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Blog by Kakul Digital Content Writer | Digital Diary

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Meri Kalam Se Digital Diary Submit Post


सूरदास का जीवन परिचय


क्या आपको पता है कवि सूरदास कौन थे  कवि सूरदास का जन्म दिल्ली के निकट सीही नामक ग्राम में हुआ था इनका जन्म सन 1478 ईस्वी में हुआ था | कुछ विव्दान इनका जन्म स्थान आगरा को मानते है | ये मथुरा और वृंदावन के बीच गऊघाट पर रहते थे | Sri nath जी के मंदिर में भजन -कीर्तन करते थे गऊघाट पर रहते थे| mahaparbhu  vallabhbhai KCC surdas asthchap ke kaviyon mein sarvadhik prasiddh hai| San 1583 is... Read More

क्या आपको पता है कवि सूरदास कौन थे 

कवि सूरदास का जन्म दिल्ली के निकट सीही नामक ग्राम में हुआ था इनका जन्म सन 1478 ईस्वी में हुआ था | कुछ विव्दान इनका जन्म स्थान आगरा को मानते है |

ये मथुरा और वृंदावन के बीच गऊघाट पर रहते थे | Sri nath जी के मंदिर में भजन -कीर्तन करते थे गऊघाट पर रहते थे| mahaparbhu  vallabhbhai KCC surdas asthchap ke kaviyon mein sarvadhik prasiddh hai| San 1583 isvi me parsoli me Inka nidhan hua|

Surdas ke bare mein kaha jata hai ki janm se Hi Darshtihin the| inhone krishan ke janm se lekar mathura jaane take ki katha. Aur unki baal-lilao see sambandhit atyant Manohar parv ki rachna ki hai|  Shri Krishna ki Bal leelaon ka varnan apni sahayata swabhavikta aur manovaigyanikta ke Karan Aditya hai inke kavya mein braj bhasha ka sajeev Bhavnakul aur swabhavik prayog hai| 

Inhone Apne kavya mein upma, utpareksha, Rupak aur anay anek alankaron ka prabhavi paryog Liya hai| 

Inka alankar vidhan utkrusht hai jismein shabd- Chitra upsthit karne AVN prasang ki vastvik anubhuti karane ki purn akshamta hai| 

Surdas ke sabhi pad hey hai aur ve Kisi na Kisi raag see sambandhit hai| sursagar, sursawali, Aur sahitylahri inki parmukh kavy- kartiya hai|

 


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आइये जाने ईश्वर चंद्र विद्यासागर क्या थे 


 आइये जाने ईश्वर चंद्र विद्यासागर क्या थे  1820 से 1891 ई एक महान समाज सुधारक लेखक एवं शिक्षक थे यह समाज की कुरीतियों को बदलने के लिए निरंतर कार्य करते रहते थे इन्होंने भारत में बहु पत्नी या बाल विवाह का जोरदार विरोध किया विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा का समर्थन किया इन्हीं के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने 1856 ईस्वी में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया जिससे विधवाओं के पुनर्विव... Read More

 आइये जाने ईश्वर चंद्र विद्यासागर क्या थे 

1820 से 1891 ई एक महान समाज सुधारक लेखक एवं शिक्षक थे यह समाज की कुरीतियों को बदलने के लिए निरंतर कार्य करते रहते थे इन्होंने भारत में बहु पत्नी या बाल विवाह का जोरदार विरोध किया विधवा पुनर्विवाह और

महिला शिक्षा का समर्थन किया इन्हीं के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने 1856 ईस्वी में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया जिससे विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता मिली|


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पोटेशियम के कार्य एवं महत्व और पोटेशियम क्या है आइये जाने 


पोटेशियम के कार्य एवं महत्व और पोटेशियम क्या है आइये जाने  पोटेशियम क्या है  हमारे शरीर में पोटेशियम का भी उतना ही महत्व है जितना की सोडियम क्लोरीन का है शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम की संग्रहित करने की क्षमता होती है यह मुख्य रूप से अंत कोशिका रस में ही पाया जाता है इसके अतिरिक्त है मांसपेशियों तथा लाल रक्त कणों में भी रहता है  प्राप्ति के स्रोत:-  सोडियम की ही भांति... Read More

