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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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आएइ जाने भूमि सुधार के बारे में

आएइ जाने भूमि सुधार के बारे में
 भूमि सुधार  अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं बताएंगे   ... Read More
 भूमि सुधार  अंग्रेज सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए मालगुजारी भूमिका वसूल करने के तरीके पर भी विचार करने लगी बारे में हिस्ट्री गैस में यह नियम बनाया कि गांव की मालगुजारी वसूल करने के लिए किसी को ठेका दे दिया जाए और यदि माल गुजरी वसूल करने वाले का काम ठीक ना हो तो दूसरे व्यक्ति को यह काम सौंप दिया जाए लड़ कारण वाली सुनने इस प्रथा में कुछ सुधार किए हैं इसके बारे में हम आपको अगले ब्लॉग मैं बताएंगे   धन्यवाद
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[email protected] 19 Mar 2026 88 Views

बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था

बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था
 बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था   बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं   किसी दौरान 1769 से 70 ईस्वी में काल पढ़ने के कार... Read More
 बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था   बंगाल पर नियंत्रण होने के बाद लाड क्लाइव ने बंगाल में दोहरी शासन व्यवस्था प्रारंभ की इस व्यवस्था में कंपनी के पास राज्यसभा वसूली का कार्य था और नेपाल के पास राज्य की कानून व्यवस्था तथा राज्य के विकास कार्यों की जिम्मेदारी थी कंपनी के पास अधिकार थे परंतु कोई दायित्व नहीं जबकि नवाब के पास दायित्व थे परंतु अधिकार नहीं   किसी दौरान 1769 से 70 ईस्वी में काल पढ़ने के कारण बंगाल की जनता की कठिनाई और भी बढ़ गई थी जनता को राहत पहुंचाने का कोई कार्य नहीं किया गया था इससे इंग्लैंड में कंपनी की बहुत आलोचना हुई परंतु कंपनी के अधिकारी अधिक धन कमाने में लग रहे धन्यवाद
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[email protected] 18 Mar 2026 101 Views

भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव

भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव
 भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव  अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा   अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं उद्देश्यों को पूरा क... Read More
 भारत में कंपनी राज्य का प्रभाव  अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उसे पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए प्लासी के युद्ध 1757 ई से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ई की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और उसे सुगंद करने की प्रसाद सैनिक नीति में अक्सर बदलाव आता रहा   अंग्रेजी शासन का प्रस सैनिक ढांचा इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बनाया गया सबसे अधिक जोर कानून और व्यवस्था को बनाए रखने पर दिया जाता था जिससे बिना रुकावट के भारत में साथ व्यापार किया जा सके तथा उसके भौतिक एक प्राकृतिक संसाधनों का अधिक से अधिक अपने लाभ के लिए उपयोग किया जा सके  धन्यवाद
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[email protected] 18 Mar 2026 78 Views

भारत में कंपनी राज्य का विस्तार

भारत में कंपनी राज्य का विस्तार
 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार  जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते उन्हें अंग... Read More
 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार  जिस समय अंग्रेज भारत के उत्तर पूर्वी भाग में अपने साम्राज्य का विस्तार कर रहे थे उसी समय दक्षिण भारत के मैसूर हैदराबाद तथा मराठा राज्य के शासक आपसी युद्ध में व्यस्त थे देश के शासन कार्य अपनी सीमा के विस्तार या उत्तर अधिकार के लिए संघर्षरत थे जो राजा या शासक अपने को कमजोर समझने में अंग्रेजों की शरण में चले जाते जो शासन अंग्रेजों से मदद मांगने के लिए जाते उन्हें अंग्रेज सैनिक मदद देते अंग्रेज बदले में उसे व्यक्ति से जीते हुए राज्य का कुछ भाग व अन्य जयते लेते भारतीय शासक अंग्रेजों के हाथ की कोटपूतली बनकर रह गई अंग्रेज लगभग 90 वर्ष में 1764 ई से 1856 ई भारत के अधिकांश हिस्से पर राज्य करने लगे  अंग्रेज ने विभिन्न नीतियों के अंतर्गत जैसे वेलेजली की सहायक संधि नीति डलहौजी की बिल्ली नीति को शासन का आरोप लगाकर राज्य हड़पने युद्ध में पराजित करके शासको से लाखों रुपए वार्षिक लेने वह फूट डालो और राज करो जैसे कूटनीतियों के जरिए भारत के राज्यों को कंपनी राज्य में मिलाया   धन्यवाद
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[email protected] 18 Mar 2026 102 Views

