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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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सैनी संगठन के बारे में जाने

सैनी संगठन के बारे में जाने
 सैनी संगठन   भारतीय सेवा का सर्वोच्च सेनापति कमांडर राष्ट्रपति है किंतु देश की वास्तविक सुरक्षा का दायित्व मंत्रिमंडल पर होता है मंत्रिमंडल की ओर से रक्षा संबंधी मामलों पर विचार विमर्श करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति है जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है रक्षा मंत्री और रक्षा मंत्रालय इसके कार्य का संचालन करता है और सुना के तीनों अंगों के कार्यों की निगरानी रखता है  अपने गणतंत्र दिवस के अवसर पर... Read More
 सैनी संगठन   भारतीय सेवा का सर्वोच्च सेनापति कमांडर राष्ट्रपति है किंतु देश की वास्तविक सुरक्षा का दायित्व मंत्रिमंडल पर होता है मंत्रिमंडल की ओर से रक्षा संबंधी मामलों पर विचार विमर्श करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति है जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है रक्षा मंत्री और रक्षा मंत्रालय इसके कार्य का संचालन करता है और सुना के तीनों अंगों के कार्यों की निगरानी रखता है  अपने गणतंत्र दिवस के अवसर पर टेलीविजन में सेवा के तीनों अंगों तथा जल सीनेटल सेवा एवं वायु सेवा को मार्च पास्ट करते देखा होगा  धन्यवाद
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[email protected] 12 Mar 2026 66 Views

देश की सुरक्षा के बारे में जाने

देश की सुरक्षा के बारे में जाने
 देश की सुरक्षा  स्वतंत्रता के बाद देश की आजादी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक था कि देश की सैन्य शक्ति को मजबूत किया जाए आजादी के तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा किए गए आक्रमण ने हमें और सतर्क कर दिया अतः सी को आधुनिक बनाने सैन्य बल की संख्या बढ़ाने तथा सेवा की नई जरूरत को पूरा करने के लिए सैन्य अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए विश्व में हथियारों की होने देश को आधुनिक हथियारों के विकास के... Read More
 देश की सुरक्षा  स्वतंत्रता के बाद देश की आजादी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक था कि देश की सैन्य शक्ति को मजबूत किया जाए आजादी के तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा किए गए आक्रमण ने हमें और सतर्क कर दिया अतः सी को आधुनिक बनाने सैन्य बल की संख्या बढ़ाने तथा सेवा की नई जरूरत को पूरा करने के लिए सैन्य अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए विश्व में हथियारों की होने देश को आधुनिक हथियारों के विकास के लिए मजबूत किया जिससे परंपरागत युद्ध प्रणाली के साथ-साथ युद्ध के नए तरीकों तथा सुरक्षा के प्रबंध किए गए सेवा के तीनों अंगों थल सी जल सेवा एवं वायु सेवा को अधिक शक्तिशाली बनाया गया  धन्यवाद
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[email protected] 12 Mar 2026 54 Views

वायु सेवा

वायु सेवा
 वायु सेवा   भारतीय वायु सेवा में इस समय चार कमाने हैं पश्चिमी वायु कमान पूर्वी वायु कमान परिश्रण कमान और रखरखाव कमान इसका भी मुख्यालय दिल्ली में है वायु सेवा अध्यक्ष को एयर चीफ मार्शल कहते हैं  धन्यवाद Read More
 वायु सेवा   भारतीय वायु सेवा में इस समय चार कमाने हैं पश्चिमी वायु कमान पूर्वी वायु कमान परिश्रण कमान और रखरखाव कमान इसका भी मुख्यालय दिल्ली में है वायु सेवा अध्यक्ष को एयर चीफ मार्शल कहते हैं  धन्यवाद
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[email protected] 12 Mar 2026 85 Views

आएइ जाने भारतीय नौसेना के बारे में

आएइ जाने भारतीय नौसेना के बारे में
 भारतीय नौसेना  भारतीय नौसेना को जल सेवा भी कहते हैं यह तीन कमांडो में विभाजित है पश्चिमी कमान पूर्वी कमान और दक्षिणी कमान नौसेना के भारत में दो बेडे है पूर्वी बेड़ा और पश्चिमी बेड़ा इसका मुख्यालय भी दिल्ली में है  धन्यवाद Read More
 भारतीय नौसेना  भारतीय नौसेना को जल सेवा भी कहते हैं यह तीन कमांडो में विभाजित है पश्चिमी कमान पूर्वी कमान और दक्षिणी कमान नौसेना के भारत में दो बेडे है पूर्वी बेड़ा और पश्चिमी बेड़ा इसका मुख्यालय भी दिल्ली में है  धन्यवाद
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[email protected] 12 Mar 2026 38 Views

