"मैं आज आपको हमारे जीवन में आने वाली कुछ घरेलू दुर्घटनाओं के बारे में बताने जा रही"
हमारे जीवन में बहुत से दुर्घटनाएं आती है जो निम्नलिखित प्रकार से है
नकसीर फुटना किसे कहते हैं -
गर्मी चोट रत्नलिका के फटने या रक्त की जनता के कारण नाक से रक्त पहने को नकसीर पटना कहते हैं सेवावस्था में रोगी को तुरंत खुली ताजी हवा में गर्दन को पीछे झुककर सीधा कुर्सी आज चौकी पर बैठा देना चाहिए उसके वेस्टन को ढीली करके उसे मुंह द्वारा सांस लेने को कहा जाए तत्पश्चात नाक से ऊपर तथा गर्दन पर बर्फ की थैली से सिकाई करनी चाहिए उसके पैरों को गर्म पानी में रखना चाहिए और चूसने के लिए बर्फ देनी चाहिए रोगी को बिना हिले डोले उसकी नाक को अंगूठे और उंगली के बीच पड़कर लगभग 5 मिनट तक दबाना चाहिए नकसीर के बाद न होने पर कुछ और देर नाक दबाए या नाक के अंदर भी भर दे
रोगी को धैर्य संतान देते रहना चाहिए और नाक साफ नहीं करने देना चाहिए जब प्रयासों के सफल होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए
शहर की मुखिया बर्र का काटना-
शहर की मक्खी अथवा बदल के काटने पर उसे स्थान पर बहुत बड़ा होती है जलन होने लगती है कटे हुए स्थान के चारों ओर सूजन आ जाती है कभी-कभी कटे हुए स्थान पर धक रह जाता है शहर की मक्खी अथवा बदल के काटने से उसके डाक को पी या चाबी की सहायता से बाहर निकाल देना चाहिए कटे हुए स्थान पर कोई बिना जग लगा साफ लोहा तुरंत रगड़ना चाहिए और स्पीड छोड़ना अथवा को रिस्टिक सोडा मारना चाहिए रोगी को पानी को पिलाना चाहिए गांव के ऊपर तुरंत एक पट्टी कसकर बांध देने से विश्व को फैलने से रोका जा सकता है
धन्यवाद-
Leave a comment
We are accepting Guest Posting on our website for all categories.
Vanshika
@DigitalDiaryWefru