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" To Present local Business identity in front of global market"
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भारत एक विशाल जनसंख्या वाला देश है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या का औसत घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। भारत के विभिन्न राज्यों में जनसंख्या में पर्याप्त भिन्नता पाई जाती है।
भारत में जनसंख्या घनत्व को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारक निम्नलिखित है-
1. प्राकृतिक कारक- प्राकृतिक कारकों में जलवायु, धरातल, जनसंख्या घनत्व की असमानता के लिए प्राकृतिक कारक माने जाते हैं।
(1) जलवायु - जलवायु का जनसंख्या के वितरण पर सबसे गहरा प्रभाव पड़ता है। सबसे सख्यां जनसंख्या उत्तम तथा स्वास्थ्य पर जलवायु वाले क्षेत्रों में विनाश करना पसंद करती है। पर्वत, पठार, मरुस्थल आदि विषम जलवायु के कारण अति न्यून जन घनत्व रखने वाले प्रदेश है। तराई एवं भाबर प्रदेश में स्वास्थ्य पर एवं कष्ट दायक जलवायु के कारण ही गंगा सतलुज के विशाल मैदान की अपेक्षा कम जनसंख्या निवास करती है। जलवायु के वर्षा और तापमान जैसे घातक भजन संख्या के घनत्व को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। भारत के जिन राज्यों में वर्ष अधिक होती है वहां जनसंख्या घनत्व भी अधिक मिलता है।
(2) धरातल- समतल धरातल उपजाऊ भूमि तथा पर्याप्त जल सुविधाएँ कृषि के विकास में महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि भारत में मैदानी राज्य क्षेत्रों में पर्वतीय एवं पठारी राज्यों की अपेक्षा जन घनत्व अधिक है।
2. सामाजिक एवं आर्थिक कारक - तीव्र यातायात एवं संचार साधन उद्योग धंधों की सघनता, खनिज पदार्थ की उपलब्धता, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास आदि ऐसे कारक है जो जनसंख्या को आकर्षित करते हैं। अतः भारत के ऐसे राज्यों में जहाँ सामाजिक एवं आर्थिक विकास अधिक हुआ है जन घनत्व अधिक मिलता है।
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