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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

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पारसी सुधार आंदोलन


 पारसी सुधार आंदोलन   दादाभाई जो रोगी ने पर्सन में सामाजिक बुराइयां तथा धार्मिक अंधविश्वासों को दूर किया उन्होंने पाठ समुदाय को आधुनिक भारतीय समाज के अनुरूप बनाने का प्रयास किया था  धन्यवाद Read More

 पारसी सुधार आंदोलन 

 दादाभाई जो रोगी ने पर्सन में सामाजिक बुराइयां तथा धार्मिक अंधविश्वासों को दूर किया उन्होंने पाठ समुदाय को आधुनिक भारतीय समाज के अनुरूप बनाने का प्रयास किया था

 धन्यवाद


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महादेव गोविंद रानाडे


 महादेव गोविंद रानाडे  महादेव गोविंद रानाडे 1842 से 1901 ई 1867 ई मुंबई में डॉक्टर आत्माराम पांडुरंग द्वारा संस्थापित प्रार्थना समाज को प्रसिद्धि दिलाने का श्री महादेव गोविंद रानाडे को जाता है प्रार्थना समाज के माध्यम से इन्होंने बाल विवाह प्रदा प्रथम एवं जाति पाति का विरोध किया तथा स्त्री शिक्षा एवं विधवा विवाह प्रोत्साहित किया धन्यवाद Read More

 महादेव गोविंद रानाडे

 महादेव गोविंद रानाडे 1842 से 1901 ई 1867 ई मुंबई में डॉक्टर आत्माराम पांडुरंग द्वारा संस्थापित प्रार्थना समाज को प्रसिद्धि दिलाने का श्री महादेव गोविंद रानाडे को जाता है प्रार्थना समाज के माध्यम से इन्होंने बाल विवाह प्रदा प्रथम एवं जाति पाति का विरोध किया तथा स्त्री शिक्षा एवं विधवा विवाह प्रोत्साहित किया

धन्यवाद


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दयानंद सरस्वतीदयानंद सरस्वती


 दयानंद सरस्वती  दयानंद सरस्वती 1824 से 83 ई नमक संन्यासी ने आर्यों की वैदिक संस्कृति को अपने पर जोर दिया और सन 1875 ईस्वी में आर्य समाज की स्थापना की उन्होंने वेदों को ज्ञान का खजाना बताया तथा मूर्ति पूजा जाति प्रथा ब्राह्मण वर्षा का विरोध किया वह एक ईश्वर के पक्षधर थे इन्होंने सत्यार्थ प्रकाश की रचना की आर्य समाज द्वारा शिक्षा के प्रसार हेतु विद्यालय खोले गए गुरुकुल पद्धति को बनाए रखने... Read More

 दयानंद सरस्वती

 दयानंद सरस्वती 1824 से 83 ई नमक संन्यासी ने आर्यों की वैदिक संस्कृति को अपने पर जोर दिया और सन 1875 ईस्वी में आर्य समाज की स्थापना की उन्होंने वेदों को ज्ञान का खजाना बताया तथा मूर्ति पूजा जाति प्रथा ब्राह्मण वर्षा का विरोध किया वह एक ईश्वर के पक्षधर थे इन्होंने सत्यार्थ प्रकाश की रचना की आर्य समाज द्वारा शिक्षा के प्रसार हेतु विद्यालय खोले गए गुरुकुल पद्धति को बनाए रखने के लिए हरिद्वार में लड़कों और लड़कियों के लिए गुरुकुल कान गांधी खोल 

धन्यवाद


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आएइ जाने ईश्वर चंद्र विद्यासागर के बारे में


 ईश्वर चंद्र विद्यासागर  1820 से 1891 ई एक महान समाज सुधारक लेखक एवं शिक्षक थे यह समाज की कुरीतियों को बदलने के लिए निरंतर कार्य करते रहते थे इन्होंने भारत में बहु पत्नी या बाल विवाह का जोरदार विरोध किया विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा का समर्थन किया इन्हीं के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने 1856 ईस्वी में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया जिससे विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता मि... Read More

 ईश्वर चंद्र विद्यासागर

 1820 से 1891 ई एक महान समाज सुधारक लेखक एवं शिक्षक थे यह समाज की कुरीतियों को बदलने के लिए निरंतर कार्य करते रहते थे इन्होंने भारत में बहु पत्नी या बाल विवाह का जोरदार विरोध किया विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा का समर्थन किया इन्हीं के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने 1856 ईस्वी में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया जिससे विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता मिली