आएइ जाने थल सेना के बारे में

 थल सेना   भारतीय थल सी 5 कमांडो में विभाजित है पश्चिमी पूर्वी दक्षिणी उत्तरी और केंद्रीय कमान थल सेवा में कई प्रकार की सीन हैं जैसे इन फैक्ट्री टॉप खान अमरी मेडिकल कोर आमिर शिक्षा कौर यह हमारी सी है और इसका मुख्यालय दिल्ली मे है  धन्यवाद Read More
 थल सेना   भारतीय थल सी 5 कमांडो में विभाजित है पश्चिमी पूर्वी दक्षिणी उत्तरी और केंद्रीय कमान थल सेवा में कई प्रकार की सीन हैं जैसे इन फैक्ट्री टॉप खान अमरी मेडिकल कोर आमिर शिक्षा कौर यह हमारी सी है और इसका मुख्यालय दिल्ली मे है  धन्यवाद
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[email protected] 12 Mar 2026 38 Views

खान अब्दुल गफ्फार खा

खान अब्दुल गफ्फार खा
 खान अब्दुल गफ्फार खा  पेशावर में जाना क्रॉस की अभिव्यक्ति कई रूपों में देखने को मिलती है यहां कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर जनता ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया इस इलाके में सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खा वर्षों से सक्रिय थे उनके द्वारा जनता में किए गए कार्यों के कारण अहिंसक क्रांतिकारियों के वीर जाट थे अर्थात् खुदाई खिदमतगारो के दल तैयार हुए थे यह लोग लाल कुर्ती के नाम से जाने जाते थे सविन... Read More
 खान अब्दुल गफ्फार खा  पेशावर में जाना क्रॉस की अभिव्यक्ति कई रूपों में देखने को मिलती है यहां कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर जनता ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया इस इलाके में सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खा वर्षों से सक्रिय थे उनके द्वारा जनता में किए गए कार्यों के कारण अहिंसक क्रांतिकारियों के वीर जाट थे अर्थात् खुदाई खिदमतगारो के दल तैयार हुए थे यह लोग लाल कुर्ती के नाम से जाने जाते थे सविनय अवज्ञा आंदोलन में उनकी भूमिका काफी सक्रिय थी इसी प्रकार देवबंद शाखा की राजनीति या संस्था जमात उल अल्मा ए हिंद में इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया   धन्यवाद
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[email protected] 12 Mar 2026 35 Views

सशस्त्र क्रांतिकारी का योगदान

 सशस्त्र क्रांतिकारी का योगदान  प्रथम विश्व युद्ध के दौरान क्रांतिकारी आंदोलनकारी को बुरी तरह कुचल दिया गया बहुत से नेता जेल भेज दिए गए और शेष इधर-उधर बिखर गए 1920 ई के प्रारंभ की क्रांतिकारी को जेल से रिहा कर दिया गया इसके कुछ समय बाद ही कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन छेड़ दिया क्रांतिकारी सशस्त्र क्रांति का रास्ता छोड़कर असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए किंतु असहयोग आंदोलन को एकाएक वापस ले लेने से क्रां... Read More
 सशस्त्र क्रांतिकारी का योगदान  प्रथम विश्व युद्ध के दौरान क्रांतिकारी आंदोलनकारी को बुरी तरह कुचल दिया गया बहुत से नेता जेल भेज दिए गए और शेष इधर-उधर बिखर गए 1920 ई के प्रारंभ की क्रांतिकारी को जेल से रिहा कर दिया गया इसके कुछ समय बाद ही कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन छेड़ दिया क्रांतिकारी सशस्त्र क्रांति का रास्ता छोड़कर असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए किंतु असहयोग आंदोलन को एकाएक वापस ले लेने से क्रांतिकारी की उम्मीद पर पानी फिर गया इन क्रांतिकारियों ने पुणे अपना क्रांतिकारी संगठन बनाना प्रारंभ कर दिया इसके नेता पुराने क्रांतिकारी सचिंद्रनाथ सरियाला राम प्रसाद बिस्मिल तथा योगेश चंद्र चटर्जी थे   धन्यवाद 
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[email protected] 11 Mar 2026 59 Views

