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Blog by ilma | Digital Diary

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Meri Kalam Se
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चाबी खो गई है और कई महनत करने से भी नही खुला ताता तो इस ट्र‍िक से म‍िनटों में खोल दें ताला अब ताला तोड़ना नही पड़ेगा बस ये अपना के देखलो

चाबी खो गई है तो इस ट्र‍िक से म‍िनटों में खोल दें ताला, नहीं बनवानी पड़ेगी Key अगर आपकी चाबी खो गई है या फिर टूट गई है तो ताला खोलने के लिए आपको ताला तोड़ने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान ट्र‍िक की मदद से ताला खोल सकते हैं. Hacks to Unlock Door Lock: यूं तो दुनिया में हर ताले की चाबी होती है लेकिन कई बार चाबी खो जाने पर ताला किसी काम का नहीं रहता है. खासकर तब जब घर पर ताला लगा हो और चाबी खो जाए. भु... Read More
चाबी खो गई है तो इस ट्र‍िक से म‍िनटों में खोल दें ताला, नहीं बनवानी पड़ेगी Key अगर आपकी चाबी खो गई है या फिर टूट गई है तो ताला खोलने के लिए आपको ताला तोड़ने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान ट्र‍िक की मदद से ताला खोल सकते हैं. Hacks to Unlock Door Lock: यूं तो दुनिया में हर ताले की चाबी होती है लेकिन कई बार चाबी खो जाने पर ताला किसी काम का नहीं रहता है. खासकर तब जब घर पर ताला लगा हो और चाबी खो जाए. भुलक्कड़ लोगों के साथ तो ऐसा अक्सर हो जाता है कि चाबी भूल जाते हैं और ताला नहीं (Amazing tips to open lock when Key Missing) खुलता है. ऐसे में लोग तरह तरह के जतन करके ताला खोलने की कोशिश करते हैं लेकिन नाकामी हासिल होती है. मजबूरी में ताले को तोड़ना ही एकमात्र विकल्प बचता है. लेकिन आप चाहें तो कई आसान टिप्स की बदौलत डोर लॉक को तोड़ने की बजाय खोल सकते हैं. चलिए आज आपको ऐसे ही कुछ टिप्स की जानकारी देते हैं जिनकी (tips for Unlocking Door Lock) मदद से आप बंद ताले को आसानी से खोल (how to open door lock with bobby pin)सकते हैं. आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आप चाबी खो जाने की स्थिति में ही इन टिप्स की मदद से आप अपने घर का ताला खोलें, इन टिप्स का गलत इस्तेमाल बिलकुल न करें ग्लिसरीन की मदद से खोलें बंद ताला (Glycerin Tips for open lock) इस्टाग्राम हैंडल द सोशल जंक्शन ने इसकी एक ट्रिक शेयर की है. इसके लिए आपको पहले आपको मेडिकल स्टोर पर जाना है और वहां से पोटेशियम परमैंगनेट लाना है. ये एक तरह के मेडिकेटेड क्रिस्टल से बना काले रंग का नमक होता है जो दवा के तौर पर काम में आता है. इसके साथ साथ आपको ग्लिसरीन भी खरीदनी होगी. अब पोटेशियम परमैंगनेट को चुटकी भर लीजिए और ताले में चाबी वाली जगह पर बने सुराख में भर दीजिए. इसके बाद उसी उसी सुराख में ग्लिसरीन की दो से चार बूंदें भी डाल दीजिए. ऐसा करते ही ताले में बने सुराख में धुआं निकलने लगेगा और इसके बाद ताला अपने आप झटके से खुल जाएगा. लॉक खोलने के अन्य तरीके (Different ways to open Lock Without Keys) पिन की मदद से भी खुल जाएगा ताला (hair pin hack to open Lock अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि हीरोइन के जूड़े में लगी पिन से हीरो दरवाजे का ताला खोल देता है. देखा जाए तो ये सही आइडिया है. घर के दरवाजे में लगे नॉब लॉक में रॉड लगी होती है जिसके ऊपर नीचे होने पर लॉक खुल जाता है. इसे खोलने के लिए आपको बाल में लगाने वाली पिन चाहिए. अब इस पिन को नब्बे डिग्री मोड़ लीजिए. अब मुड़ी हुई इस पिन को लॉक में चाबी वाली सुराख में डालिए और पिन को नीचे से ऊपर की तरफ उठाइए. इसके बाद पिन को ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की तरफ उठाते रहिए.इससे नॉब लॉक में लगी रॉड अपनी जगह से हट जाएगी और ताला खुल जाएगा. ये हैक ताला खोलने के साथ साथ ताला अटकने पर भी कारगर साबित होता है चाकू की मदद से खुल जाएगा ताला (use Knife to open lock) कई बार घर की अलमारी का ताला लॉक हो जाता है या अटक जाता है. ऐसी सिचुएशन में घर में रखा चाकू भी काम आ सकता है. इसके लिए आपके घर में उतना छोटा चाकू होना चाहिए जो अलमारी के पैडलॉक के की होल में घुस सके. चाकू को ध्यान से चाबी के सुराख में डालिए और तब तक घुमाएं जब तक ये लॉक के पिछले हिस्से को न छू ले. अब इस चाकू को चाबी की तरह घुमा कर ट्राई करें. दो तीन बार ट्राई करने पर लॉक अनलॉक हो जाएगा. कपड़े के हैंगर से होगी मदद (Cloth Hanger for Unlock lock)   आपके घर में कपड़े टांगने के लिए हैंगर तो होगा ही. आप इसकी मदद से भी ताले को अनलॉक कर सकते हैं. कपड़े टांगने वाला एक हैंगर लीजिए और ये देखिए कि उसकी नोक लॉक के सुराख में फिट हो जाएगी या नहीं. अगर हैंगर की नोक लॉक में फिट हो रही है तो हैंगर को सीधा कर लीजिए. अगर हैंगर लंबा है तो आप इसे काट कर छोटा कर सकते हैं. अब हैंगर की नोक को लॉक के होल में घुसाएं और हिलाते हुए घुमाते रहें. ऐसा करने पर की होल के अंदर की रॉड हिलेगी और लॉक आराम से खुल जाएगा.  Comment kerna mat bhulana  Jrurt btana Kya ye aap ke kuch kam aya tips in me se koi se bhi Comment me please 
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[email protected] 20 Sep 2025 2370 Views

