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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

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भारत में कंपनी राज्य का विस्तार


 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार  जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते... Read More

 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार

 जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते उन्हें अंग्रेज सैनिक मदद देते अंग्रेज बदले में उसे व्यक्ति से जीते हुए राज्य का कुछ भाग व अन्य जयते लेते भारतीय शासक अंग्रेजों के हाथ की कोटपूतली बनकर रह गई अंग्रेज लगभग 90 वर्ष में 1764 ई से 1856 ई भारत के अधिकांश हिस्से पर राज्य करने लगे

 अंग्रेज ने विभिन्न नीतियों के अंतर्गत जैसे वेलेजली की सहायक संधि नीति डलहौजी की बिल्ली नीति को शासन का आरोप लगाकर राज्य हड़पने युद्ध में पराजित करके शासको से लाखों रुपए वार्षिक लेने वह फूट डालो और राज करो जैसे कूटनीतियों के जरिए भारत के राज्यों को कंपनी राज्य में मिलाया 

 धन्यवाद


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आएइ जाने हैदर अली के बारे मे


हैदर अली  हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों... Read More

हैदर अली

 हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों के मध्य सिंधी हो गई इस हिंदी के द्वारा जीते हुए प्रदेशों को एक दूसरे को लौटा दिया गया तथा विपत्ति में एक दूसरे की सहायता करने का वचन भी दिया गया

धन्यवाद


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डलहौजी की विलय नीति


 डलहौजी की विलय नीति   सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्य... Read More

 डलहौजी की विलय नीति 

 सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्येक संतानहीन व्यक्ति को गोद लेने का अधिकार प्राप्त है किंतु डलहौजी ने अंग्रेजी राज्य के अधीन किसी संतानहीन भारतीय नरेश को गोद लेने का अधिकार निषेध कर दिया इस नीति के अंतर्गत सतारा नागपुर उदयपुर जैतपुर व घाट संबलपुर तथा झांसी के राज्यों को अंग्रेजी राज्य में मिल लिया गया डलहौजी ने यह भी नीति अपनाई की भारतीय नरेशों की दी जाने वाली पेशेंट तथा उपाधियां से भी विचित्र कर दिया जाए कर्नाटक के नवाब और सुर के राजा तथा नाना साहब की पेटेंट और उपाध्य ए समाप्त कर दी गई

 धन्यवाद


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सिराजुद्दौला के बारे में


 सिराजुद्दौला के बारे में   1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वा... Read More

 सिराजुद्दौला के बारे में 

 1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वारा दी गई व्यापारिक सुविधाओं का दुरुपयोग कर रही थी साथ ही कोलकाता स्थित अपनी बस्तियों की किलेबंदी भी करने लगी थी जब सिराजुद्दौला को इसकी सूचना मिली तब उसने अंग्रेज व्यापारिक द्वारा की जाने वाली सैन्य तैयारी पर प्रतिबंध लगाया अंग्रेजों ने नवाब के आदेशों की अभेलना की 

 धन्यवाद


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बक्सर का युद्ध 1764 ई


 बक्सर का युद्ध  उपयुक्त तीनों की संयुक्त सेनन का अंग्रेजों की सेवा के साथ 17 64 ईस्वी में बक्सर के मैदान में भीषण संग्राम हुआ परंतु सफलता अंग्रेजों को ही मिली आमिर कासिम युद्ध भूमि से भागने को विवश हुआ अंग्रेजों ने एक बार फिर मिर्जापुर को बंगाल का नवाब बना दिया बक्सर के युद्ध का भारतीय इतिहास में बहुत महत्व है अंग्रेजों की राज्य विजय से न केवल मीर कासिम की शक्ति छीन भिन्न हो गई बल्कि अव... Read More

 बक्सर का युद्ध

 उपयुक्त तीनों की संयुक्त सेनन का अंग्रेजों की सेवा के साथ 17 64 ईस्वी में बक्सर के मैदान में भीषण संग्राम हुआ परंतु सफलता अंग्रेजों को ही मिली आमिर कासिम युद्ध भूमि से भागने को विवश हुआ अंग्रेजों ने एक बार फिर मिर्जापुर को बंगाल का नवाब बना दिया बक्सर के युद्ध का भारतीय इतिहास में बहुत महत्व है अंग्रेजों की राज्य विजय से न केवल मीर कासिम की शक्ति छीन भिन्न हो गई बल्कि अवध भी अंग्रेजों के सैया वे राजनीतिक पर मुक्त में आ गया जहां प्लासी की जीत ने अंग्रेजों की आर्थिक स्थिति मजबूत की वही बक्सर की जीत ने अंग्रेजों के पर भारत में और मजबूत कर दिए बक्सर के युद्ध के बाद एली ब्रिटिश गवर्नर बनाकर भारत आया उसने मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय और अवध के नवाब सिराजुद्दौला के साथ इलाहाबाद की दो सीढ़ियां की 