धन्यवाद


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मुस्लिम सुधार आंदोलन


 मुस्लिम सुधार आंदोलन  सर सैयद अहमद खान 1817 से 1898 ई ने 1864 ईस्वी में सर्टिफिकेट समिति विज्ञान समिति की स्थापना किए पश्चिमी शिक्षा के पक्ष में थे इन्होंने मुसलमान के लिए अंग्रेजी शिक्षा की वकालत की और पश्चिमी विज्ञान पढ़ने तथा आधुनिक विचारों को अपनाने की बात कही वे मुसलमान में पर्दा प्रथा बहु विवाह आसान तलाक व्यवस्था के विरुद्ध थे इन्होंने मुसलमान के लिए अलीगढ़ में अग्लो ओरिएंटल विद्य... Read More

 मुस्लिम सुधार आंदोलन

 सर सैयद अहमद खान 1817 से 1898 ई ने 1864 ईस्वी में सर्टिफिकेट समिति विज्ञान समिति की स्थापना किए पश्चिमी शिक्षा के पक्ष में थे इन्होंने मुसलमान के लिए अंग्रेजी शिक्षा की वकालत की और पश्चिमी विज्ञान पढ़ने तथा आधुनिक विचारों को अपनाने की बात कही वे मुसलमान में पर्दा प्रथा बहु विवाह आसान तलाक व्यवस्था के विरुद्ध थे इन्होंने मुसलमान के लिए अलीगढ़ में अग्लो ओरिएंटल विद्यालय खोला यही बात में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नाम से विकसित हुआ

 धन्यवाद


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Mahilaon ke liye naye Kanoon


 mahilaon ke liye naye Kanoon Raja Ram Mohan Roy 1774 se 1833 neighbours 1828 isvi Mein bra Samaj ki sthapna kinhone Samaj sudharak ke Anek Karya ke Bal Vivah Bahu Patni per tha Jati vyavastha Balli Parda Pratha ka virodh Kiya vidhva Punarvivah antarjatiy Vivah mahilaon ke Adhikar mahilaon ki Shiksha ke pakshdhar the Murti Puja tatha vyarth ke karmkandon mein Unka Vishwas nahin tha kashtprad... Read More

 mahilaon ke liye naye Kanoon

Raja Ram Mohan Roy 1774 se 1833 neighbours 1828 isvi Mein bra Samaj ki sthapna kinhone Samaj sudharak ke Anek Karya ke Bal Vivah Bahu Patni per tha Jati vyavastha Balli Parda Pratha ka virodh Kiya vidhva Punarvivah antarjatiy Vivah mahilaon ke Adhikar mahilaon ki Shiksha ke pakshdhar the Murti Puja tatha vyarth ke karmkandon mein Unka Vishwas nahin tha kashtprad jaati vyavastha tatha Ke Virodhi the Ve tatha upnishadon ka sthaniya boliyon mein anuvad kiya angreji Vidyalay Hindu College Vedant college ki sthapna ki


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महिलाओं का योगदान


 महिलाओं का योगदान  एनी बेसेंट नेशन 1882 ईस्वी में चेन्नई मद्रास में थियोसोफिकल सोसायटी स्थापित की एनी बेसेंट की वैदिक धर्म में रुचि थी उन्होंने हिंदू धर्म को विश्व के अन्य धर्म से श्रेष्ठ बताया एनीबासेट ने श्रीमद् भागवत गीता का अंग्रेजी में अनुवाद किया उन्होंने वेदों और उपनिषदों का भी अध्ययन किया वह बाल विवाह बहु विवाह तथा जाति प्रथा की विरोधी थी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग... Read More

 महिलाओं का योगदान

 एनी बेसेंट नेशन 1882 ईस्वी में चेन्नई मद्रास में थियोसोफिकल सोसायटी स्थापित की एनी बेसेंट की वैदिक धर्म में रुचि थी उन्होंने हिंदू धर्म को विश्व के अन्य धर्म से श्रेष्ठ बताया एनीबासेट ने श्रीमद् भागवत गीता का अंग्रेजी में अनुवाद किया उन्होंने वेदों और उपनिषदों का भी अध्ययन किया वह बाल विवाह बहु विवाह तथा जाति प्रथा की विरोधी थी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भाग लेते हुए वह जेल भी गई

