द्वितीय वर्ग के वस्त्र उपयोगी तंतु को कृत्रिम तंतु कहा जाता है इस वर्ग के वस्त्र प्रयोग तंतु प्रकृति में स्वतंत्र रूप से विद्वान नहीं होते इन तंतु को मानव ने अपने वैज्ञानिक विवेक के आधार पर प्रयोगशाला में निर्मित किया है इन तंतु को वस्त्र प्रयोग आधुनिक तंतु भी कहा जाता है वस्त्र प्रयोग कृत्रिम तंतु को भी विभिन्न वीडियो द्वारा तैयार किया जाता है इस आधार पर इन तंतुओं की भी दो वर्गों के अंतर्गत विभाजित किया जाता है जिन्हें क्रमश यांत्रिक वीडियो द्वारा तैयार कृत्रिम तंतु तथा रासायनिक वीडियो से तैयार तंतु के रूप में जाना जाता है यांत्रिक पद्धति से तैयार किया गया सर्वप्रथम कृत्रिम तंतु लियोन है रासायनिक विधि से तैयार किए जाने वाले कृत्रिम तंतु में प्रमुख है एक्रो लोन देखलो और लोन नायलॉन
रासायनिक तंतु :-
इनके तंतु मनुष्य द्वारा निर्मित किया जाता है प्राकृतिक साधनों से प्राप्त देश की तरह रासायनिक वीडियो से इन देशों का निर्माण करके टेलरों नायलॉन अल्फा आदि वस्त्रो का निर्माण किया जाता है आजकल इनका प्रचलन अधिक बढ़ रहा है यह रेशम के समान चमकीले होते हैं यह वस्त्र रश्मि वस्त्र के स्थान की पूर्ति करते हैं यह देखने में आकर्षक भर में हल्का व कोमल होता है भारत में सैकड़ो कारखाने इसका उत्पादन करते हैं बस या लकड़ी की लोदी को रासायनिक पदार्थ और वीडियो द्वारा दर्द के रूप में परिवर्तित करके मशीन के द्वारा रेशों के रूप में लाकर सुख लिया जाता है और इन्हीं देशों से वस्त्र तैयार कर लिया जाता है अधिक गर्मी से इसका तंतु पिघल जाता है गर्म पानी से धोने वह स्त्री करने से यह कमजोर हो जाता है
खनिज पदार्थों के तंतु:-
कुछ खनिज पदार्थ से भी वस्त्र का निर्माण किया जाता है इस पर स्टोर्स जालीदार वह किम ख्वाब के तंतु खनिज पदार्थ से ही प्राप्त किए जाते हैं इस पर स्टोर्स कोशिला तंतु कहते हैं इन कपड़ो पर अग्नि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के वस्त्र इसी तंतु के बने होते हैं जालीदार तंतु सोने चांदी वह अल्युमिनियम नमक धातु से तार खींचकर बनाए जाते हैं यह बहुत कीमती होते हैं तथा देखने में भड़कीले तथा भारी होते है
रियान को प्राकृतिक तथा कृत्रिम दोनों प्रकार का तंतु कहा जाता है
धन्यवाद
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