 धन्यवाद


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प्लासी का युद्ध 1757 ई


 प्लासी का युद्ध  जब नवाब को इसकी सूचना मिली तब उसने प्रतिरोध करने हेतु अपनी सेवा के साथ लाइव के विरुद्ध कुछ कर दिया 1957 ईस्वी में प्लासी के मैदान में सिराजुद्दौला तथा लाइव की सेनाएं आमने-सामने हुई नवाब ने अपने सेनापति मिर्जापुर को अंग्रेजों पर आक्रमण की पहल करने को कहा किंतु मिर्जापुर निशि करिए खड़ा रहा  इससे सिराजुद्दौला को उसके विश्व संघट का अभ्यास हो गया और वह षड्यंत्र से बचने... Read More

 प्लासी का युद्ध

 जब नवाब को इसकी सूचना मिली तब उसने प्रतिरोध करने हेतु अपनी सेवा के साथ लाइव के विरुद्ध कुछ कर दिया 1957 ईस्वी में प्लासी के मैदान में सिराजुद्दौला तथा लाइव की सेनाएं आमने-सामने हुई नवाब ने अपने सेनापति मिर्जापुर को अंग्रेजों पर आक्रमण की पहल करने को कहा किंतु मिर्जापुर निशि करिए खड़ा रहा

 इससे सिराजुद्दौला को उसके विश्व संघट का अभ्यास हो गया और वह षड्यंत्र से बचने के लिए लड़ाई का मैदान छोड़कर भाग गया नवाब के भाग जाने से उसकी सेवा में भगदड़ मच गई अतः नवाब को बंदी बना लिया और मिर्जापुर के पुत्र ने उसकी हत्या कर दी मिर्जापुर को अंग्रेजों ने धोखा देने के पुरस्कार में बंगाल का नवाब बना दिया और मिर्जापुर ने अंग्रेजों को बहुत साधन व जागीर दी मिर्जापुर महत्वाकांक्षी तो था किंतु वह स्वतंत्रता पूर्वक शासन नहीं कर सका उसने अनुभव किया कि अंग्रेज उसे मात्र एक कठपुतली की तरह है नामधारी शासन के रूप में रखना चाहते थे अंग्रेजो ने उसे अपनी सुनिश्चित आई का साधन बना लिया और उसने धन वसूलने वालों कंपनी के एजेंट तथा दलालों ने भ्रष्टाचार से आर्थिक लूट की कार्यवाही शुरू कर दी थी फुर्सत नवाब का खजाना खाली हो गया और वह आर्थिक संकट में पड़ गया अनंत वह अंग्रेजों की बढ़ती मांग पूरा करने में असमर्थ हो गया उनके आर्थिक शोषण में उत्पीड़न के फल स्वरुप किसानों तथा दस्तकारों में संतोष व्यापक हो गया इस राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था से उभर कर वह अंग्रेजों से छुटकारा पाने का उपाय सोचने लगा इसी बीच 1760 ईस्वी में अंग्रेजों ने उसे गाड़ी से उतर कर उसके दामाद मीर कासिम को बंगाल का नवाब बना दिया अंग्रेजी सेवा का घर चलाने हेतु उसको वर्धमन वर्धमन मिदनापुर चटगांव के जिले अंग्रेजों को देने

धन्यवाद


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राजा और ना भाव को अंग्रेजों से खतरा


 राजा और नवाब को अंग्रेजों से खतरा  कंपनी को भेंट देते और उसकी सेवा का खर्चा उठाने में भारतीय राजाओं पर बहुत-बहुत पढ़ने लगा राजा बना भाव व्यापार के खिलाफ नहीं थे परंतु वह अपने राज्य में किसी और की सैनिक ताकत नहीं बढ़ने दे सकते थे उन्होंने कंपनी की सैनिक ताकत पर रोक लगाने की कोशिश की  अस्त्र-शस्त्र सैनिक बल में किलेबंदी के सहारे होने वाला व्यापार कोई साधारण व्यापार नहीं रहा भारत के र... Read More

 राजा और नवाब को अंग्रेजों से खतरा

 कंपनी को भेंट देते और उसकी सेवा का खर्चा उठाने में भारतीय राजाओं पर बहुत-बहुत पढ़ने लगा राजा बना भाव व्यापार के खिलाफ नहीं थे परंतु वह अपने राज्य में किसी और की सैनिक ताकत नहीं बढ़ने दे सकते थे उन्होंने कंपनी की सैनिक ताकत पर रोक लगाने की कोशिश की

