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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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दिव्यांग जनों को दी जाने वाली प्रमुख सुविधा

दिव्यांग जनों को दी जाने वाली प्रमुख सुविधा
 दिव्यांग जनों को दी जाने वाली प्रमुख सुविधा ए -  सरकार द्वारा कई क्षेत्रों में दिव्यांग जनों को विविध सुविधा दी जा रहीहै   सार्वजनिक भवनों जैसे विद्यालय बैंक पार्क आदि में रैंप की व्यवस्था  लिफ्ट में ब्रेल संकेतक और श्रव्य सिंगल की व्यवस्था  शिक्षा एवं नौकरी में विशेष सुविधाएं   सरकार द्वारा वहीं चेयर कान की मशीन आदि उपकरणों का मुक्त वितरण   रेलवे बस अड्डे एयरपोर्ट पर विशेष सुविधाएं जैस... Read More
 दिव्यांग जनों को दी जाने वाली प्रमुख सुविधा ए -  सरकार द्वारा कई क्षेत्रों में दिव्यांग जनों को विविध सुविधा दी जा रहीहै   सार्वजनिक भवनों जैसे विद्यालय बैंक पार्क आदि में रैंप की व्यवस्था  लिफ्ट में ब्रेल संकेतक और श्रव्य सिंगल की व्यवस्था  शिक्षा एवं नौकरी में विशेष सुविधाएं   सरकार द्वारा वहीं चेयर कान की मशीन आदि उपकरणों का मुक्त वितरण   रेलवे बस अड्डे एयरपोर्ट पर विशेष सुविधाएं जैसे रैंप वहीं चीयर अप सम शौचालय  धन्यवाद
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[email protected] 22 Mar 2026 52 Views

चार्टर एक्ट 1793 ई

चार्टर एक्ट 1793 ई
 चल टेक्स्ट 1793   इस कंपनी परिषद के फैसलों को बदल सकते थे इसके विचार मुंबई तथा चेन्नई की सरकारों पर गवर्नर जनरल का नियंत्रण भी बढ़ा दिया गया   धन्यवाद Read More
 चल टेक्स्ट 1793   इस कंपनी परिषद के फैसलों को बदल सकते थे इसके विचार मुंबई तथा चेन्नई की सरकारों पर गवर्नर जनरल का नियंत्रण भी बढ़ा दिया गया   धन्यवाद
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[email protected] 21 Mar 2026 65 Views

शिक्षा और सामाजिक सुधार

शिक्षा और सामाजिक सुधार
 शिक्षा और सामाजिक सुधार  अंग्रेजों ने 1781 ईस्वी में कोलकाता में एक मदरसा और 1792 ईस्वी में बनारस में एक संस्कृत कॉलेज की स्थापना की विलियम जॉन्स ने ऐसी एंटीक सोसाइटी नामक संस्था की स्थापना की जिसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय इतिहास व संस्कृति की जानकारी करना था  महान समाज सुधारक राजा राममोहन राय भारतीय समाज में बदलाव लाना चाहते थे में यह मानते थे कि भारतीय नए ज्ञान विज्ञान तकनीकी आदि को सीखे जिसके... Read More
 शिक्षा और सामाजिक सुधार  अंग्रेजों ने 1781 ईस्वी में कोलकाता में एक मदरसा और 1792 ईस्वी में बनारस में एक संस्कृत कॉलेज की स्थापना की विलियम जॉन्स ने ऐसी एंटीक सोसाइटी नामक संस्था की स्थापना की जिसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय इतिहास व संस्कृति की जानकारी करना था  महान समाज सुधारक राजा राममोहन राय भारतीय समाज में बदलाव लाना चाहते थे में यह मानते थे कि भारतीय नए ज्ञान विज्ञान तकनीकी आदि को सीखे जिसके लिए अंग्रेजी सीखना अनिवार्य था उन्होंने अंग्रेजी सरकार को चिट्ठी लिखकर अंग्रेजी शिक्षा की मांग की   धन्यवाद
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[email protected] 21 Mar 2026 75 Views

उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का प्रशिक्षण

उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का प्रशिक्षण
 उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का  प्रशिक्षण:-  प्रशासन की जिम्मेदारियां बढ़ती गई तो यह महसूस किया गया कि पर सैनिक अधिकारियों को भारत की शासन व्यवस्था समाज व्यवस्था भा धन्यवादषाओं तथा परंपराओं से भली भांति परिचित होना चाहिए इन विषयों की शिक्षा देने के लिए 1801 ईस्वी में कोलकाता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की गई  सन 18 53 ईस्वी में नागरिक सेवा में भर्ती होने के लिए भारतीयों के लिए नागरिक सेवा प्र... Read More
 उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का  प्रशिक्षण:-  प्रशासन की जिम्मेदारियां बढ़ती गई तो यह महसूस किया गया कि पर सैनिक अधिकारियों को भारत की शासन व्यवस्था समाज व्यवस्था भा धन्यवादषाओं तथा परंपराओं से भली भांति परिचित होना चाहिए इन विषयों की शिक्षा देने के लिए 1801 ईस्वी में कोलकाता में फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की गई  सन 18 53 ईस्वी में नागरिक सेवा में भर्ती होने के लिए भारतीयों के लिए नागरिक सेवा प्रतियोगिता आरंभ की गई उसकी परीक्षा इंग्लैंड में होती थी 1800 1853 में इस प्रतियोगिता में प्रवेश की उम्र 23 वर्ष थी किंतु 18 63 ईस्वी में प्रवेश की उम्र 23 वर्ष से घटकर 21 वर्ष तथा 1876 ईस्वी में 21 वर्ष से घटकर 19 वर्ष कर दी गई इस परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी भाषा थी इस कारण भारतीयों के लिए नागरिक सेवा में चयन कठिन हो गया  धन्यवाद
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[email protected] 21 Mar 2026 68 Views

पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई

पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई
​​ पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई  ब्रिटिश संसद ने 1784 ईस्वी में एक नया कानून पारित किया जो पीठ इंडिया एक्ट कहलाया इस अधिनियम के द्वारा1. ब्रिटेन में एक नियंत्रण परिषद बोर्ड ऑफ कंट्रोल की कंपनी के सैनिक ए सैनिक तथा राजस्व संबंधी मामलों में एकाधिकार प्राप्त हो गया है गवर्नर जनरल को भारत स्थित सभी ब्रिटिश फौजियों का मुख्य सेनापति बनाया गया व्यावसायिक मामलों में कंपनी की स्थिति यथावत रखी गई इस कानून के द्... Read More
​​ पिट्स इंडिया एक्ट 1784 ई  ब्रिटिश संसद ने 1784 ईस्वी में एक नया कानून पारित किया जो पीठ इंडिया एक्ट कहलाया इस अधिनियम के द्वारा1. ब्रिटेन में एक नियंत्रण परिषद बोर्ड ऑफ कंट्रोल की कंपनी के सैनिक ए सैनिक तथा राजस्व संबंधी मामलों में एकाधिकार प्राप्त हो गया है गवर्नर जनरल को भारत स्थित सभी ब्रिटिश फौजियों का मुख्य सेनापति बनाया गया व्यावसायिक मामलों में कंपनी की स्थिति यथावत रखी गई इस कानून के द्वारा ही वर्षा सैनिक ढांचे का निर्माण किया गया जिसके आधार पर 1857 ई तक भारत में कंपनी का शासन चलता रहा ब्रिटिश संसद ने कुछ चार्ट्स एक्ट पास किया  धन्यवाद  
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[email protected] 21 Mar 2026 74 Views

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई
 रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई   कंपनी की गतिविधियों को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के लिए 1773 ईस्वी में रेगुलेटिंग एक्ट बनाया गया कंपनी के डायरेक्टर से कहा गया कि 1. वह कंपनी के राजनीतिक व्यापार सैनिक सैनिक और राज्यसभा संबंधी सभी तथ्य ब्रिटिश संसद के सामने रखा करें 2. कंपनी के अधिकारी अतिरिक्त धना कमाई इसके लिए यह आवश्यक हो गया कि इंग्लैंड वापस लौटने पर अपनी संपत्ति का बुरा दे 3. इस एक्ट के अंतर्गत बं... Read More
 रेगुलेटिंग एक्ट 1773 ई   कंपनी की गतिविधियों को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के लिए 1773 ईस्वी में रेगुलेटिंग एक्ट बनाया गया कंपनी के डायरेक्टर से कहा गया कि 1. वह कंपनी के राजनीतिक व्यापार सैनिक सैनिक और राज्यसभा संबंधी सभी तथ्य ब्रिटिश संसद के सामने रखा करें 2. कंपनी के अधिकारी अतिरिक्त धना कमाई इसके लिए यह आवश्यक हो गया कि इंग्लैंड वापस लौटने पर अपनी संपत्ति का बुरा दे 3. इस एक्ट के अंतर्गत बंगाल के गवर्नर को कंपनी के संपूर्ण भारतीय क्षेत्र का गवर्नर जनरल नियुक्त किया गया उसकी मदद के लिए चार सदस्य की एक परिषद बनाई गई4. न्याय व्यवस्था को पूर्ण गठित करने के लिए कोलकाता में एक सर्वोच्च न्यायालय स्थापित किया गया  धन्यवाद
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[email protected] 21 Mar 2026 65 Views