Board Exam: लॉन्ग आंसर याद करने में नहीं लगेगा ज्यादा समय बस फाॅलो करें ये सिंपल टिप्स बस आप को रोज ये करना होगा । भिर देखना आपके अंग कितने अच्छे आयगे

Board Exam: लॉन्ग आंसर याद करने में नहीं लगेगा ज्यादा समय, बस फाॅलो करें ये सिंपल टिप्स रोजाना करनी है इसको फॉलो । इस ट्रिक को  परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए हर स्टूडेंट्स अपनी जी-जान लगा देते हैं लेकिन कई बार स्टूडेंट्स को कुछ टफ टॉपिक को समझने में या फिर बड़े उत्तरों को याद करने में परेशानी होती है। इसलिए जरूरी है कि परीक्षार्थी कुछ बातों को ध्यान रखकर इसे लर्न करें जिससे उन्हें कम स... Read More
Board Exam: लॉन्ग आंसर याद करने में नहीं लगेगा ज्यादा समय, बस फाॅलो करें ये सिंपल टिप्स रोजाना करनी है इसको फॉलो । इस ट्रिक को  परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए हर स्टूडेंट्स अपनी जी-जान लगा देते हैं लेकिन कई बार स्टूडेंट्स को कुछ टफ टॉपिक को समझने में या फिर बड़े उत्तरों को याद करने में परेशानी होती है। इसलिए जरूरी है कि परीक्षार्थी कुछ बातों को ध्यान रखकर इसे लर्न करें जिससे उन्हें कम समय में यह याद हो सके। दो पार्ट में करें डिवाइड   लॉन्ग आंसर को याद करने के लिए सबसे बेहतर तरीका यह है कि, उत्तर को छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड कर लें। एक समय में केवल एक पार्ट पर ही फोकस करें। इस तरह से बारी-बारी से सारे सेक्शन को याद कर लें। इसके बाद सभी भागों को जोड़कर फिर समराइज कर लें। इस ट्रिक को अपनाने से छात्र-छात्राओं को आंसर लर्न करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। किसी को पढ़ाएं   जब भी आप कोई टॉपिक किसी दूसरे को पढ़ाते हैं या फिर समझाते हैं तो फिर वह चैप्टर और अच्छी तरह से लर्न हो जाता है। ऐसे में अगर, आप चाहें तो बड़े उत्तरों को याद करने में यह तरकीब भी आप अपना सकते हैं। इसके लिए स्टूडेंट्स अपने फ्रेंड को या फिर फैमिली में ही किसी मेम्बर को पढ़ा सकते हैं।  स्टोरी फार्मेट में करें याद   लंबे उत्तरों को याद करने का बेहतर तरीका यह भी हो सकता है कि, उसे आप स्टोरी फाॅर्मेट में बदल लें। अगर कोई चीज कहानी के फार्मेट होती है तो उसे भी लोगों को सुनाने से या फिर विजुलाइज करके बताने में ज्यादा देर तक दिमाग में रहता है।  मेन-मेन प्वाइंट्स को लिखकर करें याद    स्टिक नोट पर मेन-मेन प्वाइंट्स लिख लें और फिर उसे याद करें रहें। ये नोट्स बनाने से आपकी आंसर लिखने की भी प्रैक्टिस होगी। साथ ही, आपको उत्तर भी जल्द ही याद होगा। स्टूडेंट्स चाहें तो यह ट्रिक अपना सकते हैं।  रेग्यूलर करें रिवाइज    एक बार उत्तर याद करने के बाद उसे डेली रिवाइज करें, क्योंकि कई बार स्टूडेंट्स यह गलती करते हैं कि याद तो कर लेते हैं , लेकिन फिर किसी अन्य टॉपिक पर फोकस करने की वजह से उस आंसर का ध्यान नहीं रखते, जिसके चलते उन्हें फिर से उतना ही समय देना पड़ता है। इसलिए छात्र-छात्राओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। Comment kerna mat bhulana please  Comment me apni ray jrur dena please  Comment me please 
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[email protected] 18 Sep 2025 2593 Views

फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदे

फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदे ओरल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए आप नेचुरल तरीके आजमा सकते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फिटकरी का इस्तेमाल. आइए जानते हैं किस तरह फिटकरी आपको फायदा पहुंचा सकती है, साथ ही जानेंगे इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका. Alum For Teeth Whitening: दांतों का पीलापन, बदबूदार सांस और मसूड़ों में सड़न, आज... Read More
फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदे ओरल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए आप नेचुरल तरीके आजमा सकते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फिटकरी का इस्तेमाल. आइए जानते हैं किस तरह फिटकरी आपको फायदा पहुंचा सकती है, साथ ही जानेंगे इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका. Alum For Teeth Whitening: दांतों का पीलापन, बदबूदार सांस और मसूड़ों में सड़न, आज के समय में ये आम समस्याएं बन चुकी हैं. अब, इन तमाम परेशानियों से निजात पाने के लिए लोग मार्केट में मिलने वाले महंगे माउथवॉश और टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं, जो हमेशा असरदार साबित नहीं होते. ऐसे में आप चाहें तो ओरल हेल्थ से जुड़ी इन दिक्कतों को दूर करने के लिए नेचुरल तरीके भी आजमा सकते हैं. ऐसा ही एक तरीका है फिटकरी का इस्तेमाल. आइए जानते हैं किस तरह फिटकरी आपको फायदा पहुंचा सकती है, साथ ही जानेंगे इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका. फिटकरी के फायदे इसे लेकर मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जैदी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे बताते हैं, जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च (JCDR) में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिटकरी के पानी से कुल्ला करना आपके दांत और मसूड़ों की सेहत को बेहतर बना सकता है. फिटकरी में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो मुंह के अंदर बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं. इसके नियमित इस्तेमाल से- दांतों का पीलापन और प्लाक कम होता है. जिंजिवाइटिस (मसूड़ों का इंफेक्शन) से राहत मिलती है. ओरल सोर्स यानी मुंह के छाले जल्दी ठीक होते हैं, साथ ही  कैसे करें फिटकरी का इस्तेमाल? इसके लिए सबसे पहले आधा गिलास गुनगुने पानी में एक चुटकी फिटकरी पाउडर मिलाएं. इसे अच्छे से मिलाकर इस पानी से दिन में 1-2 बार कुल्ला करें. ध्यान रखें कि इस पानी को आपको पीना नहीं है, सिर्फ कुल्ला करने के बाद थूक दें. नियमित इस्तेमाल से कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा. इन बातों का भी रखें ध्यान  वीडियो में डॉक्टर बताते हैं, फिटकरी का इस्तेमाल केवल कुल्ला करने के लिए करें, इसे सीधे दांतों पर रगड़ें नहीं. इससे इनेमल को नुकसान हो सकता है. अगर आपको मसूड़ों में ज्यादा दर्द या खून आने की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. इन सब से अलग बच्चों के लिए फिटकरी का पानी हल्का बनाएं और निगलने से बचाएं. फिटकरी का ये घरेलू नुस्खा न सिर्फ सस्ता और आसान है, बल्कि बिना साइड इफेक्ट के दांतों को प्राकृतिक चमक भी देता है. ऐसे में आप भी अच्छी ओरल हेल्थ के लिए इसे अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं.  Thank you  Comment me please  Comment kerna mat bhulana  Thank you 
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[email protected] 15 Sep 2025 2213 Views

पढ़ाई में फोकस भी नही लगता और स्ट्रेस रहता है हमेशा स्ट्रेस को भी करता है दूर ! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा और पढ़ाई मे भी लगे गा मन दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज ! और भी कई सारे होग भायदे

पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज   अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः  आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के... Read More
पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज   अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः  आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के लिए योग सबसे सरल व सुगम उपाय हो सकता है. यदि याददाश्त ठीक नहीं रहे, आपका दिमाग तेज काम नहीं करें तो लोग आपसे आगे निकल जाएंगे. पढ़ने वाले बच्चों के लिए ये तो रामवाण है. अनुलोम विलोम योग करने से आपकी याददाश्त बढ़ने लगेगी और आपका दिमाग तेज होगा. यकीनन परीक्षा में आपके अच्छे मार्क्स भी आएंगे. बस ये योग करने से आपको कुछ ही महीनों में फर्क दिखने लगेगा पढ़ाई मे बच्चो का मन नही लगत ! बस ये योग कर लो  पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान के गुमला जिला प्रभारी और मुख्य योग  कि आज की युवा पीढ़ी और विशेष कर बच्चे जो कल का भविष्य कहलाते हैं, उनका आजकल पढ़ाई में मन नहीं लगता है या तो कम लगता है ,आजकल के बच्चे सोशल मीडिया, मोबाइल का ज्यादातर इस्तेमाल के कारण काफी डिस्टर्ब होने लगे हैं. यहां तक की स्कूल में शिक्षक जो पढ़ाते वो याद भी नहीं कर पाते हैं. जिनके कारण उनके नंबर अच्छे नहीं आ रहे हैं. रिजल्ट खराब हो रहा है. कैसे बच्चों का पढ़ाई पर मन ज्यादा लगे और जो पढ़े वो उन्हें याद रहे उसके लिए आवश्यकता है, केवल एक योग करने की. जिसका नाम है अनुलोम विलोम जानिए क्या है प्रक्रिया सबसे पहले पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएंगे. दाहिने हाथ की अंगूठे से दाहिनी नासिका(नाक) बंद करेंगे. बाईं नासिका से धीरे-धीरे श्वास लेंगे. फिर अनामिका से बाईं नासिका बंद करेंगे. दाहिने से सांस छोड़ेंगे. फिर उसी से सांस लेंगे फिर बाईं नासिका से सांस छोड़ेंगे. फिर सांस लेंगे यह एक आवृत्ति होगी. इसको बार-बार दोहराते हुए कम से कम 5 मिनट प्रतिदिन अभ्यास करना है. अभ्यास शुरू करने के 15 से 20 दिनों में याददाश्त की स्थिति पहले से बेहतर आपको महसूस होने लगेगी. जिसे हम अपने दिनचर्या में प्रतिदिन ब्रश, शौच जाते हैं उसी तरह इसे भी अपने जीवन में स्वीकार कर लेना है. सुबह शौच क्रिया से निवृत होने के बाद प्रतिदिन 5 मिनट का अनुलोम विलोम का अभ्यास करें. उसके कुछ देर बाद नाश्ता करने के बाद स्कूल वगैरह या काम वगैरह में जाएं.  नस हडुडिय कोई भी नस पैर के अंगुठे से लेकर माथे तक !  यहां भी होगा फायदा शरीर के नस नाड़ियों की समस्याओं को भी समाप्त करने में कारगर है. पैर के अंगूठे से लेकर माथे तक किसी भी नस में यदि कोई समस्या है या कहीं कोई अवरोध आ गया है. या कोई नस सिकुड़ने लगा है. शरीर के किसी अंग में झुनझुनी हो रही है, पक्षाघात की समस्या हो रही है, किसी नस में अवरोध आने के कारण आपका कोई अंग सुन्न हो गया है, काम करना बंद कर दिया है, चक्कर, माथे में दर्द, छोटी बड़ी कोई भी समस्या हो यहां तक की कोई हड्डी बढ़ गया हो, नस को दबाने का कार्य कर रहा हो, जिससे आपका रक्त का संचरण अच्छे से नहीं हो पा रहा हो. इन सभी समस्याओं को समाप्त कर देगा यह एक छोटा सा अभ्यास अनुलोम विलोम. Comment kerna mat bhulana  Thank you 
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[email protected] 14 Sep 2025 2077 Views

