भारत में प्राय सांसद देश से मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए हैं भारत स्वयं राष्ट्रकूल का सदस्य है राष्ट्रकूल से मुक्त हुए ऐसे देश का संगठन है जिसके सभी सदस्य स्वतंत्र एवं समान है अपनी आपसी समस्याओं के समाधान के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग और मित्रता के भाव से काम करते हैं वह अपने आंतरिक एवं बरहा मामलों में पूर्ण रूप से स्वतंत्र है
भारत अंतरराष्ट्रीय शांति सुरक्षा एवं विकास का हमेशा से समर्थक रहा है इस कारण संयुक्त राष्ट्र संघ जैसे बंसी वक्त संस्थाओं के साथ-साथ दक्षेस आशियां जैसे क्षेत्रीय संगठनों में भी सक्रिय भागीदारी रहा है
धन्यवाद
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Vanshika
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