माइटोसिस (Mitosis) और मीयोसिस (Meiosis)

꧁ Digital Diary ༒Largest Writing Community༒꧂


Digital Diary Create a free account




माइटोसिस (Mitosis) और मीयोसिस (Meiosis)

माइटोसिस क्या है?

माइटोसिस कोशिका विभाजन की वह प्रक्रिया है, जिसमें एक कोशिका विभाजित होकर दो समान (identical) पुत्री कोशिकाएँ बनाती है। यह प्रक्रिया शारीरिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होती है और शरीर की वृद्धि, मरम्मत और विकास में सहायक होती है।

माइटोसिस के चरण

माइटोसिस को चार मुख्य चरणों में बाँटा गया है:

1.प्रोफेज (Prophase) –

क्रोमोसोम मोटे व स्पष्ट हो जाते हैं, नाभिकीय झिल्ली टूटने लगती है।

2.मेटाफेज (Metaphase) –

क्रोमोसोम कोशिका के मध्य भाग में एक पंक्ति में आ जाते हैं।

3.एनाफेज (Anaphase) –

क्रोमैटिड्स अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर जाते हैं।

4.टेलोफेज (Telophase) –

नये नाभिक बनते हैं और कोशिका दो भागों में बँट जाती है।

माइटोसिस का महत्व

  • शरीर की वृद्धि में सहायक

  • क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत

  • कोशिकाओं की संख्या बनाए रखना 

मीयोसिस (Meiosis) 

मीयोसिस क्या है?

मीयोसिस एक विशेष प्रकार का कोशिका विभाजन है, जिसमें एक कोशिका से चार असमान (genetically different) कोशिकाएँ बनती हैं। यह प्रक्रिया प्रजनन कोशिकाओं (गैमेट्स) में होती है।

मीयोसिस के चरण

मीयोसिस दो भागों में होता है:

1. मीयोसिस-I (Reduction Division)

  • क्रोमोसोमों की संख्या आधी हो जाती है

  • समजात क्रोमोसोम अलग होते हैं

2. मीयोसिस-II (Equational Division)

  • माइटोसिस जैसा विभाजन

  • चार हैप्लॉइड कोशिकाएँ बनती हैं

मीयोसिस का महत्व

  • यौन प्रजनन में सहायक

  • आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है

  • पीढ़ियों में क्रोमोसोम संख्या स्थिर रखता है

 माइटोसिस और मीयोसिस में अंतर (संक्षेप में)

माइटोसिस                                       

  • दो पुत्री कोशिकाएं बनती है                

  • गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है

  • दैहिक कोशिकाओं में होता है 

  • वृद्धि व मरम्मत में सहायक

 

मायोसिस 

  • चार पुत्री कोशिकाएं बनती है

  • गुणसूत्र की सख्या आधी होो जाती है 

  • जनन कोशिकाओं होता है

  • प्रजनन में सहायक

 

 




Leave a comment

We are accepting Guest Posting on our website for all categories.


Comments