पढ़ाई में फोकस स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज

पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज   अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः  आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के... Read More
पढ़ाई में फोकस, स्ट्रेस होगा दूर! रोजना बस 10 मिनट करे ये योगा, दिमाग बनेगा कंप्यूटर से भी तेज   अनुलोम विलोम योग याददाश्त बढ़ाने, मानसिक शांति और बरसात में बीमारियों से बचाव के लिए बेहद लाभकारी है. रोजना 10 मिनट करने से इसका प्रभाव देखको मिलेगा. गुमलाः  आज के इस आधुनिक युग व भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत को फिट बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. बढ़ती उम्र के साथ अपने आप को फिट और एक्टिव रहने के लिए योग सबसे सरल व सुगम उपाय हो सकता है. यदि याददाश्त ठीक नहीं रहे, आपका दिमाग तेज काम नहीं करें तो लोग आपसे आगे निकल जाएंगे. पढ़ने वाले बच्चों के लिए ये तो रामवाण है. अनुलोम विलोम योग करने से आपकी याददाश्त बढ़ने लगेगी और आपका दिमाग तेज होगा. यकीनन परीक्षा में आपके अच्छे मार्क्स भी आएंगे. बस ये योग करने से आपको कुछ ही महीनों में फर्क दिखने लगेगा योग शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान के गुमला जिला प्रभारी और मुख्य योग प्रशिक्षक रूपेश कुमार सोनी ने लोकल 18 को बताया कि आज की युवा पीढ़ी और विशेष कर बच्चे जो कल का भविष्य कहलाते हैं, उनका आजकल पढ़ाई में मन नहीं लगता है या तो कम लगता है ,आजकल के बच्चे सोशल मीडिया, मोबाइल का ज्यादातर इस्तेमाल के कारण काफी डिस्टर्ब होने लगे हैं. यहां तक की स्कूल में शिक्षक जो पढ़ाते वो याद भी नहीं कर पाते हैं. जिनके कारण उनके नंबर अच्छे नहीं आ रहे हैं. रिजल्ट खराब हो रहा है. कैसे बच्चों का पढ़ाई पर मन ज्यादा लगे और जो पढ़े वो उन्हें याद रहे उसके लिए आवश्यकता है, केवल एक योग करने की. जिसका नाम है अनुलोम विलोम जानिए क्या है प्रक्रिया सबसे पहले पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएंगे. दाहिने हाथ की अंगूठे से दाहिनी नासिका(नाक) बंद करेंगे. बाईं नासिका से धीरे-धीरे श्वास लेंगे. फिर अनामिका से बाईं नासिका बंद करेंगे. दाहिने से सांस छोड़ेंगे. फिर उसी से सांस लेंगे फिर बाईं नासिका से सांस छोड़ेंगे. फिर सांस लेंगे यह एक आवृत्ति होगी. इसको बार-बार दोहराते हुए कम से कम 5 मिनट प्रतिदिन अभ्यास करना है. अभ्यास शुरू करने के 15 से 20 दिनों में याददाश्त की स्थिति पहले से बेहतर आपको महसूस होने लगेगी. जिसे हम अपने दिनचर्या में प्रतिदिन ब्रश, शौच जाते हैं उसी तरह इसे भी अपने जीवन में स्वीकार कर लेना है. सुबह शौच क्रिया से निवृत होने के बाद प्रतिदिन 5 मिनट का अनुलोम विलोम का अभ्यास करें. उसके कुछ देर बाद नाश्ता करने के बाद स्कूल वगैरह या काम वगैरह में जाएं. यहां भी होगा फायदा शरीर के नस नाड़ियों की समस्याओं को भी समाप्त करने में कारगर है. पैर के अंगूठे से लेकर माथे तक किसी भी नस में यदि कोई समस्या है या कहीं कोई अवरोध आ गया है. या कोई नस सिकुड़ने लगा है. शरीर के किसी अंग में झुनझुनी हो रही है, पक्षाघात की समस्या हो रही है, किसी नस में अवरोध आने के कारण आपका कोई अंग सुन्न हो गया है, काम करना बंद कर दिया है, चक्कर, माथे में दर्द, छोटी बड़ी कोई भी समस्या हो यहां तक की कोई हड्डी बढ़ गया हो, नस को दबाने का कार्य कर रहा हो, जिससे आपका रक्त का संचरण अच्छे से नहीं हो पा रहा हो. इन सभी समस्याओं को समाप्त कर देगा यह एक छोटा सा अभ्यास अनुलोम विलोम. Comment me please  Comment kerna mat bhulana  Thank you 
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[email protected] 14 Sep 2025 1176 Views

तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है? तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है जान लें यहां

