Company Logo

Vanshika

WEFRU9450291115202
Scan to visit website

Scan QR code to visit our website

Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se Digital Diary Submit Post


आएइ जाने सुरक्षा परिषद क्या है


 सुरक्षा परिषद  जैसा के नाम से ही स्पष्ट है कि यह परिषद विश्व में शांति व सुरक्षा बनाए रखने की प्रयास करती है जब भी दो देशों के बीच कोई विवाद उत्पन्न हो जाता है तो वह उसे दूर करने का प्रयास करती है यदि मतभेद युद्ध का रूप ले लेता है तो वह युद्ध को समाप्त करने का उपाय करती है आवश्यकता अनुसार सी भी भेजती है भारत ने अनेक अवसरों पर अपने सैनिक भेज कर संयुक्त राष्ट्र संघ का सहयोग किया है ... Read More

 सुरक्षा परिषद

 जैसा के नाम से ही स्पष्ट है कि यह परिषद विश्व में शांति व सुरक्षा बनाए रखने की प्रयास करती है जब भी दो देशों के बीच कोई विवाद उत्पन्न हो जाता है तो वह उसे दूर करने का प्रयास करती है यदि मतभेद युद्ध का रूप ले लेता है तो वह युद्ध को समाप्त करने का उपाय करती है आवश्यकता अनुसार सी भी भेजती है भारत ने अनेक अवसरों पर अपने सैनिक भेज कर संयुक्त राष्ट्र संघ का सहयोग किया है 

 सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य होते हैं इनमें से पांच देश स्थाई सदस्य हैं

 स्थाई सदस्य राष्ट्रीय है

 चीन फ्रांस रूस संयुक्त राज्य अमेरिका ब्रिटेन

 शेष 10 स्थाई सदस्य केवल दो वर्षों के लिए महासभा से चुने जाते हैं 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


आएइ जाने महासभा के बारे में


 महासभा (general assembly)  संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी सदस्य महासभा के सदस्य होते हैं प्रत्येक राष्ट्र सदस्य महासभा में अधिक से अधिक 5 प्रतिनिधि भेज सकता है किंतु मतदान के समय एक राष्ट्र एक ही मत दे सकता है महासभा की बैठक वर्ष में एक बार आवश्यक होती है इसका अध्यक्ष 1 वर्ष के लिए चुना जाता है  यह भी जाने- 24 अक्टूबर को विश्व में संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस मनाया जाता है  संयुक... Read More

 महासभा (general assembly)

 संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी सदस्य महासभा के सदस्य होते हैं प्रत्येक राष्ट्र सदस्य महासभा में अधिक से अधिक 5 प्रतिनिधि भेज सकता है किंतु मतदान के समय एक राष्ट्र एक ही मत दे सकता है महासभा की बैठक वर्ष में एक बार आवश्यक होती है इसका अध्यक्ष 1 वर्ष के लिए चुना जाता है

 यह भी जाने- 24 अक्टूबर को विश्व में संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस मनाया जाता है

 संयुक्त राष्ट्र संघ ने 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकार की सर्व भूमिका घोषणा की इसलिए प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है

 सभी महत्वपूर्ण मामले महासभा में प्रस्तुत किए जाते हैं महासभा इन पर विचार विमर्श करती है अपनी सलाह देती है विश्व की गंभीर समस्याओं पर विचार विमर्श करने के लिए विश्व सम्मेलन बुलाती है और विश्व का ध्यान उन समस्याओं और विशेष वर्गों की ओर दिलाता है जहां सुधार की आवश्यकता महसूस होती है उससे संबंधित जनसभाएं तथा विचार घोषित किया आदि पूरे वर्ष आयोजित की जाती है जैसे महिला वर्ष बाल वर्ष दिव्यांग वर्ष आदि

 धन्यवाद


Read Full Blog...


संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य क्यों थे आएइ जाने


 संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य   संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना संसार में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई इसलिए उसके घोषणा पत्र के अनुसार निम्नलिखित उद्देश्य घोषित किए गए  अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखना  रसों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना   आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक समस्याओं को हल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को निश्चित करना&nbsp... Read More

 संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य 

 संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना संसार में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई इसलिए उसके घोषणा पत्र के अनुसार निम्नलिखित उद्देश्य घोषित किए गए

 अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखना

 रसों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना 

 आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक समस्याओं को हल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को निश्चित करना 

 सभी लोगों के मौलिक अधिकारों की मान्यता देना

 धन्यवाद


Read Full Blog...


संयुक्त राष्ट्र संघ


 संयुक्त राष्ट्र संघ  ​​ संसार के अनेक देशों की बर्बादी देखकर यह अनुभव किया गया कि भविष्य में ऐसे युद्ध ना हो संसार में शांति और सुरक्षा बनाए रखना पर के लिए विभिन्न राष्ट्रों ने सेंधवा नहीं सको नामक नगर में आपस में विचार विमर्श किया और एक संगठन का निर्माण करने का निश्चय किया 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की विभीषिका से बचाना शुरू में इस संघ में केवल 51 राष्ट्र सदस्य थे जिसमें भारत भ... Read More

 संयुक्त राष्ट्र संघ 

​​ संसार के अनेक देशों की बर्बादी देखकर यह अनुभव किया गया कि भविष्य में ऐसे युद्ध ना हो संसार में शांति और सुरक्षा बनाए रखना पर के लिए विभिन्न राष्ट्रों ने सेंधवा नहीं सको नामक नगर में आपस में विचार विमर्श किया और एक संगठन का निर्माण करने का निश्चय किया 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की विभीषिका से बचाना शुरू में इस संघ में केवल 51 राष्ट्र सदस्य थे जिसमें भारत भी शामिल था वर्तमान में संयुक्त राष्ट्रीय संघ में 193 सदस्य है 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


वैशिवक समुदाय एवं भारत


 वैशि वक समुदाय  संसार में छोटे-बड़े काम शक्तिशाली और अधिक शक्तिशाली सभी तरह के देश है कुछ देशों का आपसी संबंध मित्र पूर्ण रहता है कभी-कभी तो दो या कई देशों के बीच मतभेद हो जाता है यही मतभेद कभी-कभी युद्ध का भी रूप ले लेता है मत भेद के कारण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं कोई देश अपने साम्राज्य की सीमा बढ़ाने की इच्छा से तो कोई अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए युद्ध करते हैं विश्व में प्रिये छोटे स... Read More

 वैशि वक समुदाय

 संसार में छोटे-बड़े काम शक्तिशाली और अधिक शक्तिशाली सभी तरह के देश है कुछ देशों का आपसी संबंध मित्र पूर्ण रहता है कभी-कभी तो दो या कई देशों के बीच मतभेद हो जाता है यही मतभेद कभी-कभी युद्ध का भी रूप ले लेता है मत भेद के कारण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं कोई देश अपने साम्राज्य की सीमा बढ़ाने की इच्छा से तो कोई अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए युद्ध करते हैं विश्व में प्रिये छोटे स्तर पर युद्ध होते रहते हैं किंतु 20वीं शताब्दी में दो विश्व युद्ध हुए हैं जिनमें विश्व केके देशों ने भाग लिया है और उसका विश्व के सांसद देश पर प्रभाव पड़ा

 पहले विश्लेषण 1914 में प्रारंभ हुआ था जो सन 1918 तक चला इसमें भाग लेने वाले देश थे एक तरफ ऑस्ट्रेलिया हंगरी जर्मनी तुर्की तथा दूसरी तरफ सर्बिया इंग्लैंड फ्रांस रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका

 शिक्षक की सहायता से संसार के मानचित्र के प्रथम विश्व युद्ध में भाग लेने वाले देशों के नाम अंकित कीजिए

 इस विश्व युद्ध में धन-धन की अपार हानि होने पर भी केवल 20 वर्ष के बाद ही दूसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया इस युद्ध में भाग लेने वाले देशों में एक और इंग्लैंड फ्रांस और रूस तथा दूसरी ओर जर्मनी जापान और इटली थे यह विश्व युद्ध पहला विश्व युद्ध से भी अधिक भयंकर था अपर धन की हानि के अतिरिक्त 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए और अनेक देश बुरी तरह बर्बाद हो गए

 द्वितीय विश्व युद्ध में परमाणु बम के हमले से दो शहर हिरोशिमा एवं नागासाकी नष्ट हो गए पता कीजिए यह नगर किस देश में है 

 धन्यवाद


Read Full Blog...


