वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण की आवश्यकता

꧁ Digital Diary ༒ Wefru – India's Largest Writing Community ༒ Read, Write & Grow ༒꧂



   वन एवं वन्य जीवों के

   संरक्षण की आवश्यकता

 भारत में वन एवं वन्यजीवों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह पारिस्थितिक तंत्र का आधार है वरना केवल आक्सीजन प्रदान करते हैं बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वायु को शुद्ध करते हैं वह भाषा को आकर्षित करते हैं मिट्टी को अपरदन से बचते हैं और वायु को संतुलित बनाए रखते हैं वहीं अन्य जीव खाद्य सांखला को संतुलित रखते हैं जिससे पारिस्थितिक तंत्र में संतुलन बना रहता है

 वन एवं वन्य जीव हमारी जैव विविधता के प्रतीक है इनका संरक्षण पर्यावर नी वैज्ञानिक आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी आवश्यक है कि वन्य जीवों की प्रजातियां विलुप्त की कगार पर है जो पर्यावरणीय और संतुलन का संकेत है यदि वन्य जीव समाप्त हो जाते हैं तो इससे स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ता है वाहनों में हम लकड़ी ओशो दिया खाद्य पदार्थों में अनेक प्रकार की उपयोगी वस्तु प्राप्त होती है वन्य जीव पर्यटन और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए वन एवं वन्य जीवों का संरक्षण टिकाऊ विकास के लिए आवश्यक है

 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 - अधिनियम भारत सरकार द्वारा प्रेषित किया गया था इसके अंतर्गत अनेक वन्य जिओ का शिकार से सुरक्षा दी गई है और उन्हें संस्कृत क्षेत्र से सुरक्षित रखा गया है इसमें राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव अभ्यारण से की स्थापना भी शामिल है

  प्रोजेक्ट टाइगर 1973 -  बाघों की घाटी संख्या को देखते हुए इस परियोजना की शुरुआत की गई थी इसका उद्देश्य भागों के प्राकृतिक वासन को सुरक्षित रखना और उनकी जनसंख्या में वृद्धि करना है

 

     

FAQ

+

Anshika

Anshika

Verified Brand

Anshika 




Leave a comment

We are accepting Guest Posting on our website for all categories.


Comments





<