ओजोन व्रत की क्षेण ता
ओजोन परत को पृथ्वी का छाता या रक्षा कवच कहते हैं ओजोन परत समताप मंडल में पृथ्वी से लगभग 12 से 25 किलोमीटर की ऊंचाई पर उपस्थिति रहती है आदर्श रूप में ओजोन परत की मोटाई निश्चित तप वायदा पर निश्चित होती है तथा मौसम में परिवर्तन के कारण बदलती रहती है बसंत रितु फरवरी- अप्रैल मैं सबसे ज्यादा एवं वर्षा ऋतु जुलाई से अक्टूबर में सबसे कम रहती है ओजोन पर सूर्य विकिरण की पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है पराबैंगनी करने जीवन के लिए अनेकों तरह से हानिकारक होती है पराबैंगनी किरणों से त्वचा का कैंसर मोतियाबिंद जैसे विभिन्न लोगों में बढ़ोतरी होती है तथा उत्परिवर्तन प्रतिरोधक क्षमता में कमी होती है
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Vanshika
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