तांबे के बर्तन में कितने दिन तक पानी पीना चाहिए? तांबे के बर्तन रखा पानी फायदेमंद माना जाता है लेकिन कुछ लोगों इसे नहीं पीना चाहिए. आइए जानते हैं किन बीमारियों में तांबे के बर्तन में रखा पानी फायदेमंद होता है और किन्हें नहीं पीना चाहिए यह पानी. भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन में रखा पानी परंपरा में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना काफी प्राचीन अभ्यास के रूप में जाना जाता है. यहां तक कि आयुर्वेद... Read More
तांबे के बर्तन में कितने दिन तक पानी पीना चाहिए? तांबे के बर्तन रखा पानी फायदेमंद माना जाता है लेकिन कुछ लोगों इसे नहीं पीना चाहिए. आइए जानते हैं किन बीमारियों में तांबे के बर्तन में रखा पानी फायदेमंद होता है और किन्हें नहीं पीना चाहिए यह पानी. भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन में रखा पानी परंपरा में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना काफी प्राचीन अभ्यास के रूप में जाना जाता है. यहां तक कि आयुर्वेद के साथ साथ विज्ञान भी तांबे के गुणों को मान्यता देते हैं. तांबे में मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सेहत को फायदा पहुंचाते हैं. कुछ बीमारियों में भी इस पानी के पीने से फायदा (Tambe Me Pani Rakha Peene Ke Fayde) होता है लेकिन सभी के लिए यह फायदेमंद नहीं होता है. आइए जानते हैं तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक (Tambe Me Rakha Pani Peene Se Kaun Bimari Hoti Hai Thik)होती है और किन्हें नहीं पीना चाहिए यह पानी (Kinhe Nahi Pina Chahiye Tambe Me Rakha Pani तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे और नुकसान तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है तांबे के बर्तन में पानी पीने से गैस, एसिडिटी, कब्ज, एनीमिया और अर्थराइटिस जैसी कई बीमारियों में राहत मिलती है. तांबे में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाचन को बेहतर बनाते हैं और बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. यह आयरन के बेहतर अवशोषण में मदद करता है, जिससे एनीमिया में लाभ मिलता है. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण अर्थराइटिस के सूजन और दर्द को कम करते हैं सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन का पानी पीने से क्या फायदे हैं तांबे के बर्तन में रातभर रखा पानी सुबह खाली पेट पीने से एनीमिया में लाभ होता है. इसके अलावा यह पानी थायराइड हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है. यह मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है और शरीर के अंदर हार्मोनल असंतुलन को कम करने में सहायक साबित होता है. तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है NDTV ब्‍यूटी स्‍टाइल हेल्दी लाइफ ट्रैवल वेब स्टोरी वीड‍ियो रिलेशनशिप पैरेंटिंग Trending Stories तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है? तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है, जान लें यहांKhabar तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है? तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदेKhabar फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे साफ करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए ओरल हेल्थ के लिए Alum के फायदे कर‍िश्‍मा कपूर के एक्‍स हसबैंड संजय कपूर की पत्‍नी ने बताया शादी का सच, 'जब मैं प्रेगनेंट थी तभी समझ गई थी नहीं चलेगी ये शादी'Khabar कर‍िश्‍मा कपूर के एक्‍स हसबैंड की पत्‍नी ने बताया सच, 'मैं प्रेगनेंट थी तभी समझ गई थी नहीं चलेगी शादी' महाभारत के 'दुर्योधन' की वाइफ की 10 फोटो, 5वीं देख कहेंगे- इनकी खूबसूरती के आगे एक्ट्रेसेस भी होंगी फेलKhabar महाभारत के 'दुर्योधन' की वाइफ की 10 फोटो, 5वीं देख कहेंगे- इनकी खूबसूरती के आगे एक्ट्रेसेस भी होंगी फेल सबसे बड़ी डिफेंस डील, 114 राफेल विमान, 2 लाख करोड़ से ज्यादा की लागत... क्या है भारत का प्लान?Khabar सबसे बड़ी डिफेंस डील, 114 राफेल विमान, 2 लाख करोड़ से ज्यादा की लागत... क्या है भारत का प्लान? बादाम और अखरोट को कितनी देर भिगोना चाहिए? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया किस ड्राई फ्रूट को भिगोकर खाने से क्या फायदे मिलते हैंKhabar बादाम -अखरोट को कितनी देर भिगोना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें किस ड्राई फ्रूट को भिगोने से क्या फायदे मिलते हैं घर में क्या रखने से सांप नहीं आता है? सांप के ऊपर यह डालने से वह तुरंत भाग जाता हैKhabar घर में क्या रखने से सांप नहीं आता है? सांप के ऊपर यह डालने से वह तुरंत भाग जाता है Bobby Deol के उस प्यार की 10 फोटो, जिसके गोविंदा भी थे दीवाने, धर्मेंद्र थे नाखुश तो करनी पड़ी तान्या से शादीKhabar Bobby Deol के उस प्यार की 10 फोटो, जिसके गोविंदा भी थे दीवाने, धर्मेंद्र थे नाखुश तो करनी पड़ी तान्या से शादी चाय में सबसे पहले क्या डालें पत्‍ती, चीनी या दूध? 90% लोग गलत तरीके से बनाते हैं चाय, जान‍िए डालने और पकाने का सही समयKhabar चाय में सबसे पहले क्या डालें पत्‍ती, चीनी या दूध? 90% लोग गलत तरीके से बनाते हैं चाय Asia Cup, IND vs PAK: बुमराह नहीं..., पाकिस्तानी टीम को इन 3 भारतीय खिलाड़ियों से बचकर रहना होगा, वसीम अकरम ने बतायाCricket IND vs PAK: बुमराह नहीं..., पाकिस्तानी टीम को इन 3 भारतीय खिलाड़ियों से बचकर रहना होगा, वसीम अकरम ने बताया Asia Cup 2025: सोनी नेटवर्क के अलावा यहां फ्री में देख सकते हैं India vs Pakistan मैच का Live TelecastCricket Asia Cup 2025: सोनी नेटवर्क के अलावा यहां फ्री में देख सकते हैं India vs Pakistan मैच का Live Telecast UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने ब्लेड से काट लिया खुद का प्राइवेट पार्ट, वजह हैरान कर देगीKhabar UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने ब्लेड से काट लिया खुद का प्राइवेट पार्ट, वजह हैरान कर देगी होम लाइफस्टाइल तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है? तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है, जान लें यहां Read In App तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है? तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है, जान लें यहांतांबे के बर्तन में कितने दिन तक पानी पीना चाहिए? तांबे के बर्तन रखा पानी फायदेमंद माना जाता है लेकिन कुछ लोगों इसे नहीं पीना चाहिए. आइए जानते हैं किन बीमारियों में तांबे के बर्तन में रखा पानी फायदेमंद होता है और किन्हें नहीं पीना चाहिए यह पानी. Edited by: अनु चौहान लाइफस्टाइल सितंबर 13, 2025 07:08 am IST Read Time: 4 mins तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है? तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है, जान लें यहांतांबे का पानी कब नहीं पीना चाहिए? Drinking water in a copper vessel: भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना काफी प्राचीन अभ्यास के रूप में जाना जाता है. यहां तक कि आयुर्वेद के साथ साथ विज्ञान भी तांबे के गुणों को मान्यता देते हैं. तांबे में मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सेहत को फायदा पहुंचाते हैं. कुछ बीमारियों में भी इस पानी के पीने से फायदा (Tambe Me Pani Rakha Peene Ke Fayde) होता है लेकिन सभी के लिए यह फायदेमंद नहीं होता है. आइए जानते हैं तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक (Tambe Me Rakha Pani Peene Se Kaun Bimari Hoti Hai Thik)होती है और किन्हें नहीं पीना चाहिए यह पानी (Kinhe Nahi Pina Chahiye Tambe Me Rakha Pani)   अगर आपका विटामिन डी3 कम है तो क्या होगा? विटामिन डी3 में कौन सा भोजन सबसे ज्यादा है, जान‍िए यहां पर   तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे और नुकसान (Advantages and disadvantages of drinking water in a copper vessel) तांबे के बर्तन में पानी पीने से कौन सी बीमारी ठीक होती है   तांबे के बर्तन में पानी पीने से गैस, एसिडिटी, कब्ज, एनीमिया और अर्थराइटिस जैसी कई बीमारियों में राहत मिलती है. तांबे में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाचन को बेहतर बनाते हैं और बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. यह आयरन के बेहतर अवशोषण में मदद करता है, जिससे एनीमिया में लाभ मिलता है. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण अर्थराइटिस के सूजन और दर्द को कम करते हैं.   सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन का पानी पीने से क्या फायदे हैं   तांबे के बर्तन में रातभर रखा पानी सुबह खाली पेट पीने से एनीमिया में लाभ होता है. इसके अलावा यह पानी थायराइड हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है. यह मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है और शरीर के अंदर हार्मोनल असंतुलन को कम करने में सहायक साबित होता है.   Latest and Breaking News on NDTV तांबे के बर्तन में रखा पानी कौन नहीं पी सकता है गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को तांबे का पानी नहीं पीना चाहिए.जिन लोगों को दस्त, उल्टी, मतली, गैस, पेट में जलन या गंभीर रक्तस्राव से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें तांबे का पानी पीने से बचना चाहिए. विल्सन रोग से पीड़ित व्यक्ति, जिसके शरीर में तांबे का स्तर पहले से ही बढ़ा हुआ होता है, उसे भी तांबे का पानी नहीं पीना चाहिए. तांबे के बर्तन के क्या नुकसान हैं तांबे के बर्तनों के अधिक इस्तेमाल या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कॉपर टॉक्सिसिटी हो सकती है, जिसके कारण मतली, उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी पेट संबंधी समस्याएं होने का खतरा रहता है. कुछ मामलों में लिवर और किडनी को नुकसान हो सकता है. खट्टी चीजें, जैसे नींबू या दही, तांबे के बर्तनों में नहीं रखनी चाहिए. इससे हानिकारक रिएक्शन हो सकता है. 
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[email protected] 13 Sep 2025 200 Views