पोटेशियम के कार्य एवं महत्व और पोटेशियम क्या है आइये जाने 

पोटेशियम क्या है 

हमारे शरीर में पोटेशियम का भी उतना ही महत्व है जितना की सोडियम क्लोरीन का है शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम की संग्रहित करने की क्षमता होती है यह मुख्य रूप से अंत कोशिका रस में ही पाया जाता है इसके अतिरिक्त है मांसपेशियों तथा लाल रक्त कणों में भी रहता है

 प्राप्ति के स्रोत:-

 सोडियम की ही भांति पोटेशियम भी न्यूनाधिक मात्रा में सभी भोज्य पदार्थों में पाया जाता है यह मानस एंड तथा विभिन्न वनस्पतियों में विद्यमान रहता है इसकी कुछ मात्रा चाय कॉफी को को चावल तथा विभिन्न मसाले में भी पाई जाती शरीर के लिए आवश्यक पोटेशियम खाद पदार्थ से ही सरलता से मिल जाता है

पोटेशियम के कार्य महत्व -

 यह शरीर में सर एवं अम्ल की मात्रा को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |

 अंत कोशिका रस के बनने में भी इसका उल्लेखनीय योगदान है  अस्थियों के उत्तम कैलशिफिकेशन में भी यह सहायक होता है|

हमारे शरीर में यह विभिन्न नियामक कार्य भी करता है यह हृदय की गति को नियमित बनाए रखना है तथा मांसपेशियों के संकुचन एवं स्नायु उतरे जन के संवहन में सहायक होता है|

 धन्यवाद


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आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है= 


आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है=  यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं हो... Read More

आइये जाने उन क्या है? यह कैसे बनता है? और ये किस्से प्राप्त होते है= 

यह तंतु पशुओं के बालों तथा रोग से प्राप्त होता है जिन जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं उनके बालों को मशीनों द्वारा खींच लिया जाता है अंगोरा बकरी तथा भेद के में मन से पश्मीना ऊन प्राप्त की जाती है यह उन बहुत मुलायम तथा बहुत गर्म होती है उनको गर्मी का कुछ अलग कहा जाता है उनका तंतुला चिल तथा मजबूत होता है इसमें चमक नहीं होती है बढ़िया उन तंतु की लंबाई 5 से 12 सेंटीमीटर तथा खराब उनके लंबाई 12 सेंटीमीटर से अधिक होती है उनके वस्त्र तप को शरीर से बाहर नहीं निकलने देते हैं यही कारण है कि सर्दी में उन निर्मित वस्त्र पहने जाते हैं|

उन के तंतु में क्या पाया जाता है 

उन के तंतु में सल्फर पाया जाता है इसमें ऑक्सीजन नाइट्रोजन हाइड्रोजन कार्बन तथा सल्फर के सहयोग से कैरोटीन नामक प्रोटीन का निर्माण होता है इसकी अनुप्रस्थ काट का आकार गोल और अंडाकार होता है उनके तंतु में कुछ टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिलाई देती है |

 


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आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है  


आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है   शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है" वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन हो... Read More

आइये जाने हमारे जीवन में शुद्ध वायु का क्या महत्व है  

शरीर की निरोगाता में शुद्ध वायु का सर्वोपरि महत्व है और शुद्ध वायु की उपलब्धता उत्तम सब वतन व्यवस्था पर निर्भर है"

वायु प्राणी के जीवन का आधार है भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिन तक जीवित रह सकता है परंतु वायु के बिना मनुष्य कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है हमारे चारों ओर वायु है वायु गैसों का मिश्रण है यह रंगीन गांधी तथा स्वाधीन होती है हमारे संपूर्ण वायुमंडल को विभिन्न गैसीय पदार्थ चारों ओर से घिरे रहते हैं अतः वायु को जीवन का आधार माना जाता hai|

वायु का संगठन-

वायु कोई तत्व नहीं है बल्कि तत्वों का योगिक मिश्रण है वायु में मुख्य रूप मैं ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन होती है इन गैसों के अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड ओजोन कार्बन मोनोऑक्साइड हाइड्रोजन अंग तथा जल वाष्प भी वायु में मौजूद रहती है वायु का लगभग पांचवा भाग ऑक्सीजन होती है|

 


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शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है 


आइए जाने शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है  शारीरिक स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से निम्नलिखित बातें प्रभावित करती है  पौष्टिक और संतुलित भोजन   मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए जिसमें आवश्यक मात्रा में वे सभी पोषक तत्व हो जो स्वास्थ्य को उत्तम बना सके संतुलित भोजन से तात्पर्य है वह सभी पदार्थ जिसमें पोषक तत्व उचित मात्रा मे... Read More

आइए जाने शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक क्या है 

शारीरिक स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से निम्नलिखित बातें प्रभावित करती है

 पौष्टिक और संतुलित भोजन 

 मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन करना चाहिए जिसमें आवश्यक मात्रा में वे सभी पोषक तत्व हो जो स्वास्थ्य को उत्तम बना सके संतुलित भोजन से तात्पर्य है वह सभी पदार्थ जिसमें पोषक तत्व उचित मात्रा में हो तथा साथ ही उन पदार्थों में शुद्धता भी हो प्रमुख पोषक तत्व है कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वसा खनिज लवण विटामिन तथा जल ऊर्जा प्राप्ति के लिए वर्ष तथा कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है शरीर वृद्धि तथा निर्माण के लिए प्रोटीन एवं स्वास्थ्य को निरोगी बनाए रखने के लिए विटामिन और खनिज लवण की आवश्यकता होती है|

 व्यक्ति का रहन-सहन 

 स्वास्थ्य पर व्यक्ति के रहन-सहन का बहुत प्रभाव पड़ता है प्रकृति से दूर रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य खराब बना रहता है जबकि प्राप्त समय से उठाने तथा रात्रि में समय से सोना नियमित सो जाना दांत साफ करना स्नान करना स्वच्छ वस्त्र पहनना व्यायाम करना समय से भोजन करना बुरी आदतों तथा नशे से दूर रहना अधिक क्रियो से व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है इसके अतिरिक्त उत्तम स्वास्थ्य हेतु व्यक्ति को जल भोजन में वातावरण की शुद्धि की ओर ध्यान देना चाहिए

 जनसंख्या का प्रभाव

 खराब स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण कारक जनसंख्या वृद्धि भी है अधिक संतान होने से माता-पिता प्रत्येक संतान के लिए संतुलित है पौष्टिक भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते 

 रोगों से दूर रहना

 व्यक्ति को रोगों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए इसके लिए उसे हर संभव उपाय करना चाहिए तथा प्राकृतिक नियमों का पालन करना चाहिए स्वस्थ रहने के लिए यह आवश्यक है कि स्वयं को रोगों के संक्रमण से बचाया जाए और रोगी व्यक्ति के संपर्क से स्वयं को दूर रखा जाए|

 व्यायाम 

 आज विज्ञान के द्वारा यह सिद्ध हो गया है कि जो भी व्यक्ति नियमित व्यायाम करते हैं रोग उनसे दूर भागते हैं व्यायाम करने से शरीर के सभी तंत्र अपना कार्य से चारों रूप से करने लगते हैं हमारे कार्य क्षमता तथा पाचन शक्ति में वृद्धि होती है हमारी मांसपेशियां मजबूत होती है रक्त शुद्ध होता है तथा विभिन्न प्रकार के भयंकर रोग भी दूर हो जाते हैं व्यायाम शुरू करते समय व्यायाम के नियमों को आवश्यक जान लेना और उनका पालन करना चाहिए|

 

धन्यवाद:-


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आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है 


 आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है   हानिकारक पदार्थों का विसर्जन- शरीर में विभिन्न हानिकारक पदार्थ एकत्रित होते रहते हैं जिनके शरीर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है व्यायाम के द्वारा पीसने के रूप में उनके उत्सर्जी पदार्थ शरीर से विसर्जित हो जाते हैं इसके अतिरिक्त व्यायाम पेट और आम तो का कार्य भी नियमित कर देता है जिससे कब्ज दूर हो जाता है और शरीर में माल भी सर... Read More

 आइये जाने हमारे शरीर में व्यायम के क्या लाभ है 

 हानिकारक पदार्थों का विसर्जन-

शरीर में विभिन्न हानिकारक पदार्थ एकत्रित होते रहते हैं जिनके शरीर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है व्यायाम के द्वारा पीसने के रूप में उनके उत्सर्जी पदार्थ शरीर से विसर्जित हो जाते हैं इसके अतिरिक्त व्यायाम पेट और आम तो का कार्य भी नियमित कर देता है जिससे कब्ज दूर हो जाता है और शरीर में माल भी सरलता से बाहर आ जाता है

 रक्त संचरण में वृद्धि-

ध्यान सी केवल रक्त ही शुद्ध होता है वर्णन इसमें रक्त की गति भी बढ़ जाती है जिससे शरीर के विभिन्न अंगों में रक्त का ठीक संचरण होता है इससे मांसपेशियां मजबूत होती है और शरीर के विभिन्न क्रियाशील रहते हैं

 पाचन शक्ति में वृद्धि-

व्यायाम भोजन की भली भांति बचाने में सहायक होता है जिससे पाचन शक्ति में वृद्धि होती है

 भूख में वृद्धि-

ध्यान द्वारा जब पाचन शक्ति ठीक हो जाती है तो भूख में खूब खुलकर लगती है अतः व्यायाम से भूख में भी वृद्धि होती है

नियमित श्वास गति - 

व्यायाम से नियमित स्वास्थ्य गति फेफड़ों को अधिक आक्सीजन प्रदान करती है जिससे शरीर में से अधिक से अधिक गंदी वायु बाहर आती है|

कार्य क्षमता में वृद्धि - 

व्यायाम द्वारा शारीरिक एवं मानसिक विकास होने से मनुष्य की कार्य क्षमता बढ़ जाती है जिससे वह अधिक धन का अपवर्जन करने में सफल हो सकता है 

शारीरिक एवं मानसिक विकास: 

जब व्यायाम द्वारा शरीर के हानिकारक पदार्थों का विसर्जन हो जाता है स्वास्थ्य गति और रक्त की मात्रा बढ़ जाती है पाचन शक्ति और भूख में वृद्धि हो जाती है और मांसपेशियां मजबूत हो जाती है तो शारीरिक विकास होता है शारीरिक विकास से स्वस्थ ही मस्तिष्क विकसित होता है |

सुख शांति की अनुभूति-

नियमित व्यायाम मनुष्य को स्वस्थ बना देता है और विभिन्न रोगों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है इससे मनुष्य का शरीर कांतिमान है सुंदर बन जाता है परिणाम फल स्वरुप मनुष्य सुख शांति की अनुभूति करता है

 व्यायाम न करने से कई हानियां होती है शरीर की चर्बी और रक्तचाप बढ़ जाता है पाचन शक्ति खराब हो जाती है हारती है और स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है व्यक्ति स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है और चेहरे से क्रांति लुप्त हो जाती है इससे शरीर समय से पहले कमजोर हो जाता है

 स्त्रियों पुरुषों और बच्चों के लिए व्यायाम कार्य अलग-अलग प्रकार के होते हैं घूमने तो सभी के लिए उपयुक्त है योगासन तो बड़े बच्चों पुरुषों और स्त्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी है

 स्त्रियों के लिए नृत्य और घर के विभिन्न कार्य अभियान है विशेष कर लेते में पेशी ए सुडौल बनती है और शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होती है जो व्यक्ति शारीरिक कार्य करते होने व्यायाम करना आवश्यक नहीं है परंतु मानसिक कार्य करने वाले व्यक्ति को शारीरिक व्यायाम विशेष कर टहलने का काम आवश्यक करना चाहिए

 धन्यवाद-

 


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आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था 


आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था  इसकी भूमिका-  भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है यह अधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और इसे मजबूत बनाने के लिए मतदाता का सक्रिय और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है यह तीन देश के सभी न... Read More

आइये जाने राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है और यह कब शुरू हुआ था 

इसकी भूमिका-

 भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है यह अधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और इसे मजबूत बनाने के लिए मतदाता का सक्रिय और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है यह तीन देश के सभी नागरिकों को अनेक मतदान के अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित करता है 

राष्ट्रीय मतदाता दिवस राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत-

हमारे भारत देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस पहली बार वर्ष सन 2011 में मतदाताओं मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मनाया गया था। यह दिवस लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना दिवस के दिन ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।

इस दिन मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन चुनावी प्रक्रिया में अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाता है। यह दिवस आम नागरिकों को यह बतलाता है कि एक वोट भी देश के हित में कितना निर्णायक सिद्ध हो सकता है।

यह दिवस प्रत्येक वर्ष

एक अलग विषय (थीम) के साथ मनाया जाता है। इस दिन देश के प्रत्येक मतदाता को अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करने का करण लेना चाहिए। मतदान एक नागरिक का अधिकार तथा कर्तव्य दोनों है। इसके माध्यम से हम अपने देश के भविष्य को आकर देते हैं। हमारे द्वारा चुने गए नेता हमारे देश का शासन चलाते हैं। इसके उद्देश्य लोकतंत्रक को मजबूत बनाते हैं।

 धन्यवाद


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Aaiae kuchh gharelu aur acche upay jaane


Aaiae kuchh gharelu aur acche upay jaane Gharelu upcharon mein khansi, apaj,  ya masik Dharam Jaisi aam samasyaon ke liye adrak, shahad, methi Jaisi samagri ka prayog Kiya jata hai| Rahat ke liye paramparik Gyan ka saral liya jata hai, lekin Gambhir ya lagatar samasyaon ke liye doctor se paraamarsh lena avashyak hai| Khaskar bacchon ke liye, paryapt Matra mein Pani peene aur lakshan bigdane p... Read More

Aaiae kuchh gharelu aur acche upay jaane

Gharelu upcharon mein khansi, apaj,  ya masik Dharam Jaisi aam samasyaon ke liye adrak, shahad, methi Jaisi samagri ka prayog Kiya jata hai|

Rahat ke liye paramparik Gyan ka saral liya jata hai, lekin Gambhir ya lagatar samasyaon ke liye doctor se paraamarsh lena avashyak hai|

Khaskar bacchon ke liye, paryapt Matra mein Pani peene aur lakshan bigdane par doctor se Salah Lene per jor Diya jata hai| 

Aam upcharon mein khansi ke liye adrak/Haldi Rakt sarkara ke liye Methi/ jamun, 

Lekin agar gharelu upchar paryapt Na Ho to hamesha doctor se hi Salah leni chahie|


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ICT kya hai ICT ka matlab ICT kise kahate Hain


ICT kya hai ICT kise kahate Hain ICT ka matlab aaiae jaane:  ICT ka matlab suchna aur sanchar praudyogiki (information and communication technology) hai, Jo suchna ko stor karne m, ekattha karne, proshish karne, aur bantane ke liye istemal  hone wale sabhi digital upkaranon aur sevaon Ka ek Vishal samuh hai  ICT me Pramukh uddeshy  Jisme= computer, internet ,mobile, software, t... Read More

ICT kya hai ICT kise kahate Hain ICT ka matlab aaiae jaane: 

ICT ka matlab suchna aur sanchar praudyogiki (information and communication technology) hai, Jo suchna ko stor karne m, ekattha karne, proshish karne, aur bantane ke liye istemal  hone wale sabhi digital upkaranon aur sevaon Ka ek Vishal samuh hai 

ICT me Pramukh uddeshy 

Jisme= computer, internet ,mobile, software, telecom aur network Shamil hai, Jo sanchar aur data prabandh aasan banate hain yah aadhunik jivan ka ek anivarya hissa ban gaya hai.  jo Shiksha, swasthya seva aur Vyapar Jaise akshatro mein Kranti la raha hai| 

ICT ke upyog aur Labh 

  • Shiksha= 

Online section digital samagri Tak pahunch aur dur sthit Shiksha ko saksham banata hai|

  • Vyavsay: 

Dakshata badhata hai behtar nirnay Lene mein madad karta hai, aur basic connecting pradan karta hai|

  • Swasthya seva:

Television aur digital recode rakhne mein Shayad hai |

Sankshep mein

ICT vah taknik hai jo hamen digital roop se jankari prabandh आदान-प्रदान karne ki Shakti deti hai jisse duniya adhik Jodi Hui aur Kushal ban gai hai|

 


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