भारतीय उद्योग धंधों का विनाश

भारतीय उद्योग धंधों का विनाश
 भारतीय उद्योग  धंधों का विनाश  अंग्रेज भारत से कच्चा माल सूट कपास ले जाते थे तथा मशीनों से माल तैयार करते थे जो कि हर से बने सामान से सस्ता होता था वह तैयार माल को ज्यादा दाम में भारत में बेच देते थे इसी कारण भारतीय उद्योग इंग्लैंड के उद्योग के समक्ष ठीक नहीं पाए इसी कारण भारतीय उपभोग धंधों का विनाश होने लगा  धन्यवाद Read More
 भारतीय उद्योग  धंधों का विनाश  अंग्रेज भारत से कच्चा माल सूट कपास ले जाते थे तथा मशीनों से माल तैयार करते थे जो कि हर से बने सामान से सस्ता होता था वह तैयार माल को ज्यादा दाम में भारत में बेच देते थे इसी कारण भारतीय उद्योग इंग्लैंड के उद्योग के समक्ष ठीक नहीं पाए इसी कारण भारतीय उपभोग धंधों का विनाश होने लगा  धन्यवाद
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[email protected] 19 Mar 2026 70 Views

महालवाड़ी प्रथा

महालवाड़ी प्रथा
 महालवाड़ी प्रथा   उत्तर प्रदेश के पश्चिम में दिल्ली और पंजाब के आसपास मालगुजारी कई गांव के समूह के स्वामियों से वसूल की जाती थी यह समूह महल कहलाते थे इसलिए इस प्रथा को महालवाड़ी प्रथा कहते हैं सरकार महल पर स्वामित्व रखने वाले से मालगुजारी वसूल करने का समझौता करती थी   धन्यवाद   Read More
 महालवाड़ी प्रथा   उत्तर प्रदेश के पश्चिम में दिल्ली और पंजाब के आसपास मालगुजारी कई गांव के समूह के स्वामियों से वसूल की जाती थी यह समूह महल कहलाते थे इसलिए इस प्रथा को महालवाड़ी प्रथा कहते हैं सरकार महल पर स्वामित्व रखने वाले से मालगुजारी वसूल करने का समझौता करती थी   धन्यवाद  
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[email protected] 19 Mar 2026 47 Views

रैयतवाड़ी प्रथा के बारे में

रैयतवाड़ी प्रथा के बारे में
 रैयतवाड़ी प्रथा  दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था   धन्यवाद Read More
 रैयतवाड़ी प्रथा  दक्षिण भारत के मद्रास प्रांत में मालगुजारी देने का उत्तरदायित्व रयत काश्तकार को सोपा गया मालगुजारी की धनराशि लगभग 3 वर्ष के लिए निश्चित कर दी गई रेस अपनी उपज का लगभग आधा भाग सरकार को मालगुजारी के रूप में देता था   धन्यवाद
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[email protected] 19 Mar 2026 48 Views

स्थाई बंदोबस्त लागू

स्थाई बंदोबस्त लागू
 स्थाई बंदोबस्त लागू   उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन लेने का भी अधिकार... Read More
 स्थाई बंदोबस्त लागू   उसने अधिक से अधिक मालगुजारी वसूल करके देने वाले को नीलामी बोली के आधार पर उन्हें तथा उनके पुत्रों को आजीवन स्थाई रूप से उसे गांव का जमीदार घोषित कर दिया यही जमींदारी प्रथा या स्थाई बंदोबस्त कहलाता है अब यह लोग जमीन के मालिक हो गए किंतु यह है स्वामित्व तभी तक रहता जब तक में माल गुजरी देते रहते थे उन्हें जमीन जोतने बोले वाले कष्ट करो को हटाने और उनसे जमीन छीन लेने का भी अधिकार था यह प्रथा बंगाल उड़ीसा और अवध प्रति में प्रारंभ की गई  धन्यवाद
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[email protected] 19 Mar 2026 48 Views