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Priyanshi

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Blog by Priyanshi | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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एक मोटे हाथी की समझदारी

एक मोटे हाथी की समझदारी
एक घने जंगल में मोटा हथी रहता था वह बहुत सुंदर था उसका नाम था गोलू गोलू को खाने का बहुत शौक था वह दिन भर केल गाना मठा फल खाता रहता था जंगल में सभी जानवर उसे गोलू मोटा कहते थे एक दिन बोल नदी के किनारे पानी पीने गया तभी उसे एक छोटा खरगोश मिला खरगोश बोला गोलू भैया आप इतना क्यों खाते हो आप तो बहुत भारी हो गए गोलू हंसते हुए बोला खाने से ही तो ताकत मिलती है इतने में जंगल में जोर से आंधी चलने लगी छोटे-छो... Read More
एक घने जंगल में मोटा हथी रहता था वह बहुत सुंदर था उसका नाम था गोलू गोलू को खाने का बहुत शौक था वह दिन भर केल गाना मठा फल खाता रहता था जंगल में सभी जानवर उसे गोलू मोटा कहते थे एक दिन बोल नदी के किनारे पानी पीने गया तभी उसे एक छोटा खरगोश मिला खरगोश बोला गोलू भैया आप इतना क्यों खाते हो आप तो बहुत भारी हो गए गोलू हंसते हुए बोला खाने से ही तो ताकत मिलती है इतने में जंगल में जोर से आंधी चलने लगी छोटे-छोटे जानवर डरकर इधर-उधर भागने लगे एक नन्हा हिरण कीचड़ में फंस गया खरगोश घबराकर बोला गोलू भैया जल्दी मदद करो गोलू तुरंत दौड़ा अपने मजबूत और भरी शरीर की मदद से हिरणको कीचड़ से हिरणको बाहर निकाल लिया सब जानवर खुश हुए खरगोश मुस्कुरा कर बला आज पता चल गया कि आपका मोटापा नहीं आपकी ताकत कमाई
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[email protected] 22 Feb 2026 161 Views

आलसी कौवे की कहानी

आलसी कौवे की कहानी
एक जंगल में एक आलसी कौवे रहता था वह एक डाल पर बैठा रहता था वह सोचता मैं क्यों मेहनत करूं खाना तो मिल ही जाएगा एक दिन बारिश हुई सारे पक्षी अपने लिए दाना कथा कर चुके आलसी कुआं खाली पेट बैठा था भूख से बोल काश मैं भी मेहनत की होती तभी एक चिड़िया ने बोला मेहनत करने वाले को भूख नहीं रहना पड़ता कौवे को अपनी गलती समझ आ गई अगले दिन से वे भी मेहनत करने लगा Read More
एक जंगल में एक आलसी कौवे रहता था वह एक डाल पर बैठा रहता था वह सोचता मैं क्यों मेहनत करूं खाना तो मिल ही जाएगा एक दिन बारिश हुई सारे पक्षी अपने लिए दाना कथा कर चुके आलसी कुआं खाली पेट बैठा था भूख से बोल काश मैं भी मेहनत की होती तभी एक चिड़िया ने बोला मेहनत करने वाले को भूख नहीं रहना पड़ता कौवे को अपनी गलती समझ आ गई अगले दिन से वे भी मेहनत करने लगा
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[email protected] 20 Feb 2026 166 Views

कान वह नाक की स्वच्छ

कान वह नाक की स्वच्छ
कान खराब होने से सुनने में अवरोध उत्पादन होता है काम में एक मौत जिससे चिलकाना पदार्थ निकलता है जो बाहर की गंदगी को अंदर जाने से रोकना है यह कान का माल कहलाता है इस समय समय रुई की मदद से निकलते रहना चाहिए कान मैं पानी नहीं जाना देना चाहिए कान को रोग मुफ्त रखना के लिए गली के ट्रेसरीन वह जो काम से बचान चाहिए कानों की रंग बनता एवं सुरेश के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए Read More
कान खराब होने से सुनने में अवरोध उत्पादन होता है काम में एक मौत जिससे चिलकाना पदार्थ निकलता है जो बाहर की गंदगी को अंदर जाने से रोकना है यह कान का माल कहलाता है इस समय समय रुई की मदद से निकलते रहना चाहिए कान मैं पानी नहीं जाना देना चाहिए कान को रोग मुफ्त रखना के लिए गली के ट्रेसरीन वह जो काम से बचान चाहिए कानों की रंग बनता एवं सुरेश के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए
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[email protected] 16 Feb 2026 194 Views

