मुंह ऊपर उठकर आसमान की तरफ देखिये सारा आकाश हमें नीला दिखाई देता है बरसात के समय जरूर आसमान कुछ देर के लिए काला सा हो जाता है लेकिन सामान्य रूप से आकाश का रंग नीला ही होता है सवाल है कि आकाश का रंग नीला ही क्यों होता है यह पिलाया लाल क्यों नहीं होता
इस रहस्य का राज सूर्य के प्रकाश की प्रकृति में आसानी से खोजा जा सकता है हम जानते हैं कि सूर्य का प्रकाश कुल सात रंगों से मिल कर बना होता है और कोई वस्तु हमें इस रंग की दिखाई देती है जिस रंग को वह वस्तु सोख लेती है
पृथ्वी के किसी न किसी हिस्से पर सूर्य का प्रकाश लगातार पढ़ता रहता है सूर्य से जब प्रकाश धरातल की ओर आता है तो रास्ते में वह वायुमंडल में उपस्थित धूल बर्फ पानी आदि के अंगों से टकराकर फैल जाता है सूर्य प्रकाश में उपस्थित नीले रंग की करने की सर्वाधिक फैलती है इसलिए आकाश हमें नीला दिखाई देता है वास्तव में तो आकाश का वास्तविक रंग काला होता है लेकिन सूर्य के प्रकाश के परावर्तन के कारण वह हमें कल दिखाई देता है
धन्यवाद
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