लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोगों का शासन पर इसका अर्थ यह नहीं कि लोग एक दूसरे पर शासन करें बल्कि लोकतंत्र का तात्पर्य ऐसी शासन व्यवस्था से है जिस देश के लोगों की प्रत्येक्स या अप्रत्यक्ष रूप से सम्मान भागीदारी हो इसमें महिला पुरुषों दलित एवं अल्पसंख्यक को सहित समाज के अन्य सभी वर्गों की समान भागीदारी होते हैं हमारे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी व्यस्त 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग अपने मत का प्रयोग करके कुछ प्रतिनिधियों को चुनते हैं चुने हुए प्रतिनिधि मिलकर देश के लिए कानून बनाते हैं यह कानून भी अधिकांश चुने हुए लोगों की सहमति से बनते हैं लोग अपनी मर्जी से कानून नहीं बना सकते हैं इसके लिए बहुमत द्वारा निर्णय करने का अधिकार सबको बराबर मिलता है लोकतंत्र में व्यक्तिगत निर्णय नहीं अपितु सामूहिक निर्णय महत्व रहता है
धन्यवाद
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Vanshika
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