दिन की शुरुआत अगर आप करें इन 4 योगासनों से मन रहेगा शांत दिन भर रहेंगे एनर्जी से भरे एक दम जबरदस्त आएये यहा जानें तरीका

दिन की शुरुआत करें इन 4 योगासनों से, मन रहेगा शांत, दिन भर रहेंगे एनर्जी से भरे, जानें तरीका आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर थकान, तनाव और अनियमित दिनचर्या से परेशान रहते हैं. ऐसे में मॉर्निंग योगा न सिर्फ शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक शांति भी देता है. सुबह के समय किया गया योग पूरे दिन के लिए पॉजिटिव एनर्जी का स्रोत बन जाता है. सुबह की शुरुआत अगर पॉजिटिव तरीके से हो, तो पूरा दिन अच्छा गु... Read More
दिन की शुरुआत करें इन 4 योगासनों से, मन रहेगा शांत, दिन भर रहेंगे एनर्जी से भरे, जानें तरीका आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर थकान, तनाव और अनियमित दिनचर्या से परेशान रहते हैं. ऐसे में मॉर्निंग योगा न सिर्फ शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक शांति भी देता है. सुबह के समय किया गया योग पूरे दिन के लिए पॉजिटिव एनर्जी का स्रोत बन जाता है. सुबह की शुरुआत अगर पॉजिटिव तरीके से हो, तो पूरा दिन अच्छा गुजरता है. ऐसे में Morning Yoga आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. सुबह-सुबह किए गए योगासन न सिर्फ शरीर को फिट रखते हैं बल्कि मन को भी शांत बनाते हैं. अगर दिन की शुरुआत इन 4 आसान योगासनों से की जाए, तो आप पूरे दिन एनर्जी से भरे रहते हैं. थकान और तनाव दूर होता है और दिमाग भी ज्यादा फोकस्ड रहता है. आइए जानते हैं 4 ऐसे आसान योगासन, जो हर उम्र के व्यक्ति के लिए आसान और फायदेमंद है. अगर आप सुबह केवल 20 मिनट भी इन योगासनों को करें तो अपना पूरा दिन बेहतर बना रहेगा खाली पेट योग करने से शरीर तेजी से एनर्जी सोखता है और मन भी पूरी तरह से एकाग्र रहता है. सूर्य नमस्कार को "योग की संपूर्ण कड़ी" कहा जाता है. इसमें 12 आसनों का क्रम होता है जो पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग करता है. सुबह इसे करने से शरीर में लचीलापन आता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और पाचन शक्ति मजबूत होती है. नियमित अभ्यास से वजन नियंत्रित रहता है और शरीर डिटॉक्स होता है Comment kerna mat bhulana  Thank you  Comment me please 
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[email protected] 12 Sep 2025 175 Views

