
नारियल का रेशा- यह कड़ा तथा रुख रे ऐसा होता है इसका प्रयोग भी सीमित है समुद्र के नमकीन पानी में फुल कर पीट कर इसका रेशा साफ किया जाता है यह मोटे कपड़े चटाई डोर मेट दरी गलीचे ब्रश आदि बनाने में उपयोग आता है धन्यवाद
Read More
नारियल का रेशा-
यह कड़ा तथा रुख रे ऐसा होता है इसका प्रयोग भी सीमित है समुद्र के नमकीन पानी में फुल कर पीट कर इसका रेशा साफ किया जाता है यह मोटे कपड़े चटाई डोर मेट दरी गलीचे ब्रश आदि बनाने में उपयोग आता है
धन्यवाद
Read Full Blog...

हेंप क्या होता है हेंप का रेशा अभिलेख पौधे के ताने से प्राप्त होता है इसमें कुछ आवश्यक गुना का भाव होता है वैसे इस रेशे में चमक अधिक होती है यह भारत में व्युत्पन्न होता है कागज गलीचे जूते आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है धन्यवाद:-
Read More
हेंप क्या होता है
हेंप का रेशा अभिलेख पौधे के ताने से प्राप्त होता है इसमें कुछ आवश्यक गुना का भाव होता है वैसे इस रेशे में चमक अधिक होती है यह भारत में व्युत्पन्न होता है कागज गलीचे जूते आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है
धन्यवाद:-
Read Full Blog...

जूट क्या है यह झूठ के पौधे से प्राप्त होता है इसका पौधा 5 से 12 फीट तक ऊंचा होता है मोटी उंगली के बराबर होती है यह रेशे पीले रंग के होते हैं स्पर्श में चिकने तथा कोमल होते हैं इसके रेशे उलझे और आसमान होते हैं भारत में बंगाल राज्य में इसका उत्पादन सबसे अधिक होता है तट गले से डरी आदि का निर्माण जूठ के रेशों से होता है धन्यवाद
Read More
जूट क्या है
यह झूठ के पौधे से प्राप्त होता है इसका पौधा 5 से 12 फीट तक ऊंचा होता है मोटी उंगली के बराबर होती है यह रेशे पीले रंग के होते हैं स्पर्श में चिकने तथा कोमल होते हैं इसके रेशे उलझे और आसमान होते हैं भारत में बंगाल राज्य में इसका उत्पादन सबसे अधिक होता है तट गले से डरी आदि का निर्माण जूठ के रेशों से होता है
धन्यवाद
Read Full Blog...

तने वाले तंतु कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनके तानों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पौधों के तानों से विभिन्न क्रियो द्वारा तंतु ऑन को निकाला जाता है इसमें लेकिन झूठ अथवा हेंप आते हैं लिनन का तंतु - लेनिन का तंतु सानिया परसों के पौधे से प्राप्त होता है यह इस पौधे के तनु में पाया जाता है संकेत तने को पानी में भिगोने से तने का शेष भाग गैल कर नष्ट हो जाता है तथा लेनिन का...
Read More
तने वाले तंतु
कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनके तानों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पौधों के तानों से विभिन्न क्रियो द्वारा तंतु ऑन को निकाला जाता है इसमें लेकिन झूठ अथवा हेंप आते हैं
लिनन का तंतु -
लेनिन का तंतु सानिया परसों के पौधे से प्राप्त होता है यह इस पौधे के तनु में पाया जाता है संकेत तने को पानी में भिगोने से तने का शेष भाग गैल कर नष्ट हो जाता है तथा लेनिन का तंतु धीरे-धीरे निकल आता है यह तंतु बेलनाकार होता है और इस पर गांठे होती है यह कपास के तंतु से लंबा और मजबूत होता है इसमें लचीलापन और रो नहीं होते
धन्यवाद
Read Full Blog...

