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Vanshika

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Blog by Vanshika | Digital Diary

" To Present local Business identity in front of global market"

Meri Kalam Se
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झगड़ा जो बालक करता है

 झगड़ा जो बालक करता है  झगड़ा जो बालक करता है   हरदम जो सबसे लड़ता है  है वह सचमुच गंदा बच्चा  लगता नहीं किसी को अच्छा  करता है बदनाम पिता को  माता को दुख पहुंचता है  दूर सभी उसे रहते हैं  प्यार किसी से नहीं पता है Read More
 झगड़ा जो बालक करता है  झगड़ा जो बालक करता है   हरदम जो सबसे लड़ता है  है वह सचमुच गंदा बच्चा  लगता नहीं किसी को अच्छा  करता है बदनाम पिता को  माता को दुख पहुंचता है  दूर सभी उसे रहते हैं  प्यार किसी से नहीं पता है
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[email protected] 23 Aug 2026 17 Views

छुप छुप कर वह मिट्टी खाता है

 छिप-छिपकर मिट्टी वह खाता है   छिप-छिपकर वह मिट्टी खाता  गंदा होकर घर में आता  हाथ नहीं धोता घर जाकर  करता नहीं कुला वह खाकर   वह सचमुच ही गंदा बच्चा  लगता नहीं तनिक भी अच्छा  कामना अच्छे कर पाएगा  असफल ही वह रह जाएगा Read More
 छिप-छिपकर मिट्टी वह खाता है   छिप-छिपकर वह मिट्टी खाता  गंदा होकर घर में आता  हाथ नहीं धोता घर जाकर  करता नहीं कुला वह खाकर   वह सचमुच ही गंदा बच्चा  लगता नहीं तनिक भी अच्छा  कामना अच्छे कर पाएगा  असफल ही वह रह जाएगा
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[email protected] 23 Aug 2026 11 Views

बालक जो पढ़ने में रोता

 बालक जो पढ़ने में रोता  बालक जो पढ़ने में रोता   हर पल वह रहता ही सोता   जान ना दुनिया को पता है   नहीं किसी को वह बाह ता है   बोल नहीं पता कक्षा में  उत्तर वह नहीं दे पता है  उसे देखकर मुर्गा बनते   सबको मजा बहुत आता है  असफल रहता इम्तिहान में  राहत पीछे हर काम में  मुश्किल से घबरा जाता है  बड़ा नाम जग में पता है Read More
 बालक जो पढ़ने में रोता  बालक जो पढ़ने में रोता   हर पल वह रहता ही सोता   जान ना दुनिया को पता है   नहीं किसी को वह बाह ता है   बोल नहीं पता कक्षा में  उत्तर वह नहीं दे पता है  उसे देखकर मुर्गा बनते   सबको मजा बहुत आता है  असफल रहता इम्तिहान में  राहत पीछे हर काम में  मुश्किल से घबरा जाता है  बड़ा नाम जग में पता है
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[email protected] 23 Aug 2026 11 Views

बालक है जो गुस्सा करता

 बालक है जो गुस्सा करता   बालक है जो गुस्सा करता  गुस्से में फिर बात ना करता   ताकत अपनी व्यर्थ गवाता  अपना ही अपमान कराता   व्यर्थ समय उसका होता है स्वम मान अपना खोता है   अपनी जग में हंसी कराता   खुद को है बदनाम करता,  मात-पिता उसके दुख पाते  लेकिन वह कुछ कह नहीं पाते  दुनिया में पीछे रहता है  ताने वह सबके  सहता है   Read More
 बालक है जो गुस्सा करता   बालक है जो गुस्सा करता  गुस्से में फिर बात ना करता   ताकत अपनी व्यर्थ गवाता  अपना ही अपमान कराता   व्यर्थ समय उसका होता है स्वम मान अपना खोता है   अपनी जग में हंसी कराता   खुद को है बदनाम करता,  मात-पिता उसके दुख पाते  लेकिन वह कुछ कह नहीं पाते  दुनिया में पीछे रहता है  ताने वह सबके  सहता है  
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[email protected] 23 Aug 2026 10 Views

नोक कलाम की उसने तोड़ी

​​​​ नोक कलम की उसने तोड़ी   नोक कलाम की उसने तोड़ी   फाड़ी पुस्तक, फेंका अवस्था,  कॉफी पर स्याही ही फैलाई   तोड़ दिया उसने गुलदस्ता            दूध दिया जब मां ने उसको            दे गिलास को उसके पटका            गुस्से ही गुस्से में उसने            फोड़ दिया पानी का मटका   बचपन में ही बिगड़ा है वह  कैसे आगे बढ़ पाएगा!  बन जाएगा गुंडा,डाकू   जगह ना दुनिया में पाएगा   धन्यवाद✍️   Read More
​​​​ नोक कलम की उसने तोड़ी   नोक कलाम की उसने तोड़ी   फाड़ी पुस्तक, फेंका अवस्था,  कॉफी पर स्याही ही फैलाई   तोड़ दिया उसने गुलदस्ता            दूध दिया जब मां ने उसको            दे गिलास को उसके पटका            गुस्से ही गुस्से में उसने            फोड़ दिया पानी का मटका   बचपन में ही बिगड़ा है वह  कैसे आगे बढ़ पाएगा!  बन जाएगा गुंडा,डाकू   जगह ना दुनिया में पाएगा   धन्यवाद✍️  
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[email protected] 04 Aug 2026 53 Views

श्रम की आदत उसे पड़ी है

 श्रम  की आदत उसे पड़ी है :-  कपड़े जो अपने खुद धोता  मोजे धोकर स्वयं सुखाता    खुद करता जूते पर पॉलिश   पापा के जूते चमकता             श्रम की आदत उसे पड़ी है              निश्चय  ही जो बहुत बड़ी है             है वह ऊंचे खानदान का             है अधिकारी वही मान का   धन्यवाद✍️ Read More
 श्रम  की आदत उसे पड़ी है :-  कपड़े जो अपने खुद धोता  मोजे धोकर स्वयं सुखाता    खुद करता जूते पर पॉलिश   पापा के जूते चमकता             श्रम की आदत उसे पड़ी है              निश्चय  ही जो बहुत बड़ी है             है वह ऊंचे खानदान का             है अधिकारी वही मान का   धन्यवाद✍️
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[email protected] 02 Aug 2026 56 Views

बचपन में ही खूब ढ़ला है

 बचपन में ही खूब ढला है :- ​​ काम सफाई से वह करता  मात पिता का हाथ बताता,  कीजिए सभी तरीके से रख   बैठक को सुंदर सजावता                रोज समय से पड़ता है वह                और समय से खेले खेल                नहीं सत्ता छोटों को वह                रखता सब बच्चों से मेल   सचमुच ही वह बहुत भला है  बचपन में ही खूब डाला है  ? धन्यवाद✍️ Read More
 बचपन में ही खूब ढला है :- ​​ काम सफाई से वह करता  मात पिता का हाथ बताता,  कीजिए सभी तरीके से रख   बैठक को सुंदर सजावता                रोज समय से पड़ता है वह                और समय से खेले खेल                नहीं सत्ता छोटों को वह                रखता सब बच्चों से मेल   सचमुच ही वह बहुत भला है  बचपन में ही खूब डाला है  ? धन्यवाद✍️
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[email protected] 02 Aug 2026 46 Views