लीवर तथा स्किन दातों की समस्या से हो परेशान बस ये सुबह रोज बासी मूह चबा के खालो ये खालो । आये यहा जाने क्या कहाना है रोज सुबह बासु मुह

सुबह बासी मुंह नीम की पत्तियां चबाकर खाने से क्या होता है?   नीम एक ऐसा पेड़ है जिसका हर भाग आयुर्वेदिक गुणों से भरा है. अगर आप खाली पेट सुबह 3-4 नीम की पत्तियां चबाकर खाते हैं, तो शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. आयुर्वेद में औषधीय गुणों की खान कहा जाता है. क्योंकि नीम के पेड़ का हर हिस्सा सेहत के से भरा है. इसकी पत्तियां, टहनियां, फल आदि. सदियों से नीम की दातुन का इस्तेमाल दांतों और मसूड़ों को हेल्द... Read More
सुबह बासी मुंह नीम की पत्तियां चबाकर खाने से क्या होता है?   नीम एक ऐसा पेड़ है जिसका हर भाग आयुर्वेदिक गुणों से भरा है. अगर आप खाली पेट सुबह 3-4 नीम की पत्तियां चबाकर खाते हैं, तो शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. आयुर्वेद में औषधीय गुणों की खान कहा जाता है. क्योंकि नीम के पेड़ का हर हिस्सा सेहत के से भरा है. इसकी पत्तियां, टहनियां, फल आदि. सदियों से नीम की दातुन का इस्तेमाल दांतों और मसूड़ों को हेल्दी रखने के लिए किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि नीम की पत्ती का खाली पेट सेवन करने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. क्योंकि इसमें फ्लेवोनोइड्स, अजादिराच्टिन, निम्बिडिन, टैनिन, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, पोटैशियम, विटामिन सी, फाइबर, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटिफंगल गुण होते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं किन लोगों को करना चाहिए नीम की पत्तियों का सेवन. नीम के पत्ते खाने के फायदे- (Neem Ke Patte Khane Ke Fayde) 1. दांतों- दांतों और मसूड़ों के लिए नीम के पत्तों का सेवन फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने और मसूड़ों से खून आने और सांसों की बदबू को दूर करने में मदद कर सकते हैं.  1. दांतों दांतों और मसूड़ों के लिए नीम के पत्तों का सेवन फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने और मसूड़ों से खून आने और सांसों की बदबू को दूर करने में मदद कर सकते हैं.  2. लिवर लिवर हमारे शरीर का अभिन्न अंग है. नीम लिवर को डिटॉक्सीफाई करने में मददगार है और लिवर टिशूज़ को होने वाले नुकसान को कम कर सकती है. 3. स्किन नीम त्वचा को अंदर से साफ करता है, जिससे मुहांसे, पिगमेंटेशन और झुर्रियों जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं.    4. इम्यूनिटी-   नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं. क्योंकि शरीर को सेहतमंद रखने के लिए इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है Comment me please  ये जरूर बताना के आप को इस को पढ़ने के बाय केसा लगा Comment me please 
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[email protected] 11 Sep 2025 157 Views

सिर से लेकर पांव तक इन 5 बीमारियों के लिए काल समान हैं ये बैंगनी फूल, जानिए कैसे करना है सेवन