सविनय अवज्ञा आंदोलन

सविनय अवज्ञा आंदोलन
 सविनय अवज्ञा आंदोलन  सन 1928 में अंग्रेज सरकार ने भारतीय शासन अधिनियम 1919 ई की समीक्षा करने के लिए साइमन नामक व्यक्ति के नेतृत्व में एक समिति बनाई इस समिति में एक भी भारतीय ना था इसे बिल्कुल स्पष्ट हो गया कि अंग्रेज सरकार यह मानने को तैयार नहीं थी कि भारत के लोगों को अपने देश का शासन चलाने का अधिकार होना चाहिए इसलिए भारत में साइमन जहां-जहां गया वहां उसके विरोध में जुलूस वह हड़ताल हुई और साइमन वा... Read More
 सविनय अवज्ञा आंदोलन  सन 1928 में अंग्रेज सरकार ने भारतीय शासन अधिनियम 1919 ई की समीक्षा करने के लिए साइमन नामक व्यक्ति के नेतृत्व में एक समिति बनाई इस समिति में एक भी भारतीय ना था इसे बिल्कुल स्पष्ट हो गया कि अंग्रेज सरकार यह मानने को तैयार नहीं थी कि भारत के लोगों को अपने देश का शासन चलाने का अधिकार होना चाहिए इसलिए भारत में साइमन जहां-जहां गया वहां उसके विरोध में जुलूस वह हड़ताल हुई और साइमन वापस जाओ का नारा जोरों से गूंजा  धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 51 Views

आएइ जानते हैं कि अल्फ्रेड पार्क का नाम शाहिद चंद्रशेखर आजाद पार्क क्यों रखा गया

आएइ जानते हैं कि अल्फ्रेड पार्क का नाम शाहिद चंद्रशेखर आजाद पार्क क्यों रखा गया
 अल्फ्रेड पार्क  सत्ता सत्ता के दामन में धीरे-धीरे क्रांतिकारी आंदोलन को बाइबल कर दिया 27 फरवरी 1931 ई को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में मुठभेड़ के दौरान चंद्रशेखर आजाद शहीद हो गए वर्तमान में अल्फ्रेड पार्क का नाम सहित चंद्रशेखर आजाद पार्क है आजाद की मृत्यु के बाद पंजाब उत्तर प्रदेश और बिहार में क्रांतिकारी आंदोलन लगभग समाप्त सा हो गया  धन्यवाद Read More
 अल्फ्रेड पार्क  सत्ता सत्ता के दामन में धीरे-धीरे क्रांतिकारी आंदोलन को बाइबल कर दिया 27 फरवरी 1931 ई को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में मुठभेड़ के दौरान चंद्रशेखर आजाद शहीद हो गए वर्तमान में अल्फ्रेड पार्क का नाम सहित चंद्रशेखर आजाद पार्क है आजाद की मृत्यु के बाद पंजाब उत्तर प्रदेश और बिहार में क्रांतिकारी आंदोलन लगभग समाप्त सा हो गया  धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 48 Views

लाहौर कांड के बारे में जाने

लाहौर कांड के बारे में जाने
 लाहौर कांड:-  भगत सिंह और राजगुरु ने दिसंबर 1928 ई को साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लाला लाजपत राय को लाठी से चोट पहुंचाने वाले पुलिस का नेतृत्व करने वाले अंग्रेज उच्च अधिकारी सांडर्स की हत्या कर दी सरकारी नीतियों के विरुद्ध में 8 अप्रैल 1929 ई को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका बम से नुकसान नहीं हुआ दोनों वहां से भेज नहीं और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया... Read More
 लाहौर कांड:-  भगत सिंह और राजगुरु ने दिसंबर 1928 ई को साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लाला लाजपत राय को लाठी से चोट पहुंचाने वाले पुलिस का नेतृत्व करने वाले अंग्रेज उच्च अधिकारी सांडर्स की हत्या कर दी सरकारी नीतियों के विरुद्ध में 8 अप्रैल 1929 ई को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका बम से नुकसान नहीं हुआ दोनों वहां से भेज नहीं और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया भगत सिंह एवं उनके साथियों पर सांडर्स हत्याकांड से संबंधित मुकदमा लोहार में चलाया गया 7 अक्टूबर 1930 ई को भगत सिंह राजगुरु एवं सुखदेव को फांसी की सजा सुनाई गई धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 83 Views