 अस्त्र-शस्त्र सैनिक बल में किलेबंदी के सहारे होने वाला व्यापार कोई साधारण व्यापार नहीं रहा भारत के राजाओं और दबाव को यह बात बड़ी खतरनाक लगी कि उनके राज्य में किसी दूसरे देश के लोग सीन रखें युद्ध लड़े किले बनाए और अपनी सैनिक शक्ति की दाग जमाई वह कंपनी की दूसरी बातों से भी परेशान रहते थे

 धन्यवाद


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भारत के राज्य और विदेशी कंपनियों की सेना


 भारत में राज्य और विदेशी कंपनियों की सेना   भारत के राजा और नवाब अपना अपना राज्य बढ़ाने में और एक दूसरे पर हमला करने में लगे रहते थे इनमें उत्तर अधिकार संबंधी युद्ध भी होते थे और वह इन विदेशी कंपनियों की सहायता लेने में नहीं हिचकते थे दोनों कंपनियां इन झगड़ों में अपनी टांगे बढ़ने लगी अगर कंपनी किसी राज्य या अनुभव का साथ देने को तैयार हो जाति और अपनी सेना उसके लिए लड़ने भेज देती तो... Read More

 भारत में राज्य और विदेशी कंपनियों की सेना 

 भारत के राजा और नवाब अपना अपना राज्य बढ़ाने में और एक दूसरे पर हमला करने में लगे रहते थे इनमें उत्तर अधिकार संबंधी युद्ध भी होते थे और वह इन विदेशी कंपनियों की सहायता लेने में नहीं हिचकते थे दोनों कंपनियां इन झगड़ों में अपनी टांगे बढ़ने लगी अगर कंपनी किसी राज्य या अनुभव का साथ देने को तैयार हो जाति और अपनी सेना उसके लिए लड़ने भेज देती तो उसे राजा या दबाव की ताकत बहुत बढ़ जाती थी यूरोपीय सेनन का बड़ा दबदबा था 

 धन्यवाद


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भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना


 भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना   अंग्रेज फ्रांसीसी वह अन्य यूरोपीय की तरह भारत में व्यापार करने के लिए आए थे लेकिन धीरे-धीरे भारत में अपना राज्य स्थापित कर लिया इसके लिए उन्होंने कौन-कौन से तरीके अपनाए? आएइ इन्हें भी जाने -  18 वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य की शक्ति से होने पर प्रत्यय क्षेत्रीय शासको ने अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित कर ली थी इनमें बंगाल बिहार में उड़ीसा हैद... Read More

 भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना 

 अंग्रेज फ्रांसीसी वह अन्य यूरोपीय की तरह भारत में व्यापार करने के लिए आए थे लेकिन धीरे-धीरे भारत में अपना राज्य स्थापित कर लिया इसके लिए उन्होंने कौन-कौन से तरीके अपनाए? आएइ इन्हें भी जाने -

 18 वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य की शक्ति से होने पर प्रत्यय क्षेत्रीय शासको ने अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित कर ली थी इनमें बंगाल बिहार में उड़ीसा हैदराबाद मैसूर और मराठा प्रमुख थे मुगल बादशाह का निरंतर नाम मात्र का रह गया था इसी सदी में यूरोप में फ्रांस और इंग्लैंड के बीच विश्व में उपनिवेशों व व्यापार से ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कई वर्षों तक निरंतर युद्ध होते रहे दोनों देशों के व्यापारी इतने अमीर हो गए थे कि अपने-अपने देश के शासन में भी इनका बोलबाला था यहां तक की इंग्लैंड और फ्रांस के राजा अपने-अपने देश की कंपनियों का पूरा समर्थन करते थे और उन्हें मदद देते थे

 धन्यवाद


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रामकृष्ण परमहंस


 रामकृष्ण परमहंस   रामकृष्ण परमहंस 1834 से 1886 ई का भी योगदान महत्वपूर्ण था यह भी एक ईश्वर की उपासना में विश्वास करते थे तथा पश्चिमी संस्कृति की अपेक्षा भारतीय संस्कृति को उत्तम बताते थे  धन्यवाद Read More

 रामकृष्ण परमहंस 

 रामकृष्ण परमहंस 1834 से 1886 ई का भी योगदान महत्वपूर्ण था यह भी एक ईश्वर की उपासना में विश्वास करते थे तथा पश्चिमी संस्कृति की अपेक्षा भारतीय संस्कृति को उत्तम बताते थे

 धन्यवाद


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