मैं एक Real बात बताता हूँ, जब मैं कुछ एसी Problem में होता हूँ। जब मेरे समझ से बाहर होता है उस Problem का हल, मतलब मैं समझ नही पाता की इस Problem का Solution क्या है, कैसे Solve करो इस Problem को, तब मैं थोड़ी देर के लिए उससे अपना सारा ध्यान हटा लेते हूँ, और सिर्फ तब एक ही बात सोचता हूँ की शायद कोई मेरी मदद कर देगा सिर्फ 2 या 3 मिनट होते है, या फिर पुरा दिन लेकिन इससे ज्यादा नही, मेरी पुरी Problem का Solution मुझे मिल जाता है। पता नही नाम ही तो लिया था सिर्फ ईश्वर का जिसमें एेसा क्या हूआ की दिमाग में जाने कहां से वो विचार आ गये जिससे मेरा Solution हो गया। मैं एक बात जानता हूँ और मानता भी हूँ, अगर God है तो वह हमारे कर्म नही कर सकता , हां लेकिन वो हमे हमारा रास्ता जरूर दिखाता रहता है, God मुर्ति नही है, न ही वो जो हम देखते आये है अभी तक। एक बात कभी घोर की तुम लोगो ने जब तुम मुसीबत मैं होते हो, तब तुम्हे कहां से सहारा मिल जाता है अपने ईश्वर का नाम लेते ही, उस समय याद आता है न ईश्वर है या नही। क्योकी जब हम दुखी होते है, या किसी मुसीबत में होते है, तब तो ईश्वर है। ये कहकर उनसे दुआ करते है, लेकिन जब हम उन पर ही प्रश्न उठाते ही की क्या इश्वर है? तब हम कहते हैं नही। क्योकि हम ईश्वर को इन्सान का रूप देते आ रहे है, उन्हें इन्सान जैसा समझ रहे है, और कहे रहे है, की क्या God है ? अरे भाई लोगों God वो नही जैसा हम सोच रहे है, God वो है, जो हर समय हर चीज को बनाये रख रहा है, कहने का मतलब यह है, की हर वो पदार्थ या इससे भी परे जिससे वो बना है, और जो उसकी प्रकृति है, और जो वो है, यही तो God है, मैं कैसे समझाऊ मुझे समझाना नही आ रहा है, बस इतना समझ जाऔ की इस पुर Universe का वो प्रत्येक कण जो इस Universe का एक हिस्सा है, वही God का एक हिस्सा है, कहने का मतलब है की, हर वो वस्तु जो इस universe में विद्दमान है, एक प्रकार से वो God ही है, आप कहे सकते हो की Universe ही God है, न तो इसका कोई किनारा है, न ही कोई द्रव्यमान आज तक निकाल पाया इसका न ही Area . न तो Universe के पुरे Measurement के लिए हमारी Science ठीक से काम करती है न ही Maths । न एतिहास जिसकी तुम बात कर रहे हो। आज भी इस पुरे Universe का द्रव्यमान वही है, जो की जब .यह बना होगा उस समय भी वह था जो आज है। Proof बताता हूँ एसे नही मानोेगे तुम लोग, हम सब I Indian को Proof चाहिए , Proof के बिना तो हम यह भी नही मानते की हम अपने माँ बाप की औलात है। एक उदा. से पुरा ही Proof सामाने आ जायेगा , क्या वाकिर में आज भी द्रव्यमान वही है, जो पहले था इस Universe का। तो समझने की कोशिश करना। आप एक एसी चीज लिजिय जिसको बाहर से एक बार बंद करने के बाद न तो कोई प्रकाश आ सकता है, और न ही उसमें से जा सकता है, और इसमें कोई भी पदार्थ उस चीज को बंद करने के बाद न तो उसमें आ सकता है और न ही जा सकता है, .यहां तक की वायु भी नही। अब आप इस चीज में कुछ पत्थर, मिट्ठी , जल, वायु , लगभग - लगभग हर वस्तु को डाल दिजिय और इसको बंद कर दिजिय मान लिजिय यह चीज एसी बोतल है, जिसका ढिक्कन एक बार बंद करने के बाद इसमें से न तो कोई पर्दाथ बाहर जा सकता है और न ही आ सकता है. यह तक की प्रकीणन भी नही। तो अब आप इस बोतल को बंद करके, इसका द्रव्यमान (Mass) को पता करे, माना की यह बोतल जिसमें हमने वो सारे पदार्थ डाल दिये जो हर इस Universe का एक हिस्सा है, माना की इस बोतल का अभी द्रव्यमान 2 किलो है, तो क्या आज से पांच साल बाद जब आप इस बोतल का द्रव्यमान चैक करोगे तो क्या इसमें कोई परिवर्तन होगा, कदाापि नही, क्योकि न तो इससे कोई वस्तु बाहर जा पा रही है, और न ही आ पा रही है, यह बोतल आप Universe मान लिजिय अपनी बोलत की तो फिर भी एक Limit है लेकिन इस Universe की नही। Earth, Mars, Sun, और भी Plants जो इस Universe में है इनके द्रव्यमान में परिर्वतन हो सकता है, लेकिन Universe के द्रव्यमान में नही। क्योंकि ये Universe के अंदर है, न की Universe इनके अंदर।
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