जल की कमी का स्वास्थ पर बुरा प्रभाव

जल की कमी का स्वास्थ पर बुरा प्रभाव
हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की कलम मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निरंजन कारण कहते हैं निर्जन कलर अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा उनके तंत्र उपचार न होने की दशा मैं व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है Read More
हमारे आहार में जल का भी विशेष महत्वपूर्ण स्थान है यदि हम जल की कलम मात्रा ग्रहण करते हैं या शरीर में जल की कमी हो जाती है तो निश्चित रूप से व्यक्ति के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है शरीर में जल की कमी को निरंजन कारण कहते हैं निर्जन कलर अपने आप में एक गंभीर स्थिति है तथा उनके तंत्र उपचार न होने की दशा मैं व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है
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[email protected] 16 Feb 2026 163 Views

रोगी का कमरा

रोगी का कमरा
          रोगी के कमरे का महत्व  रोगी के कमरे का अपना अलग महत्व है अलग कमरा होने से घर के सभी सदस्यों सकमक बीमारियों से ग्रसित नहीं हो सकेंगे रोगी भी संयुक्त वतावरण से दूर हो जएगा उसे अपने कमरे मैं शुद्ध वह स्वस्थ वातावरण मिलेगा जिससे वह अपने को जल्दी स्वस्थ महसूस कर लेगा Read More
          रोगी के कमरे का महत्व  रोगी के कमरे का अपना अलग महत्व है अलग कमरा होने से घर के सभी सदस्यों सकमक बीमारियों से ग्रसित नहीं हो सकेंगे रोगी भी संयुक्त वतावरण से दूर हो जएगा उसे अपने कमरे मैं शुद्ध वह स्वस्थ वातावरण मिलेगा जिससे वह अपने को जल्दी स्वस्थ महसूस कर लेगा
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[email protected] 16 Feb 2026 197 Views

तंत्र से कपड़ों का निर्माण

तंत्र से कपड़ों का निर्माण
भारतीय प्राचीन काल मैं जब मानव था और जंगलों में रहता था तो वह पेड़ों की चल और पशुओं कि कल से ही अपने शरीर दुख लेता था किंतु सभ्यता की विशाल के साथ उसने धीरे-धीरे वस्त्रो का आरंभ कर दिया वस्त्र का निर्माण के लिए मानव नेट तत्वोंक खोज कि किसी पदार्थ की वह इकई जिससे कपड़ों का निर्माण के लिए धागे बनाए जाता है तंत्र कहलाता है  Read More
भारतीय प्राचीन काल मैं जब मानव था और जंगलों में रहता था तो वह पेड़ों की चल और पशुओं कि कल से ही अपने शरीर दुख लेता था किंतु सभ्यता की विशाल के साथ उसने धीरे-धीरे वस्त्रो का आरंभ कर दिया वस्त्र का निर्माण के लिए मानव नेट तत्वोंक खोज कि किसी पदार्थ की वह इकई जिससे कपड़ों का निर्माण के लिए धागे बनाए जाता है तंत्र कहलाता है 
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[email protected] 12 Feb 2026 183 Views