लोहार अधिवेशन और पूर्ण स्वराज की मांग


 लोहार अधिवेशन और पूर्ण स्वराज की मांग   सन 1929 में कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन लोहार में शुरू हुआ इस अधिवेशन के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू चुने गए ब्रिटिश सरकार को नेहरू रिपोर्ट स्वीकार करने के लिए 31 दिसंबर 1939 ई की समय सीमा समाप्त हो चुकी थी इसलिए राष्ट्रीय कांग्रेस ने रवि नदी के तट पर 31 दिसंबर 1929 की रात्रि तिरंगा झंडा फहराया और पूर्ण स्वराज की मांग का प्रस्ताव पारित किया... Read More

 लोहार अधिवेशन और पूर्ण स्वराज की मांग 

 सन 1929 में कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन लोहार में शुरू हुआ इस अधिवेशन के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू चुने गए ब्रिटिश सरकार को नेहरू रिपोर्ट स्वीकार करने के लिए 31 दिसंबर 1939 ई की समय सीमा समाप्त हो चुकी थी इसलिए राष्ट्रीय कांग्रेस ने रवि नदी के तट पर 31 दिसंबर 1929 की रात्रि तिरंगा झंडा फहराया और पूर्ण स्वराज की मांग का प्रस्ताव पारित किया

 धन्यवाद


Read Full Blog...


काकोरी कांड


 काकोरी कांड  अक्टूबर 1924 ईस्वी में क्रांतिकारी युवकों का कानपुर में एक सम्मेलन हुआ और हिंदुस्तान पब्लिक संगठन का गठन किया गया इसमें देश से अंग्रेजी सत्ता को जड़ से अखाड़ फेंकना तथा भारत को स्वतंत्र करने का संकल्प लिया गया संघर्ष छोड़ने के लिए धन का अभाव था इन क्रांतिकारियों ने 9 अगस्त 1925 ई को लखनऊ के निकट कटोरी में एक रेलगाड़ी रोककर सरकारी खजाने को अपने अधिकार में ले लिया बाद में वह... Read More

 काकोरी कांड

 अक्टूबर 1924 ईस्वी में क्रांतिकारी युवकों का कानपुर में एक सम्मेलन हुआ और हिंदुस्तान पब्लिक संगठन का गठन किया गया इसमें देश से अंग्रेजी सत्ता को जड़ से अखाड़ फेंकना तथा भारत को स्वतंत्र करने का संकल्प लिया गया संघर्ष छोड़ने के लिए धन का अभाव था इन क्रांतिकारियों ने 9 अगस्त 1925 ई को लखनऊ के निकट कटोरी में एक रेलगाड़ी रोककर सरकारी खजाने को अपने अधिकार में ले लिया बाद में वह पकड़े गए इस लूट कांड में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल रोशन सिंह राजेंद्र लाहिड़ी तथा अशफाक अल्लाह खान को फांसी दी गई अन्य व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा देकर अंडमान भेज दिया गया और 17 लोगों को लंबी सजा सुनाई गई चंद्रशेखर आजाद फरार हो गए

 धन्यवाद


Read Full Blog...


