ज्वालामुखी क्यों फटते हैं हो सकता है कि आपने ज्वालामुखी को पेट नहीं देखा हो लेकिन आपने इस बारे में सुनना जरूर होगा संभव है कि आपने फिल्म या टेलीविजन पर ज्वालामुखी को करते हुए भी देखा हो सवाल है कि ज्वालामुखी कहते किसे है और यह फटता क्यों है जब पृथ्वी के भीतर से पिछला हुआ लव धरातल पर फोड़ कर बाहर निकलता है तो उसे ज्वालामुखी का फटना कहते हैं यह ज्वालामुखी पृथ्वी के भीतर होने वाली विभिन्न प्रकार की हलचलों का परिणाम होते हैं ज्वालामुखी दो शब्दों से मिलकर बना है ज्वाला और मुख जब पृथ्वी के धरातल से किसी मुफ्त छिद्र के जरिए ज्वाला आदि निकलती है तो उसे ज्वालामुखी कहा जाता है जब हम धरातल से नीचे पृथ्वी के केंद्र की ओर चलते हैं तो तापमान लगातार बढ़ता जाता है पृथ्वी की ऊपरी सतह मिट्टी से बनी होती है और भूपति कहलाती है भूपति के बाद चट्टानों और धातुओं की एक परत होती है जिसे मेंटल कहा जाता है पृथ्वी का केंद्र कौन कहलाता है यह धातु निखिल और लोहे का बना होता है यहां पर तापमान इतना अधिक होता है की धातु पिंगली हुई अवस्था में होती है पिंगली हुई इन धातुओं को लव कहा जाता है जब आसपास की चट्टानों का दबाव बढ़ता है तो पिंगला हुआ यह लव दर्शन की और चल जाता है जब दबाव और अधिक बढ़ता है तो यह लव चट्टानों को तोड़ता हुआ धरातल से बाहर निकलने लगता है धरातल को तोड़ता हुआ यह लव बहुत तेजी के साथ ऊपर को निकलता है इस लावे में पिछली हुई धातुओं के अलावा विभिन्न प्रकार के खनिज गैस दुआ और चट्टानों के छोटे-छोटे टुकड़े भी होते हैं धरातल पर आकर लव ठंडा होकर हमने ठोस होने लगता है किस कारण ज्वालामुखी पर्वत बन जाते हैं धरातल पर ठंडा होकर जम गया यह लव बेहद उपजाऊ होता है क्योंकि इसमें विभिन्न प्रकार के खनिज पदार्थ होते हैं प्रशांत महासागर और जापान के आसपास सबसे अधिक ज्वालामुखी फटते हैं यही कारण है कि इस क्षेत्र को द रिंग ऑफ फायर या अग्निबालिया कहा जाता है विश्व के कुछ मुख्य ज्वालामुखी निम्नलिखित है फ्यूजी यामा याकुहमा भारत में भी एक ज्वालामुखी है अंडमान निकोबार दीप समूह के बैरन डीपी पर स्थित यह ज्वालामुखी फिलहाल शांत है लेकिन अतीत में यह ज्वालामुखी कई बार आग उगल चुका है धन्यवाद
Read Full Blog