आहार का अर्थ एवं परिभाषा

आहार का अर्थ एवं परिभाषा
भूख लगा प्रमाणमत्र का एक का एक नसीब लक्षण है जो कुछ भी खाद्य पदार्थ ग्रहण करने से बोल सकती हो चाहिए साधारण उसे आहार कहा जाता है उदाहरण के लिए किसी प्राणी या मनुष्य को भूख लगे और वह कोई फल य कंदमूल खा लेता उसकी भूख शक्ति हो जाइए तो उसे फल या खुद मुल्क का उसके आहार कहां जाएगा अंत जो सामग्री ग्रहण करने से प्राणी या मनुष्य की की भूख शक्ति हो जाए वह सामग्री आहार हैं आहार का यह अर्थ आती सधारण अति आशिक ह... Read More
भूख लगा प्रमाणमत्र का एक का एक नसीब लक्षण है जो कुछ भी खाद्य पदार्थ ग्रहण करने से बोल सकती हो चाहिए साधारण उसे आहार कहा जाता है उदाहरण के लिए किसी प्राणी या मनुष्य को भूख लगे और वह कोई फल य कंदमूल खा लेता उसकी भूख शक्ति हो जाइए तो उसे फल या खुद मुल्क का उसके आहार कहां जाएगा अंत जो सामग्री ग्रहण करने से प्राणी या मनुष्य की की भूख शक्ति हो जाए वह सामग्री आहार हैं आहार का यह अर्थ आती सधारण अति आशिक है मनुष्य एक वैक्सीन प्राणी है  उनके हर के विषयम विज्ञापन किया तथाज्ञान किया कि इसका एक मैन उद्देश्य भूल मिटाना ही नहीं है वास्तव म आहार की विभिन्न उद्देश्य है यह हमारे बुक को तो शांत करती है इसके अतिरिक्त यह शरीर को शक्तियां ऊर्जा प्रदान करता है उसकी विद्या विद्या एवं वकास मैं योगदान देती है उसके रख रखावक उनको रोगों से बचने का क्षमता भी प्रदान करती है इनके समस्त उद्देश्य के पुत्र करने वाली सामग्री को आहार कहते हैं
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[email protected] 12 Feb 2026 169 Views

संतुलित आहार का अर्थ

संतुलित आहार का अर्थ
सामान्य रूप से माना जाता है की यदि व्यक्ति को रक्त मात्रा में अर्थात भरपेट आहार उपलब्ध हो जाए तो उसकी आहार संबंधों आवश्यकता पूरी हो जlती है परंतु वर्तमान पोषण विज्ञान अध्ययनों ने स्पष्ट कर दिया है की आहार संबंध यह है मान्यता गलत है वास्तविक में आहार ग्रहण करने के विभिन्न उपदेश है आहार के कारण करने से जाने हमारी भूख शक्ति होती है यह और और ग्रहण करने से हमें शारीरिक श्रम करने के लिए आवश्यकता ऊर्जा प... Read More
सामान्य रूप से माना जाता है की यदि व्यक्ति को रक्त मात्रा में अर्थात भरपेट आहार उपलब्ध हो जाए तो उसकी आहार संबंधों आवश्यकता पूरी हो जlती है परंतु वर्तमान पोषण विज्ञान अध्ययनों ने स्पष्ट कर दिया है की आहार संबंध यह है मान्यता गलत है वास्तविक में आहार ग्रहण करने के विभिन्न उपदेश है आहार के कारण करने से जाने हमारी भूख शक्ति होती है यह और और ग्रहण करने से हमें शारीरिक श्रम करने के लिए आवश्यकता ऊर्जा प्राप्त होती है आहार से ही हमेंशरीर नर्माण एवं रख रखवा होता है उनके अतिरिक्त तक आहार की हमारे शरीर का विभिन्न रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है इस स्थिति में जिस आहर का ग्रहण करने से इन सभी उपदेशों की भूख भक्त हो जाती है उसे आहार को संतुलित आहार कहा जाता है संतुलित आहार में सभी पोषण तत्व सही मात्रा तथा गलत अनुपात विद्यमान होते हैं
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[email protected] 12 Feb 2026 210 Views

