पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना है- परि तथा आवरण, परि का अर्थ है चरों ओर तथा आवरण का अर्थ है घेरा हुआ। हमारे चारों ओर जो भी दिखाई देता है। जैसे हवा, पानी, मिट्टी, धूप, पेड़ पौधे, जीव जंतु, मनुष्य व अन्य वस्तुएं सभी पर्यावरण का हिस्सा है। यह सभी हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं।
पर्यावरण की आवश्कता:-
पर्यावरण सेही पृथ्वी पर समस्त जीवधारियों का अस्तित्व है। सांस लेने के लिए ऑक्सीजन हमें पर्यावरण की हवा से मिलती है। इसी प्रकार जल भी समस्त जीवधारियों के लिए आवश्यक है। यहां तक हमारी मूलभूत आवश्यकताओं अर्थात भोजन, कपड़ा और मकान की पूर्ति भी हमारा पर्यावरण करता है। अन्य जिओ को भी भोजन और आवास पर्यावरण से ही मिलता है।
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