वनस्पति तंतु - यह वनस्पति जगत से प्राप्त होते हैं जैसे कपास वह कपड़ों के बीच के बालों से प्राप्त होते हैं कुछ अन्य तंतु जैसे झूठ लीलन वह हम पौधों के तानों से प्राप्त होते हैं बीज वाले तंतु- इसमें पेड़ के बीजों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पेड़ के बीच के चारों ओर तंतु चिपके रहते हैं इन बीजों को इकट्ठा करके उनसे तंतुओं को निकाला जाता है इस समूह का प्रमुख तंतु कपास है जि...
Read More
वनस्पति तंतु -
यह वनस्पति जगत से प्राप्त होते हैं जैसे कपास वह कपड़ों के बीच के बालों से प्राप्त होते हैं कुछ अन्य तंतु जैसे झूठ लीलन वह हम पौधों के तानों से प्राप्त होते हैं
बीज वाले तंतु-
इसमें पेड़ के बीजों से तंतु प्राप्त किए जाते हैं पेड़ के बीच के चारों ओर तंतु चिपके रहते हैं इन बीजों को इकट्ठा करके उनसे तंतुओं को निकाला जाता है इस समूह का प्रमुख तंतु कपास है जिसके बारे में हम बताएंगे
सूती (कपास)
सूती अथवा कपास का तंतु कपास के बीजों से प्राप्त होता है भारतवर्ष में सूती कपड़ों का प्रयोग सर्वाधिक किया जाता है कुछ समय पहले मशीनों के अभाव में सूती धागे चरखा चलाकर प्राप्त किए जाते थे यह बहुत मुलायम तथा महीन होते हैं ढाका की मलमल विश्व प्रसिद्ध सूती कपड़ा है कहा जाता है कि यह मलमल इतनी महीन होती है किसका पूरा थन एक अंगूठी से निकाल दिया जा सकता है
Read Full Blog...

कृत्रिम तंतु किसे कहते हैं द्वितीय वर्ग के वस्त्र उपयोगी तंतु को कृत्रिम तंतु कहा जाता है इस वर्ग के वस्त्र प्रयोग तंतु प्रकृति में स्वतंत्र रूप से विद्वान नहीं होते इन तंतु को मानव ने अपने वैज्ञानिक विवेक के आधार पर प्रयोगशाला में निर्मित किया है इन तंतु को वस्त्र प्रयोग आधुनिक तंतु भी कहा जाता है वस्त्र प्रयोग कृत्रिम तंतु को भी विभिन्न वीडियो द्वारा तैयार किया जाता है इस आधार पर इन...
Read More
कृत्रिम तंतु किसे कहते हैं
द्वितीय वर्ग के वस्त्र उपयोगी तंतु को कृत्रिम तंतु कहा जाता है इस वर्ग के वस्त्र प्रयोग तंतु प्रकृति में स्वतंत्र रूप से विद्वान नहीं होते इन तंतु को मानव ने अपने वैज्ञानिक विवेक के आधार पर प्रयोगशाला में निर्मित किया है इन तंतु को वस्त्र प्रयोग आधुनिक तंतु भी कहा जाता है वस्त्र प्रयोग कृत्रिम तंतु को भी विभिन्न वीडियो द्वारा तैयार किया जाता है इस आधार पर इन तंतुओं की भी दो वर्गों के अंतर्गत विभाजित किया जाता है जिन्हें क्रमश यांत्रिक वीडियो द्वारा तैयार कृत्रिम तंतु तथा रासायनिक वीडियो से तैयार तंतु के रूप में जाना जाता है यांत्रिक पद्धति से तैयार किया गया सर्वप्रथम कृत्रिम तंतु लियोन है रासायनिक विधि से तैयार किए जाने वाले कृत्रिम तंतु में प्रमुख है एक्रो लोन देखलो और लोन नायलॉन
रासायनिक तंतु :-
इनके तंतु मनुष्य द्वारा निर्मित किया जाता है प्राकृतिक साधनों से प्राप्त देश की तरह रासायनिक वीडियो से इन देशों का निर्माण करके टेलरों नायलॉन अल्फा आदि वस्त्रो का निर्माण किया जाता है आजकल इनका प्रचलन अधिक बढ़ रहा है यह रेशम के समान चमकीले होते हैं यह वस्त्र रश्मि वस्त्र के स्थान की पूर्ति करते हैं यह देखने में आकर्षक भर में हल्का व कोमल होता है भारत में सैकड़ो कारखाने इसका उत्पादन करते हैं बस या लकड़ी की लोदी को रासायनिक पदार्थ और वीडियो द्वारा दर्द के रूप में परिवर्तित करके मशीन के द्वारा रेशों के रूप में लाकर सुख लिया जाता है और इन्हीं देशों से वस्त्र तैयार कर लिया जाता है अधिक गर्मी से इसका तंतु पिघल जाता है गर्म पानी से धोने वह स्त्री करने से यह कमजोर हो जाता है
खनिज पदार्थों के तंतु:-
कुछ खनिज पदार्थ से भी वस्त्र का निर्माण किया जाता है इस पर स्टोर्स जालीदार वह किम ख्वाब के तंतु खनिज पदार्थ से ही प्राप्त किए जाते हैं इस पर स्टोर्स कोशिला तंतु कहते हैं इन कपड़ो पर अग्नि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के वस्त्र इसी तंतु के बने होते हैं जालीदार तंतु सोने चांदी वह अल्युमिनियम नमक धातु से तार खींचकर बनाए जाते हैं यह बहुत कीमती होते हैं तथा देखने में भड़कीले तथा भारी होते है
रियान को प्राकृतिक तथा कृत्रिम दोनों प्रकार का तंतु कहा जाता है
धन्यवाद
Read Full Blog...