भोजन मैं सब्जियों का महत्व

भोजन मैं सब्जियों का महत्व
पोषक तत्व  के कारण सब्जियां मानव के दैनिक भोजन में आयतन महत्व पूर्ण स्थान रखती है अंत पर्वत मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, के लिए दैनिक भोजन में विभिन्न सब्जियो को बदल बदलकर लेना जाना चाहिए सब्जियों मे पाए जाने वाले कब्ज दूर करते हैं उनके सारे एव लक्षण भक्ति शुद्ध करते हैं सल्फर, कोलोसियम, चाम रोगों को छूट कर दिलात है और यह उन तत्व के साथ शरीर में का पूर्व पोषण करते है अधिक कच्ची सब्जी अधिक  सब्जियो... Read More
पोषक तत्व  के कारण सब्जियां मानव के दैनिक भोजन में आयतन महत्व पूर्ण स्थान रखती है अंत पर्वत मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, के लिए दैनिक भोजन में विभिन्न सब्जियो को बदल बदलकर लेना जाना चाहिए सब्जियों मे पाए जाने वाले कब्ज दूर करते हैं उनके सारे एव लक्षण भक्ति शुद्ध करते हैं सल्फर, कोलोसियम, चाम रोगों को छूट कर दिलात है और यह उन तत्व के साथ शरीर में का पूर्व पोषण करते है अधिक कच्ची सब्जी अधिक  सब्जियों पाचन को खराब कर कर गैस उत्पन्न कर सकती है अंत इन्हें भली भक्ति पाककर खाने ही अधिक उचित है
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[email protected] 12 Feb 2026 167 Views

लालची कुत्ता

लालची कुत्ता
एक गांव में एक कुत्ता रहता था वह बहुत लालची था वह भोजन की तलाश में यहां वहां भटकता रहता था लेकिन उसका पेट कभी नहीं भरता था एक दिन की बात है वह हमेशा की तरह खाने की तलाश में इधर-उधर भटक रहा था उसे कहीं भी भोजन नहीं मिला अंत में उस एक होटल के बाहर एक मानस का टुकड़ा दिखाई दिया उसने जाट से उसे टुकड़े को मुंह में पकड़ लिया और सोचा कि एकता मैं दूर जाकर खा सकू वह उसेअकेल बैठकर खाना चाहता था इसलिए वह मांस... Read More
एक गांव में एक कुत्ता रहता था वह बहुत लालची था वह भोजन की तलाश में यहां वहां भटकता रहता था लेकिन उसका पेट कभी नहीं भरता था एक दिन की बात है वह हमेशा की तरह खाने की तलाश में इधर-उधर भटक रहा था उसे कहीं भी भोजन नहीं मिला अंत में उस एक होटल के बाहर एक मानस का टुकड़ा दिखाई दिया उसने जाट से उसे टुकड़े को मुंह में पकड़ लिया और सोचा कि एकता मैं दूर जाकर खा सकू वह उसेअकेल बैठकर खाना चाहता था इसलिए वह मांसक टुकड़ा लेकिन वहां से जल्दी से जल्दी भाग गया वह कुत्ता एक नदी के पास जा पहुंचा नदी के किनारे जाकर उसने पानी में जाकर तो अचानक उसने अपनी परछाई नदी मे देख वह समझ नहीं पाया की है उसकी है उसकी ही परछाई है उसे लगा कि पानी में कोई दूसरा कुत्ता है जिसके मुंह मैं भी मांस का टुकड़ा है                       उसे लालची कत्ते ने सोचा क्या नहीं इसका मांस  टुकड़ा छीन लिया जाए इसका मांसक टुकड़ा जाएगा तो खाने का  मजा ही दुगनाह जाएगा वह उसे परछाई को जोर से बोका भौंकने से उसके मुंह का दबा हुआ टुकड़ा नदी में गिर पड़ा अब वह अपना टुकड़ा भीख बैठा उसे तब जकर यह समझ मैं आया कि जिससे वह दूसरा कुत्ता ता समझ रहा था वह तो उसकी खुद की परछाई है
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[email protected] 21 Jan 2026 209 Views

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