उन्हें आराम दें और सांस लेने पर ध्यान केंद्रित करें. इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराया जा सकता है. 
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[email protected] 07 Jan 2025 285 Views