आएइ जाने हैदर अली के बारे मे

आएइ जाने हैदर अली के बारे मे
हैदर अली  हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों के म... Read More
हैदर अली  हैदर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अंग्रेजों ने हैदर अली के विरुद्ध निजाम मराठों और कर्नाटक के अनुभव का एक सम्मिलित मोर्चा बनाया किंतु हैदर अली विचलित नहीं हुआ उसने मैराथन को धन देकर तथा निजाम को प्रदेश का रोल बंद देकर अपनी और मिल लिया इसके पश्चात उसने कर्नाटक पर आक्रमण कर दिया डेढ़ वर्ष तक युद्ध होता रहा हैदर अली ने मद्रास चेन्नई को घेर लिया 4 अप्रैल 1769 ई को हैदर अली तथा अंग्रेजों के मध्य सिंधी हो गई इस हिंदी के द्वारा जीते हुए प्रदेशों को एक दूसरे को लौटा दिया गया तथा विपत्ति में एक दूसरे की सहायता करने का वचन भी दिया गया धन्यवाद
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[email protected] 18 Mar 2026 120 Views

डलहौजी की विलय नीति

डलहौजी की विलय नीति
 डलहौजी की विलय नीति   सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्येक संतानहीन व्यक्ति को गोद लेने का... Read More
 डलहौजी की विलय नीति   सहायक संधि नीति द्वारा जिस तरह वेलेजली ने भारत के अनेक राजाओं को अपने नियंत्रण में कर लिया था उसी प्रकार लडल हो जी ने भी राज्यों को हड़पने की एक नीति अपनाई इस नीति के अंतर्गत उसने यह नियम घोषित किया कि भारत के जिन जिन राजाओं को कोई पुत्र ना हो, वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना किसी को गोद नहीं ले सकते थे हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार प्रत्येक संतानहीन व्यक्ति को गोद लेने का अधिकार प्राप्त है किंतु डलहौजी ने अंग्रेजी राज्य के अधीन किसी संतानहीन भारतीय नरेश को गोद लेने का अधिकार निषेध कर दिया इस नीति के अंतर्गत सतारा नागपुर उदयपुर जैतपुर व घाट संबलपुर तथा झांसी के राज्यों को अंग्रेजी राज्य में मिल लिया गया डलहौजी ने यह भी नीति अपनाई की भारतीय नरेशों की दी जाने वाली पेशेंट तथा उपाधियां से भी विचित्र कर दिया जाए कर्नाटक के नवाब और सुर के राजा तथा नाना साहब की पेटेंट और उपाध्य ए समाप्त कर दी गई  धन्यवाद
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[email protected] 18 Mar 2026 92 Views

