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Khushi prerna

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Blog by Khushi prerna | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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घर और दफ्तर के तनाव से मुक्ति: कामकाजी महिलाओं के लिए ध्यान लगाने के सरल और अचूक उपाय

माइक्रो-मेडिटेशन" (Micro-Meditation) से शुरुआत करें लंबे समय तक बैठने की ज़रूरत नहीं है। आप दिन भर में छोटे-छोटे स्लॉट निकाल सकती हैं: 2-मिनट रूल: सुबह सोकर उठने के तुरंत बाद, बिस्तर पर ही आंखें बंद करके बैठें। केवल 2 मिनट के लिए अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान टिकाएं। 5-मिनट रीसेट: ऑफिस में लंच ब्रेक के बाद या किसी बड़ी मीटिंग से पहले, अपनी कुर्सी पर सीधे बैठें, आंखें बंद करें और 5 गहरी सांसें लें।... Read More
माइक्रो-मेडिटेशन" (Micro-Meditation) से शुरुआत करें लंबे समय तक बैठने की ज़रूरत नहीं है। आप दिन भर में छोटे-छोटे स्लॉट निकाल सकती हैं: 2-मिनट रूल: सुबह सोकर उठने के तुरंत बाद, बिस्तर पर ही आंखें बंद करके बैठें। केवल 2 मिनट के लिए अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान टिकाएं। 5-मिनट रीसेट: ऑफिस में लंच ब्रेक के बाद या किसी बड़ी मीटिंग से पहले, अपनी कुर्सी पर सीधे बैठें, आंखें बंद करें और 5 गहरी सांसें लें। ट्रैवलिंग के समय का सही इस्तेमाल करें (Commute Meditation) अगर आप कैब, ऑटो, बस या ट्रेन से ऑफिस जाती हैं (और खुद ड्राइव नहीं कर रही हैं): गाइडेड मेडिटेशन (Guided Meditation): कानों में ईयरफोन लगाएं और YouTube या किसी मेडिटेशन ऐप (जैसे Calm या Headspace) पर 5 से 10 मिनट का कोई भी शांत ऑडियो सुन लें। सांसों पर ध्यान: सफर के दौरान बस आंखें बंद करके गहरी सांस लें और छोड़ें। यह आपके दिमाग को ऑफिस के तनाव के लिए तैयार कर देगा।  काम करते हुए ध्यान करें (Mindful Working) मेडिटेशन का मतलब सिर्फ आंख बंद करके बैठना नहीं है, बल्कि पूरी तरह वर्तमान में होना भी है: चाय/कॉफ़ी ब्रेक: जब आप ऑफिस में चाय या कॉफ़ी पिएं, तो फोन न चलाएं। सिर्फ उस पेय के स्वाद, खुशबू और गर्माहट को महसूस करें। यह भी एक तरह का ध्यान है। डेस्क स्ट्रेचिंग: कंप्यूटर पर लगातार काम करने के बीच हर एक घंटे में 1 मिनट का ब्रेक लें। अपनी पीठ सीधी करें और शरीर को रिलैक्स छोड़ें। रात को सोने से पहले (Bedtime Meditation) पूरे दिन की थकान और मानसिक तनाव को मिटाने के लिए यह सबसे बेस्ट है: जब आप बिस्तर पर सोने जाएं, तो लाइट बंद कर दें। सीधे लेट जाएं (शवासन) और अपने पैरों के अंगूठे से लेकर सिर तक, शरीर के हर हिस्से को ढीला छोड़ते जाएं। दिन भर में जो कुछ भी हुआ, उसे भूलकर गहरी नींद में जाने के लिए खुद को तैयार करें। इससे नींद की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है।    
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[email protected] 19 Sep 2026 12 Views

मन को 'कूल' बनाने वाले 6 जादुई ध्यान: मेडिटेशन कैसे करें और शुरू करने के 'गोल्डन रूल्स

