क्या कभी आप किसी पहाड़ी स्थान हिल स्टेशन पर गए हैं यदि हां तो आपने वहां बर्फ के मजे भी जरूर लिए होंगे ऊंचे ऊंचे स्थानों जैसे शिमला मसूरी कुल्लू मनाली आदि में जाने के मौसम में बर्फ गिरती है अर्थात पत होता है हिमपात के कारण पूरे धरातल सड़क घरों आदि पर बर्फ की एक चादर सी बढ़ जाती है क्या कभी आपने सोचा है कि आकाश से बर्फ क्यों बरसती है और यह किस प्रकार पैदा होती है
हम जानते हैं कि पृथ्वी के धरातल से लगातार वापसी कारण होता रहता है जिससे बादल बन जाते हैं यह बदल ही वर्ष के रूप में बरसते हैं बादल बनने के समय जलवाष्प का संगठन जब हिमांक से भी कम ताप पर होता है तो वह तरल अवस्था बूंद में आए बिना सीधे ही ठोस अवस्था में बदल जाता है इसे इन कहते हैं शुरुआत में यह हम महीन कणों के रूप में होती है लेकिन बाद में इनका आकार बड़ा होने लगता है जब कानों का आकार बड़ा हो जाता है तो यह कान बोतल पर धोनी हुई हुई की भांति गिरने लगती है जिस कारण बर्फ की एक चादर सी बीच जाती है
कई बार हिमपात के साथ वर्षों की बूंदे भी गिरती है इसे सहीम दृष्टि कहते हैं यह वर्ष की बूंद के हमने या हम कानों के पिघलने जल के पूर्ण है हमने से होता है वास्तव में यह जलवृष्टि और हम वृष्टि का मिश्रण होता है सहीम वृष्टि ऐसी ही दृष्टि को भी कहा जाता है जिसमें हम के कुछ रवि पिंगला होते हैं जब बोतल के पास वाली वायु का तापमान ही मांग से ऊंचा होता है तो सही दृष्टि होती है जब बर्फ की कड़ी बड़ी गलियों की बौछार होती है तो इसे ओलावृष्टि कहते हैं आमतौर पर बरसात के दौरान ही ही ओले पड़ते हैं
धन्यवाद
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