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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

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सविनय अवज्ञा आंदोलन

सविनय अवज्ञा आंदोलन
 सविनय अवज्ञा आंदोलन  सन 1928 में अंग्रेज सरकार ने भारतीय शासन अधिनियम 1919 ई की समीक्षा करने के लिए साइमन नामक व्यक्ति के नेतृत्व में एक समिति बनाई इस समिति में एक भी भारतीय ना था इसे बिल्कुल स्पष्ट हो गया कि अंग्रेज सरकार यह मानने को तैयार नहीं थी कि भारत के लोगों को अपने देश का शासन चलाने का अधिकार होना चाहिए इसलिए भारत में साइमन जहां-जहां गया वहां उसके विरोध में जुलूस वह हड़ताल हुई और साइमन वा... Read More
 सविनय अवज्ञा आंदोलन  सन 1928 में अंग्रेज सरकार ने भारतीय शासन अधिनियम 1919 ई की समीक्षा करने के लिए साइमन नामक व्यक्ति के नेतृत्व में एक समिति बनाई इस समिति में एक भी भारतीय ना था इसे बिल्कुल स्पष्ट हो गया कि अंग्रेज सरकार यह मानने को तैयार नहीं थी कि भारत के लोगों को अपने देश का शासन चलाने का अधिकार होना चाहिए इसलिए भारत में साइमन जहां-जहां गया वहां उसके विरोध में जुलूस वह हड़ताल हुई और साइमन वापस जाओ का नारा जोरों से गूंजा  धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 144 Views

आएइ जानते हैं कि अल्फ्रेड पार्क का नाम शाहिद चंद्रशेखर आजाद पार्क क्यों रखा गया

आएइ जानते हैं कि अल्फ्रेड पार्क का नाम शाहिद चंद्रशेखर आजाद पार्क क्यों रखा गया
 अल्फ्रेड पार्क  सत्ता सत्ता के दामन में धीरे-धीरे क्रांतिकारी आंदोलन को बाइबल कर दिया 27 फरवरी 1931 ई को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में मुठभेड़ के दौरान चंद्रशेखर आजाद शहीद हो गए वर्तमान में अल्फ्रेड पार्क का नाम सहित चंद्रशेखर आजाद पार्क है आजाद की मृत्यु के बाद पंजाब उत्तर प्रदेश और बिहार में क्रांतिकारी आंदोलन लगभग समाप्त सा हो गया  धन्यवाद Read More
 अल्फ्रेड पार्क  सत्ता सत्ता के दामन में धीरे-धीरे क्रांतिकारी आंदोलन को बाइबल कर दिया 27 फरवरी 1931 ई को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में मुठभेड़ के दौरान चंद्रशेखर आजाद शहीद हो गए वर्तमान में अल्फ्रेड पार्क का नाम सहित चंद्रशेखर आजाद पार्क है आजाद की मृत्यु के बाद पंजाब उत्तर प्रदेश और बिहार में क्रांतिकारी आंदोलन लगभग समाप्त सा हो गया  धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 158 Views

लाहौर कांड के बारे में जाने

लाहौर कांड के बारे में जाने
 लाहौर कांड:-  भगत सिंह और राजगुरु ने दिसंबर 1928 ई को साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लाला लाजपत राय को लाठी से चोट पहुंचाने वाले पुलिस का नेतृत्व करने वाले अंग्रेज उच्च अधिकारी सांडर्स की हत्या कर दी सरकारी नीतियों के विरुद्ध में 8 अप्रैल 1929 ई को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका बम से नुकसान नहीं हुआ दोनों वहां से भेज नहीं और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया... Read More
 लाहौर कांड:-  भगत सिंह और राजगुरु ने दिसंबर 1928 ई को साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लाला लाजपत राय को लाठी से चोट पहुंचाने वाले पुलिस का नेतृत्व करने वाले अंग्रेज उच्च अधिकारी सांडर्स की हत्या कर दी सरकारी नीतियों के विरुद्ध में 8 अप्रैल 1929 ई को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका बम से नुकसान नहीं हुआ दोनों वहां से भेज नहीं और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया भगत सिंह एवं उनके साथियों पर सांडर्स हत्याकांड से संबंधित मुकदमा लोहार में चलाया गया 7 अक्टूबर 1930 ई को भगत सिंह राजगुरु एवं सुखदेव को फांसी की सजा सुनाई गई धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 182 Views