प्राकृतिक तंतु किसे कहते हैं:- प्रथम वर्ग के तंतु को प्राकृतिक तंतु कहा जाता है इस वर्ग में उन वेस्टन पर योगी तंतुओं को शामिल किया जाता है जिन्हें भिन्न-भिन्न प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त किया जाता है प्राकृतिक तंतु प्राणी जगत से भी प्राप्त किए जाते हैं तथा वनस्पति जगत से भी प्रमुख वस्त्रपयोगी तंतु के उन रेशम कपास झूठ हम तथा लेनन आदि इसके अलावा खनिज स्रोतों से भी कुछ वस्त्...
Read More
प्राकृतिक तंतु किसे कहते हैं:-
प्रथम वर्ग के तंतु को प्राकृतिक तंतु कहा जाता है इस वर्ग में उन वेस्टन पर योगी तंतुओं को शामिल किया जाता है जिन्हें भिन्न-भिन्न प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त किया जाता है प्राकृतिक तंतु प्राणी जगत से भी प्राप्त किए जाते हैं तथा वनस्पति जगत से भी प्रमुख वस्त्रपयोगी तंतु के उन रेशम कपास झूठ हम तथा लेनन आदि इसके अलावा खनिज स्रोतों से भी कुछ वस्त्रपयोगी तंतु प्राप्त किए जाते हैं
वनस्पति से प्राप्त तंतु :-
पेड़ पौधों से प्राप्त तंत्र राई फ्लेक्स जोड़ तथा एमपी मुख्य है कुछ पेड़ पौधों में रेशों युक्त पदार्थ पाए जाते हैं तथा यह जैसे पेड़ पौधे के विभिन्न भागों से प्राप्त होते हैं कुछ तंतु बाल जैसे होते हैं कुछ तंतु बीजों से प्राप्त होते हैं जैसे कपास के बीच से हुई प्राप्त होती है कुछ तंतु पेड़ पौधों की छाल से प्राप्त होते हैं यह तंतु खड़े होने के कारण रस्सी चटाई आदि बनाने के काम आते हैं
जीव जंतु से प्राप्त तंतु :-
कुछ जंतु जीव जंतु से भी प्राप्त होते हैं उनका तंतु मुख्यतः पेड़ों से प्राप्त होता है साधारण पेड़ों से साधारण तथा घटिया हूं तथा अच्छी जाति की बीडीओ से बढ़िया ऊन प्राप्त होती है कश्मीरी पशमीना की उन एक उत्तम मल होती है रेशम का तंतु रेशम के कीड़ों से प्राप्त होता है जो कीड़े पालतू होते हैं उनका रेशम बहुत अच्छा होता है तथा जंगली कीड़ों का रेशम काम अच्छा होता है
धन्यवाद
Read Full Blog...

तंतु का अर्थ:- आधुनिक युग में इस वस्त्र विज्ञान की भाषा में वस्त्र निर्माण की सामग्री की सबसे लघु इकाई को रेशा या तंतु के नाम से पुकारते हैं हर एक वस्त्र का निर्माण संबंधित टांटन से ही होता है तंतुओं से धागा या सूट बनाया जाता है अनेक तंतु ऑन के निर्माण से धागा तैयार होता है जिसके लिए अनेक क्रियो को अपनाना पड़ता है तैयार धागे से बनाई की प्रक्रिया द्वारा वस्त्र तैयार किए जाते हैं
Read More
तंतु का अर्थ:-
आधुनिक युग में इस वस्त्र विज्ञान की भाषा में वस्त्र निर्माण की सामग्री की सबसे लघु इकाई को रेशा या तंतु के नाम से पुकारते हैं हर एक वस्त्र का निर्माण संबंधित टांटन से ही होता है तंतुओं से धागा या सूट बनाया जाता है अनेक तंतु ऑन के निर्माण से धागा तैयार होता है जिसके लिए अनेक क्रियो को अपनाना पड़ता है तैयार धागे से बनाई की प्रक्रिया द्वारा वस्त्र तैयार किए जाते हैं
Read Full Blog...