सिर से लेकर पांव तक इन 5 बीमारियों के लिए काल समान हैं ये बैंगनी फूल, जानिए कैसे करना है सेवन   अपराजिता के फूल (बटरफ्लाई पी) नीले या सफेद रंग के होते हैं. यह फूल न केवल सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि धार्मिक दृष्टि और आयुर्वेदिक औषधियों में भी इसका विशेष महत्व है. इसके सेवन और उपयोग से स्वास्थ्य को कई लाभ प्राप्त होते हैं.  अपराजिता के फूल (बटरफ्लाई पी) नीले या सफेद रंग के होते हैं. यह फूल न... Read More
सिर से लेकर पांव तक इन 5 बीमारियों के लिए काल समान हैं ये बैंगनी फूल, जानिए कैसे करना है सेवन   अपराजिता के फूल (बटरफ्लाई पी) नीले या सफेद रंग के होते हैं. यह फूल न केवल सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि धार्मिक दृष्टि और आयुर्वेदिक औषधियों में भी इसका विशेष महत्व है. इसके सेवन और उपयोग से स्वास्थ्य को कई लाभ प्राप्त होते हैं.  अपराजिता के फूल (बटरफ्लाई पी) नीले या सफेद रंग के होते हैं. यह फूल न केवल सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि धार्मिक दृष्टि और आयुर्वेदिक औषधियों में भी इसका विशेष महत्व है. इसके सेवन और उपयोग से स्वास्थ्य को कई लाभ प्राप्त होते हैं.    हिंदू धर्म में इसे बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है. कहते हैं कि अपराजिता के पौधे को घर में लगाने से सुख-समृद्धि आती है, क्योंकि यह कई देवी-देवताओं को प्रिय है अपराजिता के फूल भगवान शिव, भगवान विष्णु, मां दुर्गा, माता लक्ष्मी, शनि देव और हनुमान जी को चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है. इससे जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है.   अपराजिता का फूल केवल धार्मिक दृष्टि से शुभ ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों का भंडार भी है. आयुर्वेद में इसके फूल, पत्ते और जड़ का उपयोग अनेक रोगों के उपचार में किया जाता है. इसका सही तरीके से उपयोग करने से शारीरिक और मानसिक लाभ होते हैं. ये भी पढ़ें: सुबह उठकर बासी मुंह चबा लीजिए पान का पत्ता फिर देखें कमाल, इसके बाद जो होगा आप सोच भी नहीं सकते   आयुर्वेद में अपराजिता के फूल के कई उपयोग बताए गए हैं, जिनमें से कुछ निम्न हैं :- अपराजिता के फूलों में प्राकृतिक एंथोसायनिन वर्णक पाया जाता है, जो शरीर के लिए लाभकारी है. अपराजिता के फूल और जड़ का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने और दिमाग को सक्रिय करने में सहायक होता है. यह तनाव, चिंता और अनिद्रा को दूर करता है. पीरियड्स के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव या अनियमित पीरियड्स की समस्या में अपराजिता का फूल उपयोगी है. अपराजिता आंखों के लिए भी लाभकारी है, और कंजेक्टिवाइटिस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. अपराजिता के फूलों में मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण रोकने और घाव जल्दी भरने में सहायक होते हैं. अपराजिता के फूल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. यह वजन घटाने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है. साथ ही हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का भी काम करती है. कैसे करें सेवन  अपराजिता फूल की चाय (Butterfly Pea Flower Tea)   4–5 सूखे या ताज़ा अपराजिता के फूल लें.   1 कप पानी उबालें.   फूलों को 5–7 मिनट तक गर्म पानी में डालें.   छान लें और चाहें तो शहद, नींबू या तुलसी डालें नींबू डालने से इसका रंग नीला से बैंगनी हो जाता है. Comment me  Ye btana mat bhulana ke ye kesa rha aap ke liye Comment me please 
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[email protected] 10 Sep 2025 186 Views

नाभि में 2 3 बूंदें तेल डालने से त्वचा की पलटेगी काया मुफ्त में आम समस्याओं से मिलेगा छुटकारा जानों तरीका

नाभि में 2-3 बूंदें तेल डालने से त्वचा की पलटेगी काया, मुफ्त में आम समस्याओं से मिलेगा छुटकारा, जानों तरीका हर उम्र के लोग अपनी नाभि में तेल डालते हैं। बच्चे हो या बुजुर्ग ये रेमेडी सभी के लिए कारगर साबित होती हैं। बता दें कि इससे सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा की भी कई समस्याओं से राहत मिल सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं. नाभि में तेल डालने की प्रक्रिया कोई कल या परसों से शुरू नहीं हुई... Read More
नाभि में 2-3 बूंदें तेल डालने से त्वचा की पलटेगी काया, मुफ्त में आम समस्याओं से मिलेगा छुटकारा, जानों तरीका हर उम्र के लोग अपनी नाभि में तेल डालते हैं। बच्चे हो या बुजुर्ग ये रेमेडी सभी के लिए कारगर साबित होती हैं। बता दें कि इससे सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा की भी कई समस्याओं से राहत मिल सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं. नाभि में तेल डालने की प्रक्रिया कोई कल या परसों से शुरू नहीं हुई है। ये प्रोसेस सदियों से चली आ रही है। हालांकि, लोगो धीरे-धीरे समय के साथ इस प्रोसेस से होने वाले फायदों के बारे में जान रहे हैं। इन्हीं लाभों में त्वचा से जुड़े फायदों को शामिल किया जाता है। जी हां, आपको सुनकर या यूं कहें कि पढ़कर हैरानी हो भी सकती है और शायद नहीं भी कि नाभि में तेल डालने से आपकी सेहत ही नहीं त्वचा को भी फायदा हो सकता है। जी हां, हम सभी रूखी-बेजान त्वचा से लेकर मुंहासे जैसी ना जाने कितनी ही अलग-अलग तरह की त्वचा से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे होते हैं। इन परेशानियों से बचने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते हैं। इसके लिए लोग कई क्रीम और अन्य महंगे प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करते हैं। अगर इनसे बात नहीं बनती है, तो वो महंगे ट्रीटमेंट्स करवाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। हालांकि, अगर आपके पास पैसे की समस्या हो रही है, तो आप नाभि में तेल डालकर भी त्वचा का ख्याल रख सकते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं। नाभि में तेल डालना फायदेमंद क्यों? ये बहुत ही अच्छा सवाल है, जिसका जवाब हम सभी को पता होना चाहिए। दरअसल, आयुर्वेद की नजरों से देखें, तो नाभि सिर्फ शरीर का एक हिस्सा नहीं है। ये 72,000 नाड़ियों से जुड़ा एक शक्तिशाली एनर्जी का सोर्स है।   अब क्योंकि शरीर की ढेरों नसे आकर नाभि में मिलती हैं, तो इस जगह पर तेल लगाने से शरीर को कई अलग फायदे एक-साथ हो सकते हैं। हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि कौन-सी समस्या के लिए किस तेल का इस्तेमाल किया जाता है? आप शरीर की अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग तरह के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं Comment me  Thank you  Comment me apni ray dena mat bhulana please  Comment me please 
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[email protected] 10 Sep 2025 169 Views