आएइ जाने की दक्षेस (सार्क) के बारे में

आएइ जाने की दक्षेस (सार्क) के बारे में
 दक्षेस (सार्क)  1985 में दक्षिण एशिया के साथ देश से मिलकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन दक्षेस बना इनका स्थाई कार्यालय काठमांडू में है नवंबर 2005 में अफगानिस्तान दक्षेस में सम्मिलित हुआ अप्रैल 2007 में इसे पूर्ण सदस्य का दर्जा मिला जिसे वर्तमान में दक्षेस की सदस्य संख्या 8 हो गई है   इसकी स्थापना का उद्देश्य दक्षिण एशिया के लोगों का कल्याण करना जीवन स्तर सुधारना तथा आर्थिक सामाजिक सांस्कृति... Read More
 दक्षेस (सार्क)  1985 में दक्षिण एशिया के साथ देश से मिलकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन दक्षेस बना इनका स्थाई कार्यालय काठमांडू में है नवंबर 2005 में अफगानिस्तान दक्षेस में सम्मिलित हुआ अप्रैल 2007 में इसे पूर्ण सदस्य का दर्जा मिला जिसे वर्तमान में दक्षेस की सदस्य संख्या 8 हो गई है   इसकी स्थापना का उद्देश्य दक्षिण एशिया के लोगों का कल्याण करना जीवन स्तर सुधारना तथा आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक तकनीकी एवं वैज्ञानिक क्षेत्र के विकास में पारस्परिक सहयोग देने के साथ ही आपसी विश्वास समझ और एक दूसरे की समस्याओं के प्रति सहानुभूति रखता है  धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 151 Views

आएइ जाने राष्ट्रकूल के बारे में

आएइ जाने राष्ट्रकूल के बारे में
 राष्ट्रकूल :-  भारत में प्राय सांसद देश से मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए हैं भारत स्वयं राष्ट्रकूल का सदस्य है राष्ट्रकूल से मुक्त हुए ऐसे देश का संगठन है जिसके सभी सदस्य स्वतंत्र एवं समान है अपनी आपसी समस्याओं के समाधान के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग और मित्रता के भाव से काम करते हैं वह अपने आंतरिक एवं बरहा मामलों में पूर्ण रूप से स्वतंत्र है   भारत अंतरराष्ट्रीय शांति सुरक्षा एवं विकास का हमेशा स... Read More
 राष्ट्रकूल :-  भारत में प्राय सांसद देश से मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए हैं भारत स्वयं राष्ट्रकूल का सदस्य है राष्ट्रकूल से मुक्त हुए ऐसे देश का संगठन है जिसके सभी सदस्य स्वतंत्र एवं समान है अपनी आपसी समस्याओं के समाधान के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग और मित्रता के भाव से काम करते हैं वह अपने आंतरिक एवं बरहा मामलों में पूर्ण रूप से स्वतंत्र है   भारत अंतरराष्ट्रीय शांति सुरक्षा एवं विकास का हमेशा से समर्थक रहा है इस कारण संयुक्त राष्ट्र संघ जैसे बंसी वक्त संस्थाओं के साथ-साथ दक्षेस आशियां जैसे क्षेत्रीय संगठनों में भी सक्रिय भागीदारी रहा है  धन्यवाद
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[email protected] 11 Mar 2026 151 Views

दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र का संगठन

दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र का संगठन
 दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र का संगठन  आसियान की स्थापना 1967 में हुई वर्तमान में इसके सदस्य संख्या 10 है आसियान तेजी से बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है भारतीय इस संगठन का औपचारिक सदस्य नहीं है फिर भी आशियां एवं उनके सदस्य देशों के साथ प्रकार व्यापार संस्कृत सामरिक संबंध है इन संगठनों के माध्यम से सभी राष्ट्र आर्थिक व्यापारिक सांस्कृतिक व राजनीतिक संबंध स्थापित करते हुए विश्व समुदाय के... Read More
 दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र का संगठन  आसियान की स्थापना 1967 में हुई वर्तमान में इसके सदस्य संख्या 10 है आसियान तेजी से बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है भारतीय इस संगठन का औपचारिक सदस्य नहीं है फिर भी आशियां एवं उनके सदस्य देशों के साथ प्रकार व्यापार संस्कृत सामरिक संबंध है इन संगठनों के माध्यम से सभी राष्ट्र आर्थिक व्यापारिक सांस्कृतिक व राजनीतिक संबंध स्थापित करते हुए विश्व समुदाय के रूप में कार्य करते हैं के रूप में कार्य करते हैं  धन्यवाद
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[email protected] 10 Mar 2026 134 Views

