मिट्टी में लाखों जीवन पालते हैं हम भी मिट्टी में खेल कर ही बड़े हुए हैं क्या कभी आपने सोचा है कि यह मिट्टी आखिर बनती कैसे हैं मिट्टी भीतर पर एक पतली परत के रूप में पाई जाती है जिसका निर्माण चट्टानों के टूटने से प्राप्त हुए खनिज कानून पेड़ पौधों के सड़े गले अंशु आदि से होता है मिट्टी में करोड़ों की संख्या में कीटाणु तथा उनके जैविक पदार्थों पर पढ़ने वाले अगणित जीवाणु भी होते हैं मिट्टी में जल भी होता है जो पेड़ पौधों को जीवन प्रदान करता है मिट्टी निर्माण के पांच प्रमुख कारण है जो निम्नलिखित है :
आधारित चट्टान अथवा जनक पदार्थ
जलवायु
जैविक पदार्थ
स्थलाकृति
विकास की अवधि
मिट्टी और चट्टान में भी अंतर होता है मिट्टी की उत्पत्ति चट्टानों से होती है जबकि चट्टानों का निर्माण खनिजों से होता है मिट्टी एक जैव पदार्थ है जबकि चट्टानें जब और अजब दोनों प्रकार की हो सकती है मिट्टी केवल धरातलीय पदार्थ है जबकि चट्टान तरह के लिए के अलावा भूगर्भ में भी पाई जाती है मिट्टी के कारण बारीक होते हैं जबकि चट्टानों में बारीक और मोटे दोनों प्रकार के कान होते हैं
मिट्टी को उसके गठन संरचना रूप रंग एवं उर्वरक करता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है संयुक्त राज्य का वर्गीकरण सभी मिशन को 11 मुख्य विभाग और 54 भागों 238 समूह 1922 उप समूह आदि में बांटा जाता है भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद आईसीएआर ने भारत की मिट्टियों को वर्गीकरण उत्पत्ति रंग संगठन आदि के आधार पर निम्नलिखित आर्ट वर्गों में विभाजित किया है
जलोढ़ मिट्टी
काली मिट्टी
लाल पीली मिट्टी
लेटराइट मिट्टी
शुष्क मिट्टी
खारि मिट्टी
जैविक मिट्टी
वन मिट्टी
नदी आदि द्वारा बहा कर लाई गई मिट्टी को जलोढ़ मिट्टी कहते हैं यह बेहद उपजाऊ मिट्टी होती है भारत के गंगा जमुना के दो आप क्षेत्र में यही जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है दक्कन के पत्थर में काली मिट्टी की अधिकता है
धन्यवाद
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