Share your industry knowledge, business insights, and professional expertise on India's premier business blogging platform. Connect with customers, build authority, and grow your business through powerful content. Your words can educate, inspire, and transform your industry.
Find articles by manufacturers, traders, professionals
The perfect platform for writers of all levels
Simple, intuitive interface that lets you focus on what matters most - your writing.
Connect with thousands of writers, share feedback, and grow together.
Choose what to share publicly and what to keep private in your personal diary.
Discover what our community is writing about
|| माता कात्यायनी देवी कवच || कात्यायनौमुख पातुकां कां स्वाहास्वरूपणी। ललाटेविजया पातुपातुमालिनी नित्य सुंदरी॥ कल्याणी हृदयंपातुजया भगमालिनी॥
|| माता कालरात्रि देवी कवच || ॐ क्लींमें हदयंपातुपादौश्रींकालरात्रि। ललाटेसततंपातुदुष्टग्रहनिवारिणी॥ रसनांपातुकौमारी भैरवी चक्षुणोर्मम कहौपृष्ठेमहेशानीकर्णोशंकरभामिनी। वíजतानितुस्थानाभियानिचकवचेनहि। तानिसर्वाणिमें देवी सततंपातुस्तम्भिनी॥
|| माता कुष्मांडा देवी कवच || हसरै मे शिर: पातु कूष्माण्डे भवनाशिनीम्। हसलकरीं नेत्रथ, हसरौश्च ललाटकम्॥ कौमारी पातु सर्वगात्रे वाराही उत्तरे तथा। पूर्वे पातु वैष्णवी इन्द्राणी दक्षिणे मम। दिग्दिध सर्वत्रैव कूं बीजं सर्वदावतु॥
|| माता ब्रह्मचारिणी देवी कवच || त्रिपुरा में हृदयेपातुललाटेपातुशंकरभामिनी। अर्पणासदापातुनेत्रोअर्धरोचकपोलो॥ पंचदशीकण्ठेपातुमध्यदेशेपातुमहेश्वरी॥ षोडशीसदापातुनाभोगृहोचपादयो। अंग प्रत्यंग सतत पातुब्रह्मचारिणी॥
|| माता महागौरी देवी कवच || || कवच || ओंकार: पातुशीर्षोमां, हीं बीजंमां हृदयो। क्लींबीजंसदापातुनभोगृहोचपादयो॥ ललाट कर्णो,हूं, बीजंपात महागौरीमां नेत्र घ्राणों। कपोल चिबुकोफट् पातुस्वाहा मां सर्ववदनो॥
|| माता शैलपुत्री देवी कवच || ओमकार:में शिर: पातुमूलाधार निवासिनी। हींकार,पातुललाटेबीजरूपामहेश्वरी॥ श्रीकार:पातुवदनेलज्जारूपामहेश्वरी। हूंकार:पातुहृदयेतारिणी शक्ति स्वघृत॥ फट्कार:पातुसर्वागेसर्व सिद्धि फलप्रदा।
श्री वैष्णो देवी चालीसा ॥ दोहा॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धाम काली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम ॥ चौपाई ॥ नमो: नमो: वैष्णो वरदानी, कलि काल मे शुभ कल्याणी। मणि पर्वत पर ज्योति तुम्हारी, पिंडी रूप में हो अवतारी॥ देवी देवता अंश दियो है, रत्नाकर घर जन्म लियो है। करी तपस्या राम को पाऊँ, त्रेता की शक्ति कहलाऊँ॥ कहा राम मणि पर्वत जाओ, कलियुग की देवी कहलाओ। विष्णु रूप से कल्कि ब...
श्री प्रेतराज चालीसा ॥ दोहा ॥ गणपति की कर वंदना, गुरु चरनन चितलाय। प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय॥ जय जय भूताधिप प्रबल, हरण सकल दु:ख भार। वीर शिरोमणि जयति, जय प्रेतराज सरकार॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय प्रेतराज जग पावन। महा प्रबल त्रय ताप नसावन॥ विकट वीर करुणा के सागर। भक्त कष्ट हर सब गुण आगर॥ रत्न जटित सिंहासन सोहे। देखत सुन नर मुनि मन मोहे॥ जगमग सिर पर मुकुट सुहावन। कानन कुण्डल अति मन भावन॥ धनुष कृपाण...
