मिट्टी:- मैं भूमि की सबसे ऊपरी परत हूं। मैं मौसम के प्रभाव से चट्टानों के टूटने से बनी हूं। मेरे अंदर जल, ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व है। यह प्राकृतिक तत्व मुझे मौलिक शक्ति प्रदान करते हैं।
मिट्टी:- मैं पृथ्वी पर चट्टानों एवं वातावरण की बिनता के कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग रंग की दिखाती देती है। कहीं मेरा रंग लाल है तो कहीं कला। इसी आधार पर में लाल मिट्टी, काली मिट्टी एवं लेट लाइटमिट्टी कहलाती है। यही नहीं कही मेरे अंदर बालू की मात्रा अधिक होती है।
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