यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है यह शरीर के दहनी ओढ़नी चीनी पसलियों के पीछे तथा महापरिंचियां पेशी के ठीक नीचे स्थित होती है यह है डेढ़ किलोग्राम की होती है यह गहरे भूरे लाल रंग की होती है इसमें दो भाग होते हैं दया भाग और बाय भाग दाएं भाग बाय भाग्य अपेक्षा बड़ा होता है या ग्रंथ में पीले हरे रंग का रस निकलता है जिसे पित्त रस कहते हैं या ग्रंथ में दो रक्त नलिकाएं रक्त को लाने का कार्य करती है यह रक्त नलिका या ग्रंथ धमनी कहलाती है यह महाधमनी की एक शाखा है यह महाधमनी से शुद्ध रक्त लाकर यकृत का पोषण करती है दूसरी नाली अशुद्ध रक्त वाहिका शिरा है जो पोर्टल शिरा कहलाती है यह शिरा उन सिरप से मिलकर बनती है जो अमाशा ए पलीहा तथा अग्नाशय से अशुद्ध रक्त लेकर लौटती है
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Vanshika
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