गांधी जी की डाडी यात्रा


गांधी जी की  डाडी यात्रा:-  सन 1930 के कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में कांग्रेस को सविनय अवज्ञा आंदोलन करने का अधिकार दे दिया गया था अतः गांधीजी के नेतृत्व में स्वराज की प्राप्ति के लिए सामान्य अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया गया गांधी जी ने 1930 ईस्वी में नमक कानून को तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया 12 मार्च 1930 ई को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से अपने 78 सहयोगियों के साथ डंडी की और... Read More

गांधी जी की  डाडी यात्रा:-

 सन 1930 के कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन में कांग्रेस को सविनय अवज्ञा आंदोलन करने का अधिकार दे दिया गया था अतः गांधीजी के नेतृत्व में स्वराज की प्राप्ति के लिए सामान्य अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया गया गांधी जी ने 1930 ईस्वी में नमक कानून को तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया 12 मार्च 1930 ई को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से अपने 78 सहयोगियों के साथ डंडी की और यात्रा प्रारंभ की तथा 6 अप्रैल 1930 ईस्वी में दांडी पहुंचकर गांधी जी ने समुद्र के किनारे नमक बनाकर अंग्रेजों का कानून तोड़ दिया

 इस सविनय अवज्ञा आंदोलन में सर ही बहुत बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष स्वयं सबको ने भाग लिया विदेशी माल का बहिष्कार किया गया कहीं-कहीं किसानों ने लग्न देना बंद कर दिया सरकार ने निर्मम दमन हत्या स्त्री पुरुषों पर लाठी और गोली की बौछार के द्वारा इस आंदोलन को को दबाने का प्रयास किया 5 में 1930 ई को सरकार ने गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया इसके विरोध में मद्रास चेन्नई कोलकाता और कराची आदि नगरों में प्रदर्शन हुए और प्रदर्शन कार्यों की विशाल भीड और पुलिस के बीच टकराव हुई

 धन्यवाद


Read Full Blog...


चोरी चोरी कांड


 चोरी चोरी कांड   4 फरवरी 1922 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चोरी चोरी नामक स्थान के किस थाने पर अपने विरोध प्रदर्शन के लिए आए थे क्योंकि पुलिस ने उनके एक साथी को बहुत मारा था जब वह थाने पर आए तो पुलिस ने उन पर भी गोली चलाने शुरू कर दी गुस्से में आकर किसानों ने थाने में आग लगा दी इस घटना से गांधी जी को काफी दुख हुआ था 12 फरवरी 1922 ई को उन्होंने आंदोलन स्थगित करने का निर... Read More

 चोरी चोरी कांड 

 4 फरवरी 1922 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चोरी चोरी नामक स्थान के किस थाने पर अपने विरोध प्रदर्शन के लिए आए थे क्योंकि पुलिस ने उनके एक साथी को बहुत मारा था जब वह थाने पर आए तो पुलिस ने उन पर भी गोली चलाने शुरू कर दी गुस्से में आकर किसानों ने थाने में आग लगा दी इस घटना से गांधी जी को काफी दुख हुआ था 12 फरवरी 1922 ई को उन्होंने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया उनका मन था कि हिंसा से स्वाधीनता प्राप्त नहीं की जा सकती उनके अनुसार किसी भी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अप्लाई गए तरीका भी महत्वपूर्ण है अब गांधी जी ने रचनात्मक कार्य करने का निश्चय किया इसमें हाथ से कटाई बुनाई छुआछूत का निवारण एवं संपादक एकता की स्थापना आदि थे 

 


Read Full Blog...


असहयोग आंदोलन 1920 से 1922 ई


 असहयोग आंदोलन  ऐसी विकट स्थिति में गांधीजी ने देश भर में असहयोग आंदोलन शुरू किया 1857 ई के विरुद्ध के बाद पूरे देश में एक साथ अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में होने वाला यह पहला बड़ा आंदोलन था इसका उद्देश्य था अन्य अंग्रेज शासन का सहयोग न करना   धन्यवाद Read More

 असहयोग आंदोलन

 ऐसी विकट स्थिति में गांधीजी ने देश भर में असहयोग आंदोलन शुरू किया 1857 ई के विरुद्ध के बाद पूरे देश में एक साथ अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में होने वाला यह पहला बड़ा आंदोलन था इसका उद्देश्य था अन्य अंग्रेज शासन का सहयोग न करना 

 धन्यवाद


Read Full Blog...



<--icon---->