नए बुद्धिजीवी लोग कार्य कनिष्ठ प्रशासनक वकील डॉक्टर अध्यापक अत्यधिक है इनमें से कुछ लोग इंग्लैंड में भी शिक्षा प्राप्त कर चुके थे उन्हें वहां इन राजनीतिक संस्थाओं की व्यवस्था भी देखी थी यहां लौटने पर उन्हें यह अनुभव हुआ कि उनके मौलिक अधिकार सुनने के बराबर है और वातावरण में दास्तान ही दस्त है
अंग्रेजी पढ़कर लिखे बुद्धिजीवी वर्ग अपने राजनीतिक अधिकार से परिचित थे उन्होंने अनुभव किया की सन 1833 ई के चार्टर एक्ट तथा रानी विक्टोरिया की सन 1858 ईस्वी में की गई घोषणा के दिए गए वचनों के बावजूद ऊंचे ऊंचे पदों के द्वारा भारतीय के लिए बंद ही थे यही लोग नवोदित राजनीतिक असंतोष का क्रोध बिंदु बने तथा भारतीय राजनीतिक संस्थाओं को नृत्य तत्व प्रदान किया
धन्यवाद
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Vanshika
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