आहार नाल का शेष भाग 8 कहलाता है यह भाग अत्यधिक लंबा तथा कुंडली होता है यह लगभग पूरी तरह से गुहा को घेरे रहता है इसके दो प्रमुख भाग किया जा सकते हैं छोटी आंत तथा बड़ी आंत
छोटी आंत
ग्रैनी के निचले सिरे से छोटी आत आरंभ होती है यह सक्रिय तथा लगभग 6 मीटर लंबी पेशी नदी उधर के भीतर अत्यधिक कुंडली की स्थिति में स्थित रहती है छोटी आत की दीवार अपेक्षाकृत पतली होती है इसकी संरचना में सब स्टार वही होता है जो ग्रास मिली तथा आमाशय की दीवार में होते हैं लेकिन अंतर केवल पैसे सूत्रों के फैलाव की दिशा में ही होता है छोटी आंत की बाहरी परत को सिस आवरण कहते हैं यह अत्यंत सूक्ष्म होता है और भीतरी पर तो से बिल्कुल सत रहता है इसके बाद वाली परत पेशी सूत्रों की होती है इस प्रकार मांस सूत्र आंतरिक को गोलाकार घिरे हुए होते हैं
धन्यवाद
Leave a comment
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Vanshika
@DigitalDiaryWefru