मुंशी प्रेमचंद: जीवन परिचय रचनाएँ

꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂


मुंशी प्रेमचंद: जीवन परिचय  रचनाएँ

2 min read · 305 views

मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय

प्रारंभिक जीवन और जन्म

हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के लमही नामक गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम अजायब राय और माता का नाम आनंदी देवी था। प्रेमचंद जी का मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। जब ये मात्र 7 वर्ष के थे, तब इनकी माता का निधन हो गया और 14 वर्ष की आयु में पिता का भी देहांत हो गया, जिससे इनका प्रारंभिक जीवन काफी संघर्षों में बीता।

शिक्षा और कार्यक्षेत्र

विषम परिस्थितियों के बावजूद इन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वे अध्यापन कार्य करने लगे और नौकरी के साथ-साथ बी.ए. (B.A.) की डिग्री प्राप्त की। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर इन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूर्ण रूप से साहित्य लेखन में जुट गए।

साहित्यिक परिचय और रचनाएँ

प्रेमचंद जी ने शुरुआत में उर्दू में 'नवाब राय' के नाम से लिखना शुरू किया था, लेकिन बाद में वे 'प्रेमचंद' नाम से हिंदी में लिखने लगे। इन्हें हिंदी साहित्य का 'उपन्यास सम्राट' और 'कहानी सम्राट' कहा जाता है। इन्होंने समाज के शोषित, गरीब और किसान वर्ग की पीड़ा को अपनी रचनाओं में प्रमुखता से उभारा।

उपन्यास: गोदान, गबन, सेवासदन, कर्मभूमि, रंगभूमि, निर्मला, कायाकल्प, गबन, प्रेमाश्रम।

कहानी संग्रह: मानसरोवर (8 भागों में प्रस्तुत), जिसमें 'मंत्र', 'नमक का दरोगा', 'ईदगाह', 'पूस की रात', 'पंच परमेश्वर' जैसी 300 से अधिक कहानियाँ शामिल हैं।

नाटक: कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी।

पत्रिकाएँ: हंस, मर्यादा, जागरण और माधुरी का सफल संपादन किया।

भाषा-शैली

प्रेमचंद जी की भाषा अत्यंत सरल, सहज, व्यवहारिक और प्रभावपूर्ण है। उन्होंने अपनी रचनाओं में आम बोलचाल के शब्दों, मुहावरों और कहावतों का सुंदर प्रयोग किया है। उनकी शैली में वर्णनात्मक, भावात्मक और व्यंग्यात्मक रूप देखने को मिलता है।

निधन

निरंतर साहित्य साधना करते हुए 8 अक्टूबर 1936 को इस महान साहित्यकार का निधन हो गया। प्रेमचंद जी का साहित्य आज भी हिंदी जगत का मार्गदर्शन कर रहा है।

Up next From a Student's Diary: The Inspiring Journey of Supermodel Alessandra Ambrosio Vanshika Vanshika · 183 views

FAQ

+ मुंशी प्रेमचंद का वास्तविक नाम क्या था और वे किस नाम से लिखते थे?

मुंशी प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। वे शुरुआत में उर्दू में 'नवाब राय' के नाम से लिखते थे और बाद में हिंदी साहित्य में 'प्रेमचंद' नाम से प्रसिद्ध हुए।
Vanshika bodh✨

Vanshika bodh✨

Profile Complete

Student in Deoband/ vanshika 




Ask the author

Have a question about this post? Send it straight to the author — only they will see it.

Sign in to ask the author a question.

Leave a comment

1 comment from 1 person

We are accepting Guest Posting on our website for all categories.

to comment.
M Madhu Madhu Active commenter 2026-09-19 14:07:00
Good




<