प्रस्तावना 'तंतु यार ऐसा वस्त्र की मूल इकाई है तंतुओं के संयोजन से ही वस्त्र बनता है' वस्त्र भोजन के पश्चात मनुष्य की दूसरी मूल आवश्यकता होती है वस्त्रो का हमारे जीवन के प्रत्येक पहलू को निकालने में बहुत महत्व होता है शरीर की सुंदरता तथा शारीरिक सुरक्षा के लिए वेस्टन की ही आवश्यकता होती है साफ सुथरे ढंग से सुव्यवस्थित वस्त्र पहनना मनुष्य की रहन-सहन तथा सभ्यता को प्र...
Read More
प्रस्तावना
'तंतु यार ऐसा वस्त्र की मूल इकाई है तंतुओं के संयोजन से ही वस्त्र बनता है'
वस्त्र भोजन के पश्चात मनुष्य की दूसरी मूल आवश्यकता होती है वस्त्रो का हमारे जीवन के प्रत्येक पहलू को निकालने में बहुत महत्व होता है शरीर की सुंदरता तथा शारीरिक सुरक्षा के लिए वेस्टन की ही आवश्यकता होती है साफ सुथरे ढंग से सुव्यवस्थित वस्त्र पहनना मनुष्य की रहन-सहन तथा सभ्यता को प्रभावित करते हैं प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में विभिन्न प्रकार के वस्त्र का प्रयोग करता है यदि वस्त्र के तंतु रेशों का पर्याप्त रूप से ज्ञान हो तो प्रत्येक व्यक्ति को अपने लिए वस्त्र चुनने में आसानी होती है कुछ समय पहले तक मनुष्य को केवल प्राकृतिक तंतुओं से बने वस्त्रो का सहारा लेना पड़ता था परंतु अब कृत्रिम तंतुओं का निर्माण किया जाने लगा है
तंतु से कपड़ों का निर्माण
अत्यंत प्राचीन काल में जब मानव असभ्य था और जंगलों में रहता था तो वह पेड़ों की छाल और पशुओं की खाल से ही अपना शरीर ढक लेता था किंतु सभ्यता के विकास के साथ उसने धीरे-धीरे वस्त्र का निर्माण आरंभ कर दिया वेस्टन के निर्माण के लिए मानव ने टैटो की खोज की किसी पदार्थ की वह इकाई जिससे कपड़ों के निर्माण के लिए धागा बनाया जाता है तंतु कहलाता है
धन्यवाद:-
Read Full Blog...

अशुद्धियां दूर करने के उपाय गैसों को संभाल कर - गैस एक स्थान पर न रहकर दूर-दूर तक फैल जाती है जब वायु अशुद्ध होती है तो वह गर्म वह हल्की होकर ऊपर उड़ती है तथा नीचे का खाली स्थान शुद्ध वायु ग्रहण कर लेता है यही कारण है कि चिमनी एवं रोशनदान ऊपर की तरफ होते हैं और खिड़की वह दरवाजे नीचे की तरफ ऑक्सीजन द्वारा- ऑक्सीजन में ज्वलनशीलता का गुण पाया जाता है इस ज्वलनशीलता के गुण के...
Read More
अशुद्धियां दूर करने के उपाय
गैसों को संभाल कर - गैस एक स्थान पर न रहकर दूर-दूर तक फैल जाती है जब वायु अशुद्ध होती है तो वह गर्म वह हल्की होकर ऊपर उड़ती है तथा नीचे का खाली स्थान शुद्ध वायु ग्रहण कर लेता है यही कारण है कि चिमनी एवं रोशनदान ऊपर की तरफ होते हैं और खिड़की वह दरवाजे नीचे की तरफ
ऑक्सीजन द्वारा- ऑक्सीजन में ज्वलनशीलता का गुण पाया जाता है इस ज्वलनशीलता के गुण के कारण वायु की अशुद्धि या जल जाती है और वायु संवत ही शुद्ध हो जाती है
आंधी द्वारा- आंधी तीव्र गति से चलती है और एक स्थान पर स्थित अशुद्ध वायु उड़कर सारे वायुमंडल में फैल जाती है तथा परिणाम स्वरुप वायु शुद्ध हो जाती है
पेड़ पौधे द्वारा- पेड़ पौधों स शुद्ध वायु को ग्रहण कर लेते हैं मैं वातावरण को शुद्ध बनाते हैं यही कारण है कि पेड़ पौधों वाले स्थानों की वायु शुद्ध वह स्वस्थ होती है
सूर्य का प्रकाश तथा वर्षा - सूर्य के प्रकाश में उपस्थित पराबैंगनी करने वायुमंडल में उपस्थित अशुद्धियों को नष्ट कर देती है इसी प्रकार वर्ष का पानी जब पृथ्वी पर जाता है तो वह अपने साथ अशुद्धियां गोल लेता है और परिणाम स्वरुप वायुमंडल शुद्ध हो जाता है
धन्यवाद:-
Read Full Blog...