卐 श्री काली चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता ॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै । कर में शीश शत्रु का साजै ॥ दूजे हाथ लिए मधु प्याला । हाथ तीसरे सोहत भाला ॥ चौथे खप्पर खड्ग कर पांचे । छठे त्रिशूल शत्रु बल जांचे ॥ सप्तम करदमकत असि प्यारी । शोभा...
卐 श्री कुबेर चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर । ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥ विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर । भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढ़ेर ॥ ॥ चौपाई ॥ जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी । धन माया के तुम अधिकारी ॥ तप तेज पुंज निर्भय भय हारी । पवन वेग सम सम तनु बलधारी ॥ स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी । सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी ॥ यक्ष यक्षणी की है सेना भ...
卐 श्री कृष्ण चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ वंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ ॥ चौपाई ॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन। जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नटनागर, नाग नथइया॥ कृष्ण कन्हइया धेनु चरइया॥ पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो। आओ दीनन कष्ट निवारो॥...
卐 श्री खाटू श्याम चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद। श्याम चालीसा भजत हूं, रच चौपाई छंद। ॥ चौपाई ॥ श्याम-श्याम भजि बारंबारा। सहज ही हो भवसागर पारा। इन सम देव न दूजा कोई। दिन दयालु न दाता होई। भीम सुपुत्र अहिलावती जाया। कही भीम का पौत्र कहलाया। यह सब कथा कही कल्पांतर। तनिक न मानो इसमें अंतर। बर्बरीक विष्णु अवतारा। भक्तन हेतु मनुज तन धारा। वासुदेव देवकी प्यारे। यशुमति मैया...
卐 श्री गंगा चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जननी हरण अघ खानी। आनंद करनि गंग महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता। कलिमल मूल दलनि विख्याता॥ जय जय जहानु सुता अघ हनानी। भीष्म की माता जगा जननी॥ धवल कमल दल मम तनु साजे। लखि शत शरद चंद्र छवि लाजे॥ वाहन मकर विमल शुचि सोहै। अमिय कलश कर लखि मन मोहै॥ जड़ित रत्न कंचन आभूषण। हिय मणि हर, हरण...
卐 श्री गणेश चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ जय गणपति सदगुण सदन, कवि वर बदन कृपाल, विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल । ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू, मंगल भरण करण शुभ काजू । जै गजबदन सदन सुखदाता, विश्व विनायक बुद्धि विधाता । वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन, तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन । राजत मणि मुक्तन उर माला, स्वर्ण मुकुट सिर नयन विशाला । पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं , मोदक भोग सुगन्धित फूलं । सुन्दर पीताम्बर त...
卐 श्री गायत्री चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ ह्रीं, श्रीं क्लीं मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड। शान्ति कान्ति , जागृति, प्रगति , रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननी , मंगल करनि, गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री, स्वधा स्वाहा पूरन काम॥ ॥ चौपाई ॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी, गायत्री नित कलिमल दहनी। अक्षर चौबीस परम पुनीता, इनमें बसें शास्त्र, श्रुति गीता। शाश्वत सतोगुणी सत रूपा, सत्य सनातन सुधा अनूपा। हंसारूढ श्वेताम्बर...
卐 श्री तुलसी चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी॥ श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब॥ ॥ चौपाई ॥ धन्य धन्य श्री तुलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता॥ हरि के प्राणहु से तुम प्यारी। हरीहीँ हेतु कीन्हो तप भारी॥ जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो। तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो॥ हे भगवन्त कन्त मम होहू। दीन जानी...
卐 श्री दुर्गा चालीसा 卐 नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लय कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।...