धन्यवाद


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आएइ जाने दलित जातियों के सुधार आंदोलन के बारे में


 दलित जातियों के सुधार आंदोलन के बारे में  ज्योतिष फुले (1827-90) कपूर ज्योतिराम गोविंद राव फुले था इन्होंने सितंबर 18 73 ईस्वी में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज का गठन किया ज्योतिष पहले ने दलित माने जाने वाले लोगों की समस्याओं से संबंधित नाटक तथा पुस्तक लिखिए इन्होंने दलित एवं महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा की व्यवस्था की और विद्यालय खोलें  धन्यवाद Read More

 दलित जातियों के सुधार आंदोलन के बारे में

 ज्योतिष फुले (1827-90) कपूर ज्योतिराम गोविंद राव फुले था इन्होंने सितंबर 18 73 ईस्वी में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज का गठन किया ज्योतिष पहले ने दलित माने जाने वाले लोगों की समस्याओं से संबंधित नाटक तथा पुस्तक लिखिए इन्होंने दलित एवं महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा की व्यवस्था की और विद्यालय खोलें 

धन्यवाद


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आएइ जाने स्वामी विवेकानंद के बारे में


 स्वामी विवेकानंद  (1862-1902)- रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे इन्होंने सन 1996 में राम कृष्ण मिशन की स्थापना की सन 1893 में शिकागो में विश्व धार्मिक संसद में हिंदू तत्व की बात रखी वह भारतीय समाज में पश्चिमी छाप के विरोधी थे में गर्व से कहते थे कि मैं भारतीय हूं तथा प्रत्येक भारतीय मेरा भाई है वह अंधविश्वास तथा अस्पृश्यता के विरोधी थे उन्होंने मानवता स्वतंत्रता तथा समानता की शिक्षा दी इन्हो... Read More

 स्वामी विवेकानंद 

(1862-1902)- रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे इन्होंने सन 1996 में राम कृष्ण मिशन की स्थापना की सन 1893 में शिकागो में विश्व धार्मिक संसद में हिंदू तत्व की बात रखी वह भारतीय समाज में पश्चिमी छाप के विरोधी थे में गर्व से कहते थे कि मैं भारतीय हूं तथा प्रत्येक भारतीय मेरा भाई है वह अंधविश्वास तथा अस्पृश्यता के विरोधी थे उन्होंने मानवता स्वतंत्रता तथा समानता की शिक्षा दी इन्होंने ज्ञान भक्ति योग और कम पर विशेष बल दिया उन्होंने वैज्ञानिक सोच को महत्व दिया

 धन्यवाद


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लोकतंत्र का भविष्य :कुछ चुनौतियां


 लोकतंत्र का भविष्य :कुछ चुनौतियां  हम सबको अपनी स्थिति में सुधार लाने के लिए जरूरी है कि हम सही नेताओं का चुनाव करें यदि उन्हें सही नेताओं को चुनने के लिए कोई ठीक विकल्प नहीं मिलता है या चुने हुए प्रतिनिधि असमार्क्ष है तथा उनमें बदलाव लाने की दंड इच्छा शक्ति नहीं है तब लोकतंत्र एक अनुपयोगी वह महंगा ढांचा मंत्र सिद्ध होता है अतः हमें याद रखना चाहिए कि एक जवाब दे लोकतांत्रिक व्यवस्था लाना... Read More

 लोकतंत्र का भविष्य :कुछ चुनौतियां

 हम सबको अपनी स्थिति में सुधार लाने के लिए जरूरी है कि हम सही नेताओं का चुनाव करें यदि उन्हें सही नेताओं को चुनने के लिए कोई ठीक विकल्प नहीं मिलता है या चुने हुए प्रतिनिधि असमार्क्ष है तथा उनमें बदलाव लाने की दंड इच्छा शक्ति नहीं है तब लोकतंत्र एक अनुपयोगी वह महंगा ढांचा मंत्र सिद्ध होता है अतः हमें याद रखना चाहिए कि एक जवाब दे लोकतांत्रिक व्यवस्था लाना हमारा महत्वपूर्ण दायित्व है इस जिम्मेदारी से हम बच नहीं सकते हैं

 धन्यवाद


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