संयुक्त राष्ट्रीय संघ की विशिष्ट अभिकरण

संयुक्त राष्ट्रीय संघ की विशिष्ट अभिकरण
 संयुक्त राष्ट्र संघ की विशिष्ट अभिकरण  संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य सभी सदस्य राष्ट्रों का आर्थिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास करना है इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्रीय संघ की ओर से विशिष्ट संस्थाएं बनाई गई है जो अपने-अपने विषय से संबंधित कार्य कर रही है शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण डाक संचार आदि समस्याएं से संबंधित विशिष्ट या महत्वपूर्ण कार्य कर रही है  में विशिष्ट एंड आइसो में संयु... Read More
 संयुक्त राष्ट्र संघ की विशिष्ट अभिकरण  संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य सभी सदस्य राष्ट्रों का आर्थिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास करना है इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्रीय संघ की ओर से विशिष्ट संस्थाएं बनाई गई है जो अपने-अपने विषय से संबंधित कार्य कर रही है शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण डाक संचार आदि समस्याएं से संबंधित विशिष्ट या महत्वपूर्ण कार्य कर रही है  में विशिष्ट एंड आइसो में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को का नाम विशेष उल्लेखनीय है इसका प्रमुख उद्देश्य विश्व शांति के लिए उपयुक्त विचार भावना विकसित करना है यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय संबंध बढ़ाने तथा सभी देशों में शिक्षा विज्ञान तथा संस्कृति को सम्मिलित करने का कार्य करता है
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[email protected] 10 Mar 2026 159 Views

सचिवालय क्या है इसके बारे मेंआएइ जानले

सचिवालय क्या है इसके बारे मेंआएइ जानले
 सचिवालय   यह संयुक्त राष्ट्रीय अकादमी कार्य करता है इसका सर्वोच्च अधिकारी महासचिव कहलाता है जिसे सुरक्षा परिषद की सहमति से महासभा 5 वर्ष के लिए चुनती है वर्तमान में इसके महा सचिव पुर्तगाल के एंटोनिया घुतेष है   धन्यवाद  Read More
 सचिवालय   यह संयुक्त राष्ट्रीय अकादमी कार्य करता है इसका सर्वोच्च अधिकारी महासचिव कहलाता है जिसे सुरक्षा परिषद की सहमति से महासभा 5 वर्ष के लिए चुनती है वर्तमान में इसके महा सचिव पुर्तगाल के एंटोनिया घुतेष है   धन्यवाद 
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[email protected] 10 Mar 2026 148 Views

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के बारे में जानकारी

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के बारे में जानकारी
 अंतरराष्ट्रीय न्यायालय  जिस तरह हमारे देश में कानून को तोड़ने वालों के लिए न्यायालय व्यवस्था है इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य राष्ट्रों का आपस में मतभेद वह विवाद हो जाता है तो उसकी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है इस न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते हैं जो 9 वर्ष के लिए चुने जाते हैं यह नीदरलैंड के हैंग नामक नगर में स्थित है  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में प्रख्यात भा... Read More
 अंतरराष्ट्रीय न्यायालय  जिस तरह हमारे देश में कानून को तोड़ने वालों के लिए न्यायालय व्यवस्था है इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य राष्ट्रों का आपस में मतभेद वह विवाद हो जाता है तो उसकी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है इस न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते हैं जो 9 वर्ष के लिए चुने जाते हैं यह नीदरलैंड के हैंग नामक नगर में स्थित है  अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में प्रख्यात भारतीय न्याय शास्त्री श्री बी एन राव श्री नागेंद्र सिंह हैव श्री आर एस पाठक रह चुकी है वर्तमान में श्री दलबीर भंडारी न्यायाधीश है  धन्यवाद
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[email protected] 10 Mar 2026 130 Views

आएइ जान न्याय परिषद क्या है एक छोटी सी परिभाषा में

आएइ जान न्याय परिषद क्या है एक छोटी सी परिभाषा में
 न्याय परिषद  विश्व युद्ध के बाद 11 ऐसे राज्य थे जिन पर दूसरे देश का शासन था इस न्याय परिषद का उद्देश्य ऐसे 11 राज्यों को स्वतंत्र करने में सहायता देना था जिसमें वह सफल भी हुआ  धन्यवाद Read More
 न्याय परिषद  विश्व युद्ध के बाद 11 ऐसे राज्य थे जिन पर दूसरे देश का शासन था इस न्याय परिषद का उद्देश्य ऐसे 11 राज्यों को स्वतंत्र करने में सहायता देना था जिसमें वह सफल भी हुआ  धन्यवाद
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[email protected] 10 Mar 2026 149 Views