卐 श्री नर्मदा चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ देवि पूजित, नर्मदा, महिमा बड़ी अपार। चालीसा वर्णन करत, कवि अरु भक्त उदार॥ इनकी सेवा से सदा, मिटते पाप महान। तट पर कर जप दान नर, पाते हैं नित ज्ञान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय नर्मदा भवानी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी। अमरकण्ठ से निकली माता, सर्व सिद्धि नव निधि की दाता। कन्या रूप सकल गुण खानी, जब प्रकटीं नर्मदा भवानी। सप्तमी सुर्य मकर रविवारा, अश्वनि माघ मास अवतारा। वाहन मकर...
卐 श्री नवग्रह चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ श्री गणपति ग़ुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय , नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय जय, जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज, जयति राहू अरु केतु ग्रह, करहु अनुग्रह आज !! ॥ चौपाई ॥ श्री सूर्य स्तुति प्रथमही रवि कहं नावों माथा, करहु कृपा जन जानि अनाथा, हे आदित्य दिवाकर भानु, मै मति मन्द महा अज्ञानु, अब निज जन कहं हरहु क्लेशा, दिनकर द्वादश रूप दिनेशा, नमो भास्कर स...
卐 श्री पार्वती चालीसा 卐 ॥ दोहा॥ जय गिरी तनये दक्षजे शम्भू प्रिये गुणखानि। गणपति जननी पार्वती अम्बे ! शक्ति ! भवानि॥ ॥ चौपाई ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरे पावे , पंच बदन नित तुमको ध्यावे । षड्मुख कहि न सकत यश तेरो , सहसबदन श्रम करत घनेरो ।। तेरो पार न पावत माता, स्थित रक्षा लय हित सजाता। अधर प्रवाल सदृश अरुणारे , अति कमनीय नयन कजरारे ।। ललित लालट विलेपित केशर कुंकुंम अक्षत शोभा मनोहर। कनक बसन कञ्चुकि स...
Hear from our community members
"Wefru Digital Diary has transformed my writing habit. The community support and easy-to-use interface make it my go-to platform for daily journaling."
"As a professional writer, I appreciate the clean design and responsive features. It's perfect for drafting ideas and getting feedback from fellow writers."
"The privacy controls give me peace of mind for personal entries, while the public features help me grow my audience. Best of both worlds!"
Transform your knowledge into business growth
Manufacturers, Traders & Shopkeepers: Build trust with detailed product guides, showcase expertise through industry articles, and attract B2B customers with valuable content.
Doctors, Developers, Consultants: Create personal branding, demonstrate expertise, and attract high-value clients through case studies and professional insights.
Turn your knowledge into a marketing engine. Every article you write works 24/7 to attract customers, answer questions, and build your reputation.
Join our community of over 5,000 writers sharing their knowledge and experiences every day.
Start Writing Now Take a TourMultiple formats to share your expertise
Industry insights, tips, tutorials
Client success stories, projects
Share production insights, product knowledge, industry standards
Write about market trends, supply chain insights, business opportunities
How quality content transforms your business presence
Every article you publish is a new page for Google to index. Quality content helps you:
Content marketing delivers real business results:
"Your words can educate, inspire and grow businesses worldwide."
Whether you're a manufacturer explaining production processes, a doctor sharing health insights,
or a developer teaching coding – your knowledge has value. Share it on WEFRU.
Business Publishers
Business Articles
Monthly Reader Reach
How can I publish my business blog online for free?
Where can manufacturers write articles about their products?
Best platform for professionals to share business knowledge
How to promote my shop through blogging?
Free business blogging platform for Indian businesses
Connect with customers in your city. Mention your location in articles to attract local clients:
Your business knowledge is your greatest marketing asset. Share it on WEFRU and watch your authority grow.
WEFRU maintains high-quality standards. We encourage: Original business insights, Practical industry knowledge, Helpful tutorials, Real case studies. Let's build India's most valuable business knowledge repository together.