सिराजुद्दौला के बारे में

सिराजुद्दौला के बारे में
 सिराजुद्दौला के बारे में   1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वारा दी गई व्यापा... Read More
 सिराजुद्दौला के बारे में   1756 ईस्वी में अली वर्दी कहां की मृत्यु होने पर उसका पुत्र सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना सत्ता संभालते ही उसे घरेलू और बाहरी शत्रुओं का सामना करना पड़ा नवाब के इन विरोधियों को बंगाल के कुछ धनी सीटों का भी समर्थन प्राप्त था अवसर पाकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने नवाब के विरोधियों की साजिशों में भाग लेना आरंभ कर दिया इस समय यूरोपीय कंपनियां शाही फरमान द्वारा दी गई व्यापारिक सुविधाओं का दुरुपयोग कर रही थी साथ ही कोलकाता स्थित अपनी बस्तियों की किलेबंदी भी करने लगी थी जब सिराजुद्दौला को इसकी सूचना मिली तब उसने अंग्रेज व्यापारिक द्वारा की जाने वाली सैन्य तैयारी पर प्रतिबंध लगाया अंग्रेजों ने नवाब के आदेशों की अभेलना की   धन्यवाद
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[email protected] 17 Mar 2026 55 Views

बक्सर का युद्ध 1764 ई

बक्सर का युद्ध 1764 ई
 बक्सर का युद्ध  उपयुक्त तीनों की संयुक्त सेनन का अंग्रेजों की सेवा के साथ 17 64 ईस्वी में बक्सर के मैदान में भीषण संग्राम हुआ परंतु सफलता अंग्रेजों को ही मिली आमिर कासिम युद्ध भूमि से भागने को विवश हुआ अंग्रेजों ने एक बार फिर मिर्जापुर को बंगाल का नवाब बना दिया बक्सर के युद्ध का भारतीय इतिहास में बहुत महत्व है अंग्रेजों की राज्य विजय से न केवल मीर कासिम की शक्ति छीन भिन्न हो गई बल्कि अवध भी अंग्र... Read More
 बक्सर का युद्ध  उपयुक्त तीनों की संयुक्त सेनन का अंग्रेजों की सेवा के साथ 17 64 ईस्वी में बक्सर के मैदान में भीषण संग्राम हुआ परंतु सफलता अंग्रेजों को ही मिली आमिर कासिम युद्ध भूमि से भागने को विवश हुआ अंग्रेजों ने एक बार फिर मिर्जापुर को बंगाल का नवाब बना दिया बक्सर के युद्ध का भारतीय इतिहास में बहुत महत्व है अंग्रेजों की राज्य विजय से न केवल मीर कासिम की शक्ति छीन भिन्न हो गई बल्कि अवध भी अंग्रेजों के सैया वे राजनीतिक पर मुक्त में आ गया जहां प्लासी की जीत ने अंग्रेजों की आर्थिक स्थिति मजबूत की वही बक्सर की जीत ने अंग्रेजों के पर भारत में और मजबूत कर दिए बक्सर के युद्ध के बाद एली ब्रिटिश गवर्नर बनाकर भारत आया उसने मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय और अवध के नवाब सिराजुद्दौला के साथ इलाहाबाद की दो सीढ़ियां की   धन्यवाद
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[email protected] 17 Mar 2026 55 Views