मन को 'कूल' बनाने वाले 6 जादुई ध्यान: मेडिटेशन कैसे करें और शुरू करने के 'गोल्डन रूल्स
प्रजायोग' सीरीज़: बॉडी का सर्विसिंग सेंटर इस कमाल की गाइड में योग व्यायाम की एक ऐसी ज़बरदस्त सीरीज़ समझाई गई है, जिसे 'प्रजायोग' कहा जाता है। यह आपकी बॉडी के अलग-अलग हिस्सों में रुकी हुई हवा या गैस (वायु-विकार) को झटके में बाहर निकाल फेंकता है। साथ ही, मांसपेशियों में गज़ब की फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) यानी लचीलापन लाता है।इसमें अंगसंचालन और पवन मुक्तासन जैसे धमाकेदार व्यायाम शामिल है... Read More
प्रजायोग' सीरीज़: बॉडी का सर्विसिंग सेंटर इस कमाल की गाइड में योग व्यायाम की एक ऐसी ज़बरदस्त सीरीज़ समझाई गई है, जिसे 'प्रजायोग' कहा जाता है। यह आपकी बॉडी के अलग-अलग हिस्सों में रुकी हुई हवा या गैस (वायु-विकार) को झटके में बाहर निकाल फेंकता है। साथ ही, मांसपेशियों में गज़ब की फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) यानी लचीलापन लाता है।इसमें अंगसंचालन और पवन मुक्तासन जैसे धमाकेदार व्यायाम शामिल हैं, जिन्हें किसी भी उम्र के लोग (चाहे बच्चे हों या बड़े) आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए बस लेटने भर की जगह चाहिए! इसे आप अकेले भी कर सकते हैं और पूरे ग्रुप के साथ मिलकर भी एन्जॉय कर सकते हैं। ग्रुप एक्टिविटी (सामूहिक व्यायाम) का असली मज़ा अगर आप इसे अपने दोस्तों या किसी ग्रुप के साथ कर रहे हैं, तो लोगों को उनकी लंबाई और चौड़ाई के हिसाब से सही दूरी पर लाइनों में खड़ा करना चाहिए। .इससे ड्रिल, मार्च पास्ट, लाइन बनाने या नंबर बोलने जैसी एक्टिविटीज़ बहुत आसानी से हो जाती हैं। .एन.सी.सी. (NCC) या स्काउटिंग के स्टाइल में प्रैक्टिस कराई जा सकती है।  ज़रूरी बात ध्यान रखें: कि व्यायाम करते समय दो लोगों के हाथ-पैर आपस में न टकराएं! इसके लिए आधा दायां या आधा बायां मुड़कर पी.टी. कराने का सिंपल रूल अपनाना सबसे बेस्ट रहता है। व्यायाम के कपड़े भी हमेशा कंफर्टेबल और शरीर के हिसाब से होने चाहिए! डेली वर्कआउट: हेल्थ, जोश और लंबी उम्र की चाबी!  आजकल हमें जीने के लिए हर तरह की सुख-सुविधाएं और अच्छा खाना तो मिल जाता है, लेकिन असली चैलेंज है-शरीर के हर अंग को एक्टिव और ज़िंदा रखना! हमारी बॉडी एक चलती-फिरती फैक्ट्री की तरह है, जिसमें लगातार अच्छे तत्व बनते हैं और बेकार की चीज़ें बाहर निकलती हैं। समय के साथ बॉडी में जो टूट-फूट होती है, उसकी मरम्मत के लिए और नए सेल्स (कोशिकाओं) के बनने के लिए रेगुलर वर्कआउट बेहद ज़रूरी है। व्यायाम के क्रेजी और धमाकेदार तरीके फिट रहने के बाज़ार में बहुत सारे तरीके पॉपुलर हैं! अगर आप फुल जोश में आना चाहते हैं, तो ये ऑप्शंस बेस्ट हैं: तेज़ घूमना और दौड़ना तैराकी (Swimming) अखाड़े या जिम (Gymnasium) की कसरत ये सभी व्यायाम बहुत ही आसान और बेहद फायदेमंद हैं। हालांकि, हर जगह अच्छे जिम या ट्रेनर्स (मार्गदर्शकों) की सुविधा मिलना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन खुद को हेल्दी रखने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार रोज़ाना नियम से व्यायाम करना सबसे इंपॉर्टेंट है।    
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[email protected] 16 Sep 2026 47 Views

तनाव और स्ट्रेस से हमेशा के लिए छुट्टी! जानें क्या है ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन TM

तनाव और स्ट्रेस से हमेशा के लिए छुट्टी! जानें क्या है ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन TM
ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (TM) क्या है? जानें विधि, फायदे और सीखने का सही तरीका क्या आप भी दिनभर की भागदौड़ और मानसिक तनाव से थक चुके हैं? क्या आप एक ऐसी ध्यान तकनीक (Meditation Technique) की तलाश में हैं जो बेहद सरल हो और जिसके लिए आपको घंटों तक कठिन मुद्रा में न बैठना पड़े? अगर हाँ, तो ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (Transcendental Meditation) यानी भावातीत ध्यान आपके लिए सबसे बेस्ट समाधान हो सकता है। दुनिय... Read More
ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (TM) क्या है? जानें विधि, फायदे और सीखने का सही तरीका क्या आप भी दिनभर की भागदौड़ और मानसिक तनाव से थक चुके हैं? क्या आप एक ऐसी ध्यान तकनीक (Meditation Technique) की तलाश में हैं जो बेहद सरल हो और जिसके लिए आपको घंटों तक कठिन मुद्रा में न बैठना पड़े? अगर हाँ, तो ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (Transcendental Meditation) यानी भावातीत ध्यान आपके लिए सबसे बेस्ट समाधान हो सकता है। दुनिया भर में TM के नाम से मशहूर यह तकनीक आज के समय में मानसिक शांति पाने का सबसे आसान और वैज्ञानिक तरीका मानी जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर टी.एम. क्या है, यह कैसे काम करता है और इसके जादुई फायदे क्या हैं इस अनोखी तकनीक की शुरुआत 1950 के दशक में महर्षि महेश योगी जी ने की थी। आज दुनिया भर के लाखों लोग अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्य लक्ष्य: आपके अशांत मन को शांत करना और आपको गहरी आंतरिक शांति (Inner Peace) का लाइव अनुभव कराना। टी.एम. करने की सही प्रक्रिया (TM Meditation Steps) कई ध्यान तकनीकों में बहुत नियम होते हैं, लेकिन टी.एम. की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता है: समय और अवधि: आपको बस आराम से बैठकर, आँखें बंद करके दिन में दो बार सिर्फ 20-20 मिनट के लिए इसका अभ्यास करना होता है। * एक सीक्रेट मंत्र: ध्यान के दौरान मन ही मन एक विशेष मंत्र को दोहराया जाता है। यह मंत्र कोई आम शब्द नहीं होता, बल्कि एक प्रमाणित टी.एम. शिक्षक (Certified TM Teacher) द्वारा खास आपके लिए चुना जाता है। * नो प्रेशर पॉलिसी: इस तकनीक में मन को ज़बरदस्ती रोकने, एकाग्र करने या किसी चीज़ पर फोकस करने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं होती। यह पूरी तरह से एफर्टलेस (Effortless)    ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन के बेमिसाल फायदे (Benefits of TM) साइंस और रिसर्च भी मानती है कि नियमित टी.एम. करने से शरीर और दिमाग पर इसके चमत्कारी प्रभाव पड़ते हैं तनाव और एंग्जायटी से मुक्ति: यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (Cortisol) के स्तर को तेज़ी से कम करता है। फोकस और क्रिएटिविटी में सुधार: मन शांत होने से आपकी काम करने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और एकाग्रता (Concentration) बढ़ती है। गहरी शांति और विश्राम: मात्र 20 मिनट का यह अभ्यास आपके शरीर को कई घंटों की गहरी नींद से भी ज़्यादा रिलैक्सेशन देता है।   टी.एम. (TM) का इतिहास भले ही 1950 के दशक में महर्षि महेश योगी जी ने इसे पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया, लेकिन यह तकनीक कोई नई खोज नहीं है। यह प्राचीन भारतीय वैदिक परंपराओं से ली गई है, जिसे आधुनिक जीवन के अनुकूल बनाकर पेश किया गया है। ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन कैसे सीखें? (How to Learn TM)   अगर आप टी.एम. सीखना चाहते हैं, तो इन 3 बातों का ध्यान रखें प्रमाणित शिक्षक से सीखें: इसे आप किसी किताब या वीडियो से नहीं सीख सकते। इसके लिए आपको एक सर्टिफाइड टी.एम. शिक्षक से ही पर्सनल ट्रेनिंग लेनी होगी। आय के अनुसार फीस: इसकी एक खास बात यह है कि टी.एम. कोर्स की फीस आपके परिवार की सालाना आय (Income) के आधार पर तय होती है, ताकि यह हर वर्ग के लिए सुलभ हो सके। ऑफिशियल वेबसाइट: आप इनके केंद्र या कोर्स की पूरी जानकारी के लिए इनकी आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।     टी.एम. से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (Interesting Fun Facts) सेना में इस्तेमाल: टी.एम. तकनीक इतनी शक्तिशाली है कि सैन्य कर्मियों को पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस सिंड्रोम (PTSD) और युद्ध के गंभीर मानसिक तनाव से उबारने के लिए भी इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है।  सेलिब्रिटीज की पहली पसंद: हॉलीवुड के दिग्गज फिल्म डायरेक्टर डेविड लिंच, क्लिंट ईस्टवुड और मिया फैरो जैसी बड़ी ग्लोबल हस्तियां पिछले कई दशकों से रोज़ाना टी.एम. का अभ्यास कर रही हैं।    
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[email protected] 14 Mar 2025 429 Views

मन को 'शांत' और लाइफ को 'शानदार' बनाने वाले 6 जादुई ध्यान!

मन को 'शांत' और लाइफ को 'शानदार' बनाने वाले 6 जादुई ध्यान!
माइंडफुलनेस मेडिटेशन:  इसमें आपको न तो अतीत की चिंता करनी है और न भविष्य का प्रेशर लेना है। बस अभी, इसी पल में जीना है। आपके दिमाग में जो भी विचार या भावनाएं आ रही है उन्हें बिना किसी जजमेंट के बस एक दर्शक की तरह देखना है। माइंडफुल वॉकिंग (चलते-फिरते ध्यान) अगर आप एक जगह नहीं बैठ सकते, तो जब आप सुबह या शाम को वॉक पर जाते हैं, तब मोबाइल जेब में रख लें। चलते समय अपने पैरों के ज़मीन को छूने के अहसास,... Read More
माइंडफुलनेस मेडिटेशन:  इसमें आपको न तो अतीत की चिंता करनी है और न भविष्य का प्रेशर लेना है। बस अभी, इसी पल में जीना है। आपके दिमाग में जो भी विचार या भावनाएं आ रही है उन्हें बिना किसी जजमेंट के बस एक दर्शक की तरह देखना है। माइंडफुल वॉकिंग (चलते-फिरते ध्यान) अगर आप एक जगह नहीं बैठ सकते, तो जब आप सुबह या शाम को वॉक पर जाते हैं, तब मोबाइल जेब में रख लें। चलते समय अपने पैरों के ज़मीन को छूने के अहसास, हवा के चेहरे से टकराने और चिड़ियों की आवाज़ पर ध्यान दें। यह भी एक सूपर-इफेक्टिव माइंडफुलनेस ध्यान है।   एकाग्रता ध्यान (Concentration):अर्जुन की नज़र क्या आपका मन भी बंदर की तरह यहाँ-वहाँ कूदता रहता है? तो यह आपके लिए है। इसमें आपको अपना पूरा फोकस किसी एक चीज़ पर टिकाना होता है-जैसे आपकी चलती हुई सांसें, कोई मंत्र या सामने रखी कोई चीज़। यह आपके फोकस को लेज़र जैसा तेज़ बना देता है।   आध्यात्मिक ध्यान (Spiritual): "सोल-कनेक्शन अगर आप खुद को उस सर्वशक्तिमान ईश्वर या ब्रह्मांड की जादुई ऊर्जा से जोड़ना चाहते हैं, तो यह ध्यान आपके लिए है। यह मन को एक गहरी शांति और सुरक्षा का अहसास कराता है।   ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन (TM): "तनाव की छुट्टी"  यह एक बेहद खास और आसान तकनीक है। इसमें आपको एक विशेष 'मंत्र' दिया जाता है, जिसे चुपचाप दोहराना होता है। यह आपके दिमाग को इतनी गहराई से शांत करता है कि सारा स्ट्रेस पल भर में गायब हो जाता है।   विजुअलाइजेशन मेडिटेशन: "मन की सैर अपनी आंखें बंद कीजिए और कल्पना कीजिए कि आप किसी खूबसूरत बीच पर हैं या पहाड़ों के बीच ठंडी हवा का मज़ा ले रहे हैं। इस ध्यान में मन के अंदर सकारात्मक और सुंदर दृश्यों की कल्पना करके खुद को रिलैक्स किया जाता है। ध्यान शुरू करने के 3 'गोल्डन रूल्स' (ताकि आप बोर न हों) टाइमिंग का चक्कर छोड़ें: शुरू में 1 घंटे बैठने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। सिर्फ 2 से 5 मिनट से शुरुआत करें। जब आदत बन जाए, तब टाइम बढ़ाएं। विचारों से लड़ें मत: ध्यान करते समय दिमाग में विचार (जैसे- आज खाने में क्या बनेगा या उसने मुझे ऐसा क्यों कहा) आना बिल्कुल नॉर्मल है। विचारों को रोकने की कोशिश न करें, बस उन्हें आने दें और जाने दें। कम्फर्ट सबसे पहले: ज़रूरी नहीं कि आप ज़मीन पर आलथी-पालथी मारकर ही बैठें। आप कुर्सी पर बैठ सकते हैं, सोफे पर टेक लगा सकते हैं, या पीठ सीधी रखकर बेड पर भी बैठ सकते हैं। \ आपके रूटीन के हिसाब से बेस्ट मेडिटेशन: अगर सुबह टाइम कम है : 3 मिनट का माइंडफुलनेस ध्यान करें। बस चाय पीते समय या खिड़की से बाहर देखते समय अपना पूरा ध्यान उसी पल पर रखें। अगर ऑफिस में बहुत स्ट्रेस है : 5 मिनट का मंत्र या सांसों पर एकाग्रता ध्यान करें। यह दिमाग को तुरंत शांत करता है। अगर रात को नींद नहीं आती : बेड पर लेटकर विजुअलाइजेशन (मन की सैर) करें। किसी शांत जगह की कल्पना करने से नींद बहुत गहरी आती है।  
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[email protected] 10 Mar 2025 424 Views

शुक्ल ध्यान क्या है? शुक्ल ध्यान के लक्षण ध्यान के बारे में कुछ और बातें शुक्ल ध्यान की विशेषताएं:

शुक्ल ध्यान क्या है? शुक्ल ध्यान के लक्षण, ध्यान के बारे में कुछ और बातें, शुक्ल ध्यान की विशेषताएं शुक्लध्यान एक तरह का ध्यान है. शुक्ल शब्द का मतलब है 'शुद्ध' या 'स्वच्छ'. किसी भी विषय पर बिना किसी वासना के विचारों को केंद्रित करना शुक्लध्यान कहलाता है. यह ध्यान ही उच्चतम ध्यान होता है.  शुक्लध्यान के बारे में ज़्यादा जानकारीः शुक्लध्यान में श्वासोच्छ्वास का निरोध हो जाता है.  श... Read More
शुक्ल ध्यान क्या है? शुक्ल ध्यान के लक्षण, ध्यान के बारे में कुछ और बातें, शुक्ल ध्यान की विशेषताएं शुक्लध्यान एक तरह का ध्यान है. शुक्ल शब्द का मतलब है 'शुद्ध' या 'स्वच्छ'. किसी भी विषय पर बिना किसी वासना के विचारों को केंद्रित करना शुक्लध्यान कहलाता है. यह ध्यान ही उच्चतम ध्यान होता है.  शुक्लध्यान के बारे में ज़्यादा जानकारीः शुक्लध्यान में श्वासोच्छ्वास का निरोध हो जाता है.  शुक्लध्यान में एक ही योग का आश्रय लेकर एक ही द्रव्य का ध्याता चिंतन करता है. इसलिए इसको एकत्व वितर्क ध्यान कहा गया है.  शुक्लध्यान में पृथक्करणात्मक चिंतन, एकात्मक चिंतन, सूक्ष्म अचूक शारीरिक क्रिया, आत्मा की अपरिवर्तनीय शांति होती है.  अभ्यास दशा समाप्त हो जाने पर पूर्ण ज्ञातादृष्टा भावरूप शुक्लध्यान हो जाता है .  ध्यान के प्रकारः  ध्यान चार प्रकार के होते हैं - आर्तध्यान, रौद्रध्यान, धर्मध्यान और शुक्लध्यान. इन चारों ध्यानों में प्रत्येक ध्यान के चार-चार भेद हैं. इस प्रकार कुल मिलाकर ध्यान सोलह प्रकार के हो जाते हैं. ध्यान करने से आत्मिक और मानसिक शक्तियों का विकास होता है. जैन धर्म में, शुक्ल ध्यान को उच्चतम ध्यान माना जाता है. यह ध्यान किसी भी तरह के विकार से रहित होता है. शुक्ल ध्यान के कुछ लक्षण ये हैं:  बुद्धिपूर्वक राग समाप्त होने पर जो निर्विकल्प समाधि प्रगट होती है, उसे शुक्ल ध्यान कहते हैं.  शुक्ल ध्यान में एक ही योग का आश्रय लेकर एक ही द्रव्य का ध्याता चिंतन करता है.  शुक्ल ध्यान में श्रुतज्ञान के आधार पर किसी एक ही द्रव्य, गुण या पर्याय का योग होता है.  शुक्ल ध्यान में वितर्क और विचार से रहित इस ध्यान में मन, वचन और कायरूप योगों का निरोध हो जाता है.  शुक्ल ध्यान में क्रिया से भी रहित हो जाता है.  शुक्ल ध्यान में श्वास निरोध करना नहीं पड़ता, अपितु स्वयं हो जाता है.  शुक्ल ध्यान साक्षात् मोक्ष का कारण है. शुक्ल ध्यान की विशेषताएं: शुक्ल ध्यान में आत्मा बिलकुल साफ़ यानी निर्मल हो जाती है.  इस ध्यान से आत्मा का फिर से जन्म-मरण होना हमेशा के लिए रुक जाता है.  साधु को बुद्धिपूर्वक राग समाप्त हो जाने पर जो निर्विकल्प समाधि प्रगट होती है, उसे शुक्लध्यान कहते हैं.  रत्न दीपक की ज्योति की भाँति निष्कंप होकर ठहरता है.  श्वास निरोध इसमें करना नहीं पड़ता अपितु स्वयं हो जाता है.  यह ध्यान साक्षात् मोक्ष का कारण है.
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[email protected] 25 Feb 2025 368 Views

सूक्ष्म ध्यान क्या है ध्यान करने का तरीका सूक्ष्म ध्यान के फ़ायदे ध्यान के बारे में कुछ और बातें:

सूक्ष्म ध्यान क्या है? सूक्ष्म ध्यान का अर्थ है दिन भर में कई बार थोड़े समय के लिए ध्यान लगाना। विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय के लिए ध्यान करना, एक बार में 60 मिनट तक एकांत में बैठने जितना ही सकारात्मक प्रतीत होता है। विंस्टन कहते हैं, "दिन में कई बार छोटे-छोटे अंतराल पर ऐसा करने से निश्चित रूप से लाभ होता है, क्योंकि इससे ध्यान की वह गुणवत्ता विकसित होती है जो हमें वर्तमान क्षण में ले जाती है,... Read More
सूक्ष्म ध्यान क्या है? सूक्ष्म ध्यान का अर्थ है दिन भर में कई बार थोड़े समय के लिए ध्यान लगाना। विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय के लिए ध्यान करना, एक बार में 60 मिनट तक एकांत में बैठने जितना ही सकारात्मक प्रतीत होता है। विंस्टन कहते हैं, "दिन में कई बार छोटे-छोटे अंतराल पर ऐसा करने से निश्चित रूप से लाभ होता है, क्योंकि इससे ध्यान की वह गुणवत्ता विकसित होती है जो हमें वर्तमान क्षण में ले जाती है, हमें शांत करती है, सहजता और संतुलन लाती है।" जिस ध्यान में स्थूल शरीर का इस्तेमाल नहीं किया जाता और भौतिक देह की क्रियाएं नहीं होतीं, उसे सूक्ष्म ध्यान कहते हैं. इसमें अलौकिक या अतींद्रिय विषयों पर ध्यान किया जाता है.  सूक्ष्म ध्यान की कुछ विधियां:  ओंकार श्रवण आंतरिक आलोक दर्शन दिव्य सुगंध पर ध्यान साक्षी चैतन्य का ख्याल कुंडलिनी, सर्प शक्ति पर ध्यान ध्यान के बारे में कुछ और बातें: ध्यान में मन को विश्रांति देने की सरल तकनीक से लेकर आंतरिक ऊर्जा का निर्माण तक शामिल है.  ध्यान में करुणा, प्रेम, धैर्य, उदारता, क्षमा आदि गुणों का विकास होता है.  ध्यान में साधक अपने शरीर, वातावरण को भी भूल जाता है और समय का भान भी नहीं रहता.  ध्यान के अभ्यास से मन शांत हो जाता है, जिसे योग की भाषा में चित्तशुद्धि कहा जाता है.  ध्यान के अभ्यास के लिए प्राणायाम, नामस्मरण (जप), त्राटक का भी सहारा लिया जा सकता है.  ध्यान का अभ्यास करने के लिए सदाचार, सद्विचार, यम, नियम का पालन और सात्विक भोजन भी मददगार होता है. सूक्ष्म ध्यान करने से कई फ़ायदे होते हैं, जैसे कि:  मानसिक शांति मिलती है तनाव कम होता है एकाग्रता बढ़ती है शरीर लचीला बनता है जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है हड्डियों की बीमारियों में राहत मिलती है सांस से जुड़ी समस्याओं में फ़ायदेमंद होता है पाचन तंत्र ठीक होता है व्यक्तित्व प्रभावी बनता है दूर दृष्टि और निर्णय शक्ति बढ़ती है सूक्ष्म ध्यान करने का तरीका:  योगा मैट पर बैठ जाएं सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठें आंखें बंद कर ध्यान लगाएं सांसों पर ध्यान दें और लंबी-गहरी सांस लें हाथ जोड़कर ओम का उच्चारण करें और आंखें खोलें ध्यान करने के अन्य फ़ायदे:  मानसिक अनुशासन विकसित होता है नींद आने में लगने वाला समय कम हो सकता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है शारीरिक बीमारी में आराम मिल सकता है मूड बेहतर हो सकता है थकान के स्तर को घटाता है इच्छा शक्ति, स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास, विचारों की स्पष्टता में वृद्धि करता है
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[email protected] 24 Feb 2025 364 Views

शांति पाने के लिए 8 प्रकार के ध्यान

शांति पाने के लिए 8 प्रकार के ध्यान
आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर ध्यान आपको दुनिया के शोर और अपने व्यस्त विचारों से एक बहुत ज़रूरी ब्रेक लेने का मौक़ा देता है। यह ब्रेक आपको अपने दिन के दौरान ज़्यादा आराम और स्पष्ट दिमाग़ का एहसास करा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ध्यान तनाव को कम करने, आपके ध्यान को बेहतर बनाने और आपको अपने विचारों और भावनाओं के बार... Read More
आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर ध्यान आपको दुनिया के शोर और अपने व्यस्त विचारों से एक बहुत ज़रूरी ब्रेक लेने का मौक़ा देता है। यह ब्रेक आपको अपने दिन के दौरान ज़्यादा आराम और स्पष्ट दिमाग़ का एहसास करा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ध्यान तनाव को कम करने, आपके ध्यान को बेहतर बनाने और आपको अपने विचारों और भावनाओं के बारे में ज़्यादा जागरूक बनाने में मदद कर सकता है। यह आपके समग्र मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा हो सकता है।  अगर आपको अपने मन को शांत करने और आराम करने में परेशानी होती है, तो ध्यान एक सरल अभ्यास है जो काफी मदद कर सकता है। चाहे आपका शेड्यूल कैसा भी हो। अगर आप हर दिन ध्यान करने के लिए कुछ समय निकालते हैं, तो आप पाएंगे कि आप आम तौर पर काम, स्कूल या कहीं भी कम तनाव महसूस करते हैं और ज़्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं। दुनिया भर में, कई लोग यह पा रहे हैं कि सिर्फ़ कुछ मिनट का ध्यान भी उनके दिन में बड़ा बदलाव ला सकता है।    
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[email protected] 24 Feb 2025 330 Views

इस ध्यान में आरामदायक मानसिक चित्र या परिस्थितियां बनाई जाती हैं

इस ध्यान में आरामदायक मानसिक चित्र या परिस्थितियां बनाई जाती हैं
फोकस मेडिटेशन स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल के चलते हर कोई तनाव में रहता है. दिनभर घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां और काम की चिंता हर समय तनाव का कारण बनी रहती है. स्ट्रेस का कारण चाहे जो भी हो, ये आपके मेंटल हेल्थ पर बहुत बुरा असर डालता है. एक अच्छी लाइफ जीने के लिए आपको फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से स्वस्थ रहना जरूरी है. तनाव और स्ट्रेस से छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है . मेडिट... Read More
फोकस मेडिटेशन स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल के चलते हर कोई तनाव में रहता है. दिनभर घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां और काम की चिंता हर समय तनाव का कारण बनी रहती है. स्ट्रेस का कारण चाहे जो भी हो, ये आपके मेंटल हेल्थ पर बहुत बुरा असर डालता है. एक अच्छी लाइफ जीने के लिए आपको फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से स्वस्थ रहना जरूरी है. तनाव और स्ट्रेस से छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है . मेडिटेशन यानी ध्यान करने से तनाव दूर होता है और मन को शांति मिलती है. मेडिटेशन हर कोई कर सकता है और इसे करने के लिए किसी और चीज की जरूरत भी नहीं है. मेडिटेशन करने के लिए आपको केवल कुछ चीजों का ध्यान रखना है. आइए जानते हैं क्या है मेडिटेशन का सही तरीका और मेडिटेशन के लाभ. मेडिटेशन के लिए ऐसी मुद्रा चुनें जिसमें आप लम्बे समय तक बैठ सकें। खुद को रिलैक्स करते हुए इस समय चेहरे पर मुस्कुराहट के भाव रखें। मेडिटेशन के पहले 10-15 मिनट तक गहरी सांस लें। इससे आपका शांत भाव में जाना आरम्भ होता है। इस समय खाली पेट रहें और इसके लिए सुविधाजनक समय चुनें। इन्हे भी पड़े  इसमें चिंतन किया जाता है आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर  
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[email protected] 24 Feb 2025 323 Views

इसमें चिंतन किया जाता है

इसमें चिंतन किया जाता है
हममें से कई लोग खुद को चिंतन के दोहराव वाले चक्र में फंसा हुआ पाते हैं। यह बातचीत को फिर से दोहराना और यह इच्छा करना कि हमने कुछ अलग कहा होता, जितना हल्का हो सकता है। लेकिन इसके सबसे बुरे रूप में, चिंतन दुर्बल करने वाला हो सकता है, जिसमें अत्यधिक सोचना और नकारात्मक भावनाओं में लगातार फंसना शामिल है। यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि हम चिंतन क्यों करते हैं, चिंतन के प्रभाव क्या हैं और इसे कैसे रोका जाए... Read More
हममें से कई लोग खुद को चिंतन के दोहराव वाले चक्र में फंसा हुआ पाते हैं। यह बातचीत को फिर से दोहराना और यह इच्छा करना कि हमने कुछ अलग कहा होता, जितना हल्का हो सकता है। लेकिन इसके सबसे बुरे रूप में, चिंतन दुर्बल करने वाला हो सकता है, जिसमें अत्यधिक सोचना और नकारात्मक भावनाओं में लगातार फंसना शामिल है। यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि हम चिंतन क्यों करते हैं, चिंतन के प्रभाव क्या हैं और इसे कैसे रोका जाए। मनन क्या है?  शोधकर्ता व्यापक अध्ययन  के बाद भी चिंतन को सटीक रूप से परिभाषित करने और मापने के लिए संघर्ष कर रहे हैं । लेकिन मोटे तौर पर, चिंतन हमारी नकारात्मक भावनाओं के कारणों और प्रभावों के बारे में बार-बार सोचने की क्रिया है, विशेष रूप से समस्याओं या पिछली घटनाओं से संबंधित।  चिंतन के सामान्य लक्षण चिंतन कई तरह से खुद को प्रकट कर सकता है, भावनात्मक और शारीरिक दोनों रूप से। जिन सामान्य संकेतों पर ध्यान देना चाहिए, वे हैं: कष्टदायक भावनाओं पर विचार करना अतीत की घटनाओं या कथित गलतियों को भूलने में असमर्थ होना सबसे खराब स्थिति की सोच नकारात्मक विचारों के चक्र में फँस जाना तनाव या संभावित समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाना प्रत्याशा चिंता चिंतन और भावनात्मक प्रसंस्करण के बीच अंतर  चिंतन भावनात्मक विनियमन से जटिल तरीके से जुड़ा हुआ है । यह एक मुकाबला करने का तंत्र और भावनात्मक कल्याण के लिए एक बाधा दोनों है। जबकि यह परेशान करने वाली भावनाओं पर नियंत्रण की एक अल्पकालिक भावना प्रदान करता है, यह टालने वाली मुकाबला करने की रणनीति नकारात्मक विचार पैटर्न को बढ़ावा दे सकती है और चिंता और अवसाद की भावनाओं को बदतर बना सकती है।  नकारात्मक भावनाओं पर ध्यान केन्द्रित करना  चिंतनशील विचार हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। लोग निजी रिश्तों, काम, स्वास्थ्य या जीवन के अन्य पहलुओं पर चिंतन कर सकते हैं। यहां तक कि चिंतन करने के हमारे तरीके भी अलग-अलग हो सकते हैं - कुछ लोगों को घुसपैठिया विचार आ सकते हैं जबकि अन्य लोग पिछली घटनाओं या गलतियों के बारे में सोचते हुए लंबा समय बिताते हैं चिंतन के उदाहरण क्या हैं? जहाँ चिंतन नकारात्मक भावनाओं को बढ़ाता है, वहीं भावनात्मक प्रसंस्करण हमें उन्हें समझने और स्वीकार करने में मदद करता है। भावनात्मक प्रसंस्करण न केवल सक्रिय और उद्देश्यपूर्ण है, बल्कि यह भावनात्मक विकास और लचीलेपन को भी बढ़ावा देता है।   चिंतन में चिंताजनक भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना शामिल हो सकता है। यह अवसाद और चिंता को बढ़ाता है या उसे और खराब करता है । इस तरह की सोच से ग्रस्त लोग अक्सर निम्न प्रकार की भावनाओं का अनुभव करते हैं: नाकाबिल अनुविता निराशा इन्हेन भी पड़े आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर
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[email protected] 24 Feb 2025 357 Views

आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर

आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन, दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर माइंडफुल मेडिटेशन ध्‍यान का आसान तरीका है ज‍िससे आप अपने द‍िमाग को शांत और स्‍ट्रेस को पल भर में गायब कर सकते हैं। क्‍या आप हद से ज्‍यादा तनाव में रहते हैं? क्‍या वर्क प्रेशर के चलते आपकी याद्दाश कमजोर होने लगी है? अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो लाइफ से स्‍ट्रेस हटाकर खुश रहने का आसान तरीका... Read More
आज और कल की चिंता में अक्सर रहते हैं परेशान तो सीखें माइंडफुल मेडिटेशन, दूर होगी टेंशन और दिमाग रहेगा स्थिर माइंडफुल मेडिटेशन ध्‍यान का आसान तरीका है ज‍िससे आप अपने द‍िमाग को शांत और स्‍ट्रेस को पल भर में गायब कर सकते हैं। क्‍या आप हद से ज्‍यादा तनाव में रहते हैं? क्‍या वर्क प्रेशर के चलते आपकी याद्दाश कमजोर होने लगी है? अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो लाइफ से स्‍ट्रेस हटाकर खुश रहने का आसान तरीका हम आपको बताने जा रहे हैं। इसको माइंडफुलनेस मेडिटेशन कहा जाता है। इससे आपके द‍िमाग की उथल-पुथल शांत होती है और मन को आराम म‍िलता है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन ध्यान करने का एक तरीका है ज‍िससे आप अपने माइंड को कंट्रोल कर सकते हैं। आज की भागती ज‍िंदगी में सब कुछ तेजी से चल रहा है पर हमारे द‍िमाग की क्षमता उतनी ही है। ज्‍यादा चीज़ों को एक साथ करने या सोचने से द‍िमाग परेशान हो जाता है और आप स्‍ट्रेस में आ जाते हैं। इससे बचने के ल‍िये मेडिटेशन की इस तकनीक को जरूर सीखें। इंटरनेट पर कई वीड‍ियो हैं ज‍िनकी मदद से आप माइंडफुलनेस मेडिटेशन सीख सकते हैं। इसे करने का तरीका और फायदे जानने के ल‍िये हमने बात की लखनऊ के बोधिट्री इंडिया सेंटर की काउन्‍सलिंग साइकोलॉज‍िस्‍ट डॉ नेहा आनंद से और समझा क‍ि ध्‍यान करने से हमारी ज‍िंदगी में क्‍या बदलाव आ सकता है। कैसे करते हैं माइंडफुल मेडिटेशन? (Steps of mindfulness meditation)  1 सबसे पहले पालथी लगाकर बैठ जायें। क‍िसी शांत जगह का चुनाव करें जहां आपध्‍यान लगा पायें।  2 पीठ को सीधा रखें। आप चाहें तो तक‍िए की मदद ले सकते हैं।  3 आंखों को बंद करके अपने अंदर की आवाज़ों को सुनने की कोश‍िश करें।  4 शांत‍ि से बैठकर सोचने पर आपको अहसास होगा क‍ि द‍िमाग में क‍ितनी उथल-पुथल है।   5 शुरूआत में कुछ म‍िनटों के ल‍िये करें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जायें।  6 आप देखेंगे क‍ि कुछ ही हफ्तों में आपका स्‍ट्रेस लेवल कम हो रहा है। क्‍या हैं माइंडफुल मेडिटेशन के फायदे? (Benefits of mindfulness meditation) माइंडफुल मेडिटेशन को करने से स्‍ट्रेस दूर रहता है। अगर लंबे समय से आप क‍िसी बात से परेशान हैं तो इसे जरूर ट्राई करें।  इस मेड‍िटेशन से याद करने की शक्‍त‍ि सुधरती है। जो बच्‍चे को पढ़ाई को लेकर च‍िंता में हैं वो उसे करके देखें इससे याददाश अच्‍छी होती और आपको देर तक बातें याद रहती है।  अगर ऑफ‍िस में आपको गुड ड‍िसीज़न मेकर नहीं समझा जाता तो घबरायें नहीं एक बार माइंडफुल मेड‍िटेशन करके देखें। आपके फैसले लेने की क्षमता में बदलाव आयेगा। आप तुरंत न‍िर्णय ले पायेंगे। इससे एकाग्रता भी बढ़ती है तो देर तक आपका काम में मन लगा रहेगााा।  कपल्‍स को भी ये मेड‍िटेशन करना चाह‍िये। इसे करने से आप एक-दूसरे को और बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। दूसरे शब्‍दों में कहें तो इसे करने से अंडरस्‍टैंड‍िंग बढ़ती है। माइंडफुल मेड‍िटेशन करने से हाइपर एक्‍ट‍िवि‍टी कम हो जाती है। इसका मतलब है क‍ि हम एक साथ कई चीज़ें सोचने लगतें हैं और हमारा द‍ि‍माग इसे समझ नहीं पाता इसल‍िये स्‍ट्रेस या स‍िर दर्द होने लगता है। इस मेड‍िटेशन से आपका द‍िमाग शांत होता है और द‍िमाग में चलने वाली उथल-पुथल बंद हो जाती है। ज‍िन लोगों को नींद नहीं आती उन्‍हें ये मेड‍िटेशन करना चाह‍िये। इसे आप क‍िसी भी समय कहीं पर भी कर सकते हैं। इसे रोज करने का सबसे बड़ा फायेदा ये है क‍ि आपको गहरी नींद आयेगी। अगर आपको बहुत ज्‍यादा गुस्‍सा आता है या आप च‍िड़च‍िड़े हो रहे हैं तो इस मेड‍िटेशन को जरूर करके देखें। आपका गुस्‍सा कंट्रोल होने लगेगा और आप इमोशनली स्‍टेबल हो जायेंगे।  खुश रहने का सबसे आसान उपाय है माइंडफुल मेड‍िटेशन। आपको इसे एक बार ट्राय करके अपनी ज‍िंदगी को नया नजर‍िया देना चाह‍िये। माइंडफुल मेड‍िटेशन को अपने रूटीन में शाम‍िल करें और इसका लाभ उठायें। काम तो पूरे द‍िन चलता है पर दो घड़ी अपने साथ भी ब‍ितायें। इन छोटी-छोटी चीज़ों को करने से तनाव आपका पीछा छोड़ देगा।
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[email protected] 23 Feb 2025 373 Views

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