इस आलेखन में प्राय ज्यामितीय यंत्रों की सहायता से बनाए गए व्रत सीधी अथवा व्रत रेखाओं तथा अन्य ज्यामितीय अलंकारों के प्रधानता होती है इस प्रकार के अलखनों में देखा चाप व्रत वर्ग त्रिभुज आदिल आत्मक आकृतियों का प्रयोग अधिक मात्रा में किया जाता है ज्यामितियों अलंकारों के सुंदर संयोजन से बने आलेखनों की ही ज्यामितीय आलेखन कहते हैं
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Vanshika
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