प्लासी का युद्ध 1757 ई

प्लासी  का युद्ध 1757 ई
 प्लासी का युद्ध  जब नवाब को इसकी सूचना मिली तब उसने प्रतिरोध करने हेतु अपनी सेवा के साथ लाइव के विरुद्ध कुछ कर दिया 1957 ईस्वी में प्लासी के मैदान में सिराजुद्दौला तथा लाइव की सेनाएं आमने-सामने हुई नवाब ने अपने सेनापति मिर्जापुर को अंग्रेजों पर आक्रमण की पहल करने को कहा किंतु मिर्जापुर निशि करिए खड़ा रहा  इससे सिराजुद्दौला को उसके विश्व संघट का अभ्यास हो गया और वह षड्यंत्र से बचने के लिए लड़ाई का... Read More
 प्लासी का युद्ध  जब नवाब को इसकी सूचना मिली तब उसने प्रतिरोध करने हेतु अपनी सेवा के साथ लाइव के विरुद्ध कुछ कर दिया 1957 ईस्वी में प्लासी के मैदान में सिराजुद्दौला तथा लाइव की सेनाएं आमने-सामने हुई नवाब ने अपने सेनापति मिर्जापुर को अंग्रेजों पर आक्रमण की पहल करने को कहा किंतु मिर्जापुर निशि करिए खड़ा रहा  इससे सिराजुद्दौला को उसके विश्व संघट का अभ्यास हो गया और वह षड्यंत्र से बचने के लिए लड़ाई का मैदान छोड़कर भाग गया नवाब के भाग जाने से उसकी सेवा में भगदड़ मच गई अतः नवाब को बंदी बना लिया और मिर्जापुर के पुत्र ने उसकी हत्या कर दी मिर्जापुर को अंग्रेजों ने धोखा देने के पुरस्कार में बंगाल का नवाब बना दिया और मिर्जापुर ने अंग्रेजों को बहुत साधन व जागीर दी मिर्जापुर महत्वाकांक्षी तो था किंतु वह स्वतंत्रता पूर्वक शासन नहीं कर सका उसने अनुभव किया कि अंग्रेज उसे मात्र एक कठपुतली की तरह है नामधारी शासन के रूप में रखना चाहते थे अंग्रेजो ने उसे अपनी सुनिश्चित आई का साधन बना लिया और उसने धन वसूलने वालों कंपनी के एजेंट तथा दलालों ने भ्रष्टाचार से आर्थिक लूट की कार्यवाही शुरू कर दी थी फुर्सत नवाब का खजाना खाली हो गया और वह आर्थिक संकट में पड़ गया अनंत वह अंग्रेजों की बढ़ती मांग पूरा करने में असमर्थ हो गया उनके आर्थिक शोषण में उत्पीड़न के फल स्वरुप किसानों तथा दस्तकारों में संतोष व्यापक हो गया इस राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था से उभर कर वह अंग्रेजों से छुटकारा पाने का उपाय सोचने लगा इसी बीच 1760 ईस्वी में अंग्रेजों ने उसे गाड़ी से उतर कर उसके दामाद मीर कासिम को बंगाल का नवाब बना दिया अंग्रेजी सेवा का घर चलाने हेतु उसको वर्धमन वर्धमन मिदनापुर चटगांव के जिले अंग्रेजों को देने धन्यवाद
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[email protected] 17 Mar 2026 78 Views

राजा और ना भाव को अंग्रेजों से खतरा

राजा और ना भाव को अंग्रेजों से खतरा
 राजा और नवाब को अंग्रेजों से खतरा  कंपनी को भेंट देते और उसकी सेवा का खर्चा उठाने में भारतीय राजाओं पर बहुत-बहुत पढ़ने लगा राजा बना भाव व्यापार के खिलाफ नहीं थे परंतु वह अपने राज्य में किसी और की सैनिक ताकत नहीं बढ़ने दे सकते थे उन्होंने कंपनी की सैनिक ताकत पर रोक लगाने की कोशिश की  अस्त्र-शस्त्र सैनिक बल में किलेबंदी के सहारे होने वाला व्यापार कोई साधारण व्यापार नहीं रहा भारत के राजाओं और दबाव क... Read More
 राजा और नवाब को अंग्रेजों से खतरा  कंपनी को भेंट देते और उसकी सेवा का खर्चा उठाने में भारतीय राजाओं पर बहुत-बहुत पढ़ने लगा राजा बना भाव व्यापार के खिलाफ नहीं थे परंतु वह अपने राज्य में किसी और की सैनिक ताकत नहीं बढ़ने दे सकते थे उन्होंने कंपनी की सैनिक ताकत पर रोक लगाने की कोशिश की  अस्त्र-शस्त्र सैनिक बल में किलेबंदी के सहारे होने वाला व्यापार कोई साधारण व्यापार नहीं रहा भारत के राजाओं और दबाव को यह बात बड़ी खतरनाक लगी कि उनके राज्य में किसी दूसरे देश के लोग सीन रखें युद्ध लड़े किले बनाए और अपनी सैनिक शक्ति की दाग जमाई वह कंपनी की दूसरी बातों से भी परेशान रहते थे  धन्यवाद
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